नंदगांव में आज जन्माष्टमी की धूम, रंग-बिरंगी रोशनी से सजा नंद महल; आधी रात होगा महा जन्माभिषेक

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रिपोर्ट – योगेश भारद्वाज 

नंदगांव: भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं से जुड़ी ब्रजभूमि की पावन नगरी नंदगांव में जन्माष्टमी महोत्सव को लेकर श्रद्धा और उत्साह का वातावरण है। विश्व प्रसिद्ध नंद बाबा मंदिर को रंग-बिरंगी विद्युत रोशनी और आकर्षक सजावट से दुल्हन की तरह सजाया गया है। मंदिर परिसर में जन्माष्टमी की रौनक तीन दिनों तक दिखाई देगी। वहीं, शनिवार को प्राचीन सनातन परंपराओं के अनुसार भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव विधिवत रूप से मनाया जाएगा।

जन्माष्टमी के अवसर पर नंद बाबा मंदिर में होने वाले धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहेंगे। शाम से ही मंदिर परिसर में भक्ति संगीत और पारंपरिक आयोजनों का सिलसिला शुरू हो जाएगा। इसके बाद रात में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म से जुड़ी लीलाओं का मंचन किया जाएगा।

बधाई समाज के गायन से शुरू होगा उत्सव

जन्माष्टमी महोत्सव के तहत शनिवार की शाम नंद बाबा मंदिर प्रांगण में नंदगांव और बरसाना के गोस्वामी जनों द्वारा संयुक्त बधाई समाज का गायन किया जाएगा। ब्रज की प्राचीन परंपरा में बधाई गायन का विशेष महत्व माना जाता है। भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की खुशी में गाए जाने वाले पारंपरिक पद और भजनों से मंदिर परिसर भक्तिमय हो उठेगा।

इसके बाद रात करीब 10 बजे से ढी-ढाढ़ी और ढाढिंन लीला का जीवंत मंचन किया जाएगा। इस पारंपरिक लीला के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव की ब्रज संस्कृति से जुड़ी झलक श्रद्धालुओं के सामने प्रस्तुत की जाएगी।

आधी रात को होगा महा जन्माभिषेक

जन्माष्टमी महोत्सव का सबसे प्रमुख आकर्षण मध्य रात्रि में होने वाला भगवान श्रीकृष्ण का महा जन्माभिषेक होगा। रात 12 बजे भगवान के जन्म के बाद विशेष विधि-विधान से अभिषेक किया जाएगा। इसके पश्चात विशेष आरती के दर्शन होंगे।

भगवान के जन्म के समय मंदिर में श्रद्धालुओं की विशेष भीड़ उमड़ने की संभावना है। इस दौरान भक्त भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप के दर्शन कर जन्मोत्सव की खुशी में शामिल होंगे। मंदिर की आकर्षक विद्युत सजावट और धार्मिक वातावरण इस आयोजन को और खास बनाएगा।

तीन दिन तक आकर्षण का केंद्र रहेगा नंद बाबा मंदिर

नंदलाल के जन्मोत्सव को देखते हुए पूरे नंद बाबा मंदिर परिसर को विशेष रूप से सजाया गया है। रंग-बिरंगी रोशनी, आकर्षक विद्युत सजावट और अन्य सजावटी व्यवस्थाओं के कारण मंदिर की भव्यता देखते ही बन रही है।

नंद बाबा मंदिर के सेवायत पुजारी गोपाल गोस्वामी ने बताया कि नंदगांव निवासी दान बिहारी चौधरी ‘दानो नेता’ की ओर से मंदिर में तीन दिनों के लिए भव्य सजावट कराई गई है। इसके लिए हाथरस से विशेष रूप से कुशल कारीगर बुलाए गए हैं। कारीगरों ने मंदिर की प्राचीन वास्तुकला और धार्मिक स्वरूप को ध्यान में रखते हुए सजावट को आकर्षक रूप दिया है।

इस विशेष सजावट के चलते जन्माष्टमी के दौरान नंद बाबा मंदिर श्रद्धालुओं के साथ-साथ ब्रज की संस्कृति और धार्मिक परंपराओं में रुचि रखने वाले लोगों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बना रहेगा।

रविवार को होगा प्रसिद्ध नंद महोत्सव

जन्माष्टमी के अगले दिन यानी रविवार को नंद भवन में अपनी प्राचीन परंपरा के अनुसार नंद महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। नंदगांव में नंद महोत्सव का विशेष धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व है। भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की खुशी में मनाए जाने वाले इस महोत्सव में ब्रज की पारंपरिक लोक संस्कृति की झलक देखने को मिलेगी।

नंद महोत्सव के दौरान भांड बधाई, लट्ठा का मेला, मल्ल युद्ध और शंकर लीला जैसे विशेष आयोजन होंगे। इन कार्यक्रमों को देखने के लिए आसपास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है।

बधाई में बांटी जाएंगी मिठाइयां और उपहार

नंद महोत्सव के दौरान बधाई के रूप में मिठाई, पकवान, खेल-खिलौने और वस्त्र आदि लुटाए जाने की परंपरा भी निभाई जाएगी। ब्रज की लोक परंपराओं में इस आयोजन को भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की खुशी से जोड़कर देखा जाता है।

इसके साथ ही भगवान श्रीकृष्ण को छप्पन भोग भी निवेदित किया जाएगा। विभिन्न प्रकार के व्यंजनों से भगवान को भोग लगाया जाएगा और इसके बाद भक्तों के बीच प्रसाद वितरण की व्यवस्था की जाएगी।

भक्तों को मिलेगा विशेष प्रसाद

नंद बाबा मंदिर सेवा समिति के अध्यक्ष डॉ. भुवनेश गोस्वामी ने बताया कि जन्माष्टमी के अवसर पर मंदिर में आने वाले भक्तों को विशेष पोतरा और पंजरी प्रसाद वितरित किया जाएगा। मंदिर समिति की ओर से श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद की व्यवस्था की जा रही है, ताकि जन्मोत्सव में शामिल होने वाले भक्त धार्मिक आयोजन के साथ प्रसाद भी ग्रहण कर सकें।

नंदगांव की जन्माष्टमी की खासियत केवल भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव तक सीमित नहीं है, बल्कि यहां सदियों से चली आ रही ब्रज की लोक परंपराएं भी इस पर्व को विशिष्ट बनाती हैं। यही वजह है कि जन्माष्टमी और नंद महोत्सव के दौरान नंदगांव में धार्मिक आस्था के साथ ब्रज संस्कृति का जीवंत स्वरूप देखने को मिलता है।

प्राचीन परंपराओं के साथ मनाया जाएगा जन्मोत्सव

नंदगांव में जन्माष्टमी का यह आयोजन धार्मिक आस्था, लोक संस्कृति और प्राचीन परंपराओं का संगम है। शनिवार को जहां रात 12 बजे महा जन्माभिषेक और विशेष आरती के दर्शन होंगे, वहीं रविवार को नंद महोत्सव के जरिए भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की खुशी मनाई जाएगी।

इस प्रकार, नंद बाबा मंदिर की भव्य विद्युत सजावट, बधाई समाज का गायन, ढी-ढाढ़ी लीला, महा जन्माभिषेक और अगले दिन होने वाला नंद महोत्सव श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण रहेगा। नंदगांव में जन्माष्टमी के अवसर पर भक्ति के साथ ब्रज की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं की भी भव्य झलक देखने को मिलेगी।

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