लखनऊ के द्वारिकाधीश मंदिर में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने की पूजा, 56 भोग अर्पण; रासलीला की तैयारी तेज
लखनऊ: श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के पावन अवसर पर चौक स्थित श्री द्वारिकाधीश मंदिर परिसर में धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन का उल्लास देखने को मिला। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने मंदिर पहुंचकर भगवान श्रीकृष्ण की विधिवत पूजा-अर्चना की और प्रदेशवासियों को श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की शुभकामनाएं दीं। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं और आयोजक मंडल की ओर से विशेष तैयारियां की गई थीं।
राज्यपाल ने भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन कर प्रदेश की सुख-समृद्धि और शांति की कामना की। पूजा-अर्चना के दौरान मंदिर परिसर में भक्तिमय वातावरण रहा। इसके साथ ही भगवान श्रीकृष्ण को 56 भोग का प्रसाद अर्पित किया गया। मंदिर में आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह दिखाई दिया।
56 भोग से सजेगा भगवान श्रीकृष्ण का दरबार
श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के बाद अब मंदिर परिसर में श्रीकृष्ण जी के छठी उत्सव की तैयारियां भी जोर-शोर से शुरू हो गई हैं। आयोजक मंडल के अनुसार, छठी उत्सव के अवसर पर भगवान श्रीकृष्ण को 56 प्रकार के भोग अर्पित किए जाएंगे। इसके लिए 56 थालों में प्रसाद सजाया जाएगा।
धार्मिक परंपरा के अनुसार भगवान श्रीकृष्ण को अर्पित किए जाने वाले विभिन्न प्रकार के व्यंजनों को भक्तिभाव के साथ तैयार किया जाता है। इसके बाद श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया जाएगा। आयोजकों का कहना है कि इस आयोजन में शहर के अलग-अलग क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग मंदिर पहुंचते हैं और भगवान का प्रसाद ग्रहण करते हैं।
इस आयोजन की खास बात यह है कि यहां केवल पूजा-अर्चना ही नहीं होती, बल्कि धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं को भी श्रद्धालुओं के सामने प्रस्तुत किया जाता है।
वृंदावन के कलाकार प्रस्तुत करेंगे रासलीला
छठी उत्सव के दौरान वृंदावन से आए कलाकारों द्वारा विभिन्न प्रकार की रासलीलाओं का मंचन किया जाएगा। रासलीला के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण के जीवन और उनकी लीलाओं से जुड़े प्रसंगों को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया जाएगा।
आयोजक मंडल के अनुसार, रासलीला देखने के लिए भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के मंदिर पहुंचने की उम्मीद है। इसके लिए कार्यक्रम स्थल पर आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं। धार्मिक वातावरण के साथ सांस्कृतिक प्रस्तुतियां श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहेंगी।
वहीं, मंदिर परिसर में छठी उत्सव को लेकर तैयारियां लगातार आगे बढ़ रही हैं। प्रसाद व्यवस्था, कार्यक्रम आयोजन और श्रद्धालुओं के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं को लेकर आयोजक मंडल की ओर से तैयारियां की जा रही हैं।
हर साल आयोजित होता है धार्मिक कार्यक्रम
आयोजक मंडल ने बताया कि श्री द्वारिकाधीश मंदिर में यह कार्यक्रम हर वर्ष आयोजित किया जाता है। जन्मोत्सव और इसके बाद होने वाले छठी उत्सव में शहर के विभिन्न हिस्सों से लोग शामिल होते हैं। वर्षों से चली आ रही इस परंपरा के कारण आयोजन का धार्मिक महत्व श्रद्धालुओं के बीच विशेष है।
कार्यक्रम के दौरान मंदिर परिसर में भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना, भोग अर्पण और प्रसाद वितरण के साथ धार्मिक वातावरण बनता है। इसके अलावा रासलीला जैसी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां कार्यक्रम को और अधिक आकर्षक बनाती हैं।
आयोजकों के मुताबिक, इस आयोजन का उद्देश्य धार्मिक आस्था के साथ-साथ शहर के लोगों को एक साथ जोड़ना भी है। यही वजह है कि हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन करने और प्रसाद ग्रहण करने मंदिर पहुंचते हैं।
राज्यपाल ने दी प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं
श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के अवसर पर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने मंदिर में पूजा-अर्चना कर भगवान श्रीकृष्ण का आशीर्वाद लिया। इस दौरान मंदिर परिसर में मौजूद आयोजक मंडल के सदस्यों और अन्य लोगों ने राज्यपाल का स्वागत किया।
श्रीकृष्ण जन्मोत्सव देशभर में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है। भगवान श्रीकृष्ण को प्रेम, करुणा, धर्म और कर्म के संदेश से जोड़ा जाता है। ऐसे में जन्मोत्सव के अवसर पर मंदिरों में विशेष पूजा, भजन-कीर्तन और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
लखनऊ के चौक क्षेत्र स्थित श्री द्वारिकाधीश मंदिर में भी जन्मोत्सव के अवसर पर विशेष धार्मिक आयोजन किया गया। अब छठी उत्सव की तैयारियां शुरू होने के बाद मंदिर परिसर में एक बार फिर श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ने की संभावना है।
श्रद्धालुओं में उत्साह, प्रसाद वितरण की तैयारी
छठी उत्सव को लेकर श्रद्धालुओं में भी उत्साह है। आयोजक मंडल के अनुसार, 56 भोग के 56 थाल तैयार किए जाएंगे और इसके बाद प्रसाद श्रद्धालुओं में वितरित किया जाएगा। आयोजन में शामिल होने वाले लोगों के लिए धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आकर्षण का केंद्र रहेंगे।
वृंदावन के कलाकारों की रासलीला के जरिए भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं का मंचन किया जाएगा। इससे आयोजन में ब्रज संस्कृति की झलक भी देखने को मिलेगी। खासतौर पर भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं और उनसे जुड़े धार्मिक प्रसंगों को कलाकार अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से श्रद्धालुओं तक पहुंचाएंगे।
इसके अलावा मंदिर परिसर में आने वाले श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरण की व्यवस्था भी की जाएगी। आयोजकों का कहना है कि हर साल की तरह इस बार भी बड़ी संख्या में शहरवासी आयोजन में शामिल होकर भगवान श्रीकृष्ण का प्रसाद ग्रहण करेंगे।
आयोजन मंडल के सदस्य रहे मौजूद
श्री द्वारिकाधीश मंदिर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान आयोजक मंडल के मनीष गुप्ता, उत्तम कपूर, सुनील खन्ना, संदीप सोंधी, अनुराग मिश्रा और अमित टंडन सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे। सभी ने आयोजन की व्यवस्थाओं में सहयोग किया।

