मुरादाबाद में तीन मौतों के बाद हर्बल पार्क के पीछे अस्थायी पुल का मुद्दा गरमाया, स्थायी पुल की मांग तेज
रिपोर्ट – मोहम्मद अरशद
मुरादाबाद: थाना मझोला क्षेत्र में हर्बल पार्क के पीछे नदी पर बने अस्थायी पुल को लेकर ग्रामीणों की चिंता एक बार फिर सामने आई है। इस अस्थायी पुल से गिरने की घटनाओं में अब तक तीन लोगों की मौत होने की बात सामने आई है। लगातार हुए हादसों के बाद क्षेत्र के ग्रामीणों में नाराजगी है और लंबे समय से की जा रही स्थायी पुल निर्माण की मांग ने एक बार फिर जोर पकड़ लिया है।
मामले को लेकर समाजवादी पार्टी के विधायक कमाल अख्तर ने प्रभावित परिवार से बातचीत कर घटना पर दुख जताया और पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। विधायक ने कहा कि क्षेत्र की इस गंभीर समस्या को सरकार के सामने मजबूती से उठाया जाना जरूरी है, ताकि ग्रामीणों को आवागमन में सुरक्षित सुविधा मिल सके।
तीन मौतों के बाद बढ़ी चिंता
हर्बल पार्क के पीछे नदी पर बना अस्थायी पुल स्थानीय लोगों के लिए आवागमन का महत्वपूर्ण साधन बताया जा रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, आसपास के लोगों को नदी पार करने के लिए इस रास्ते का इस्तेमाल करना पड़ता है। हालांकि, पुल की स्थायी व्यवस्था नहीं होने के कारण लोगों को लंबे समय से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
अब तक तीन लोगों की मौत की घटनाओं के बाद ग्रामीणों की चिंता और बढ़ गई है। हादसों ने यह सवाल भी खड़ा कर दिया है कि आखिर कब तक लोगों को अस्थायी व्यवस्था के सहारे नदी पार करनी पड़ेगी। ग्रामीणों का कहना है कि स्थायी पुल का निर्माण होने से न केवल आवागमन आसान होगा, बल्कि हादसों की आशंका भी कम की जा सकेगी।
पीड़ित परिवार से मिले सपा विधायक
मामले की जानकारी के बाद समाजवादी पार्टी के विधायक कमाल अख्तर ने प्रभावित परिवार से बातचीत की। उन्होंने हादसे पर दुख जताते हुए पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। विधायक ने कहा कि इस तरह की घटनाएं बेहद चिंताजनक हैं और ग्रामीणों की समस्या को संबंधित स्तर पर उठाया जाना चाहिए।
विधायक ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि ग्रामीण लंबे समय से यहां स्थायी पुल बनाने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनकी कोशिश रहेगी कि क्षेत्र की इस समस्या को मीडिया के माध्यम से सरकार तक पहुंचाया जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि स्थायी पुल का निर्माण होने से ग्रामीणों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सकती है। साथ ही, भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने की दिशा में भी मदद मिलेगी।
वर्षों से स्थायी पुल की मांग
ग्रामीणों का कहना है कि स्थायी पुल की मांग कोई नई नहीं है। क्षेत्र के लोग कई वर्षों से इस समस्या के स्थायी समाधान की मांग करते आ रहे हैं। इसके बावजूद अभी तक अस्थायी पुल की व्यवस्था बनी हुई है। ग्रामीणों के मुताबिक, नदी पार करने के लिए इस रास्ते का उपयोग उनकी रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़ा हुआ है। ऐसे में जब पुल को लेकर हादसे सामने आते हैं, तो लोगों की चिंता स्वाभाविक रूप से बढ़ जाती है। उनका कहना है कि प्रशासन और सरकार को इस मामले को गंभीरता से लेते हुए स्थायी समाधान की दिशा में कदम उठाना चाहिए।
ग्रामीणों ने उठाई सुरक्षा की मांग
तीन मौतों के बाद ग्रामीणों ने एक बार फिर प्रशासन और सरकार से स्थायी पुल बनाने की मांग की है। उनका कहना है कि सिर्फ अस्थायी व्यवस्था से समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सकता। लोगों को सुरक्षित आवागमन उपलब्ध कराने के लिए मजबूत और स्थायी पुल की आवश्यकता है।
ग्रामीणों का कहना है कि पुल का निर्माण होने से आसपास के गांवों के लोगों को भी सुविधा मिलेगी। इसके अलावा दैनिक कामकाज, बाजार, रोजगार और अन्य जरूरी कार्यों के लिए आने-जाने वाले लोगों को सुरक्षित रास्ता मिल सकेगा।
सरकार तक आवाज पहुंचाने की कोशिश
सपा विधायक कमाल अख्तर ने कहा कि ग्रामीणों की इस मांग को सरकार तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। उनका कहना है कि मीडिया के माध्यम से भी इस समस्या को सामने लाने का उद्देश्य यही है कि संबंधित अधिकारियों और सरकार का ध्यान इस ओर आकर्षित हो।
विधायक ने हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए स्थायी समाधान जरूरी है। उन्होंने ग्रामीणों की मांग को गंभीरता से लिए जाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
स्थायी पुल बनने से मिलेगी राहत
स्थायी पुल का निर्माण होने की स्थिति में क्षेत्र के ग्रामीणों को लंबे समय से चली आ रही समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है। इससे लोगों को नदी पार करने के लिए अस्थायी व्यवस्था पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। साथ ही, आवागमन अधिक व्यवस्थित और सुरक्षित हो सकता है।
फिलहाल तीन मौतों के बाद हर्बल पार्क के पीछे बने अस्थायी पुल का मामला चर्चा में है। ग्रामीणों की मांग है कि प्रशासन इस मामले में आवश्यक कदम उठाए और स्थायी पुल निर्माण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाए।
कुल मिलाकर, मुरादाबाद के मझोला क्षेत्र में अस्थायी पुल से जुड़े हादसों के बाद स्थायी पुल की मांग फिर प्रमुखता से सामने आई है। ग्रामीण लंबे समय से इस समस्या के समाधान की मांग कर रहे हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन और सरकार इस मांग पर क्या कदम उठाते हैं और क्षेत्र के लोगों को सुरक्षित आवागमन की स्थायी सुविधा कब तक मिल पाती है।

