गाजीपुर का हैदरिया बनेगा पूर्वांचल का बड़ा एक्सप्रेसवे हब, विंध्य-पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के लिए भूमि अधिग्रहण शुरू
Digital UP News Desk
गाजीपुर: उत्तर प्रदेश में एक्सप्रेसवे नेटवर्क के विस्तार के साथ अब गाजीपुर का हैदरिया क्षेत्र आने वाले वर्षों में पूर्वांचल के एक महत्वपूर्ण परिवहन केंद्र के रूप में विकसित होने की दिशा में बढ़ रहा है। प्रस्तावित विंध्य-पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के निर्माण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए भूमि अधिग्रहण की कवायद शुरू कर दी गई है। उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) की ओर से भूमि अधिग्रहण से संबंधित गजट जारी किया गया है।
प्रशासन ने प्रस्तावित परियोजना के लिए करीब 504 हेक्टेयर भूमि से संबंधित प्रक्रिया शुरू की है। संबंधित भूमि मालिकों को निर्धारित समय के भीतर अपनी आपत्तियां दर्ज कराने का अवसर दिया गया है। अधिकारियों के अनुसार, गजट प्रकाशन के बाद परियोजना की प्रक्रिया में तेजी आने की उम्मीद है। आपत्तियों के निस्तारण के बाद भूमि अधिग्रहण की अगली कार्रवाई शुरू की जाएगी।
52 गांवों से होकर गुजरेगा प्रस्तावित एक्सप्रेसवे
विंध्य-पूर्वांचल एक्सप्रेसवे गाजीपुर जिले की तीन तहसीलों मोहम्मदाबाद, सेवराई और जमानिया क्षेत्र से होकर प्रस्तावित है। परियोजना से कुल 52 गांव प्रभावित होने की बात सामने आई है। इनमें से 48 गांवों की भूमि से संबंधित गजट पहले ही प्रकाशित किया जा चुका है। अब शेष प्रक्रिया को भी आगे बढ़ाया जा रहा है।
जिला प्रशासन की ओर से संबंधित भूमि मालिकों को निर्धारित अवधि में अपनी आपत्तियां प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है। इसके बाद प्राप्त आपत्तियों की जांच और निस्तारण किया जाएगा। वहीं, आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद भूमि अधिग्रहण का काम शुरू किया जाएगा।
इस पूरी प्रक्रिया का उद्देश्य परियोजना के लिए आवश्यक भूमि को कानूनी और निर्धारित प्रक्रिया के तहत उपलब्ध कराना है। इसके बाद निर्माण से जुड़ी गतिविधियों को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ होगा।
गाजीपुर में करीब 48 किलोमीटर का हिस्सा
प्रस्तावित विंध्य-पूर्वांचल एक्सप्रेसवे का करीब 48 किलोमीटर हिस्सा गाजीपुर जिले से होकर गुजरने की योजना है। यह मार्ग आगे चंदौली होते हुए मिर्जापुर को जोड़ने का काम करेगा। इस तरह एक्सप्रेसवे पूर्वांचल और विंध्य क्षेत्र के बीच सड़क संपर्क को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
दरअसल, पूर्वांचल के विभिन्न जिलों को बेहतर सड़क नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में यह परियोजना महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इसके बनने के बाद गाजीपुर के साथ-साथ आसपास के जिलों के लोगों को भी आवागमन में सुविधा मिलने की उम्मीद है।
इसके अलावा, भविष्य में इस एक्सप्रेसवे को गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ने की संभावनाएं भी जताई जा रही हैं। यदि विभिन्न एक्सप्रेसवे आपस में बेहतर तरीके से जुड़ते हैं, तो प्रदेश के कई हिस्सों के बीच यात्रा का समय कम होने के साथ-साथ माल परिवहन को भी गति मिल सकती है।
हैदरिया क्यों बन रहा है महत्वपूर्ण?
विंध्य-पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के कारण गाजीपुर का हैदरिया क्षेत्र खास तौर पर चर्चा में है। इसका एक प्रमुख कारण यह है कि पूर्वांचल एक्सप्रेसवे का जीरो माइल हैदरिया क्षेत्र से शुरू होता है। लगभग 340 किलोमीटर लंबा पूर्वांचल एक्सप्रेसवे गाजीपुर को सीधे लखनऊ से जोड़ता है।
ऐसे में हैदरिया पहले से ही पूर्वी उत्तर प्रदेश और राजधानी लखनऊ के बीच सड़क संपर्क का महत्वपूर्ण बिंदु है। अब यदि विंध्य-पूर्वांचल एक्सप्रेसवे भी यहां से जुड़ता है, तो इस क्षेत्र की भूमिका और अधिक बढ़ सकती है।
यही नहीं, गाजीपुर-बलिया-हाजीपुर राष्ट्रीय राजमार्ग-31 भी इसी क्षेत्र के आसपास से गुजरता है। भविष्य में एनएच-31 से संबंधित ग्रीनफील्ड सड़क परियोजनाओं के जुड़ने के बाद हैदरिया में परिवहन से जुड़ी गतिविधियों में और विस्तार होने की संभावना है।
कई प्रमुख मार्गों का बन सकता है संगम
हैदरिया की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए आने वाले समय में यह क्षेत्र कई महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं के बीच संपर्क बिंदु बन सकता है। एक तरफ पूर्वांचल एक्सप्रेसवे गाजीपुर को लखनऊ और पूर्वी उत्तर प्रदेश के अन्य हिस्सों से जोड़ता है। दूसरी तरफ प्रस्तावित विंध्य-पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के जरिए चंदौली और मिर्जापुर की ओर सीधा संपर्क मजबूत होने की उम्मीद है।
इसके साथ ही राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क और प्रस्तावित ग्रीनफील्ड मार्गों का विस्तार भी इस क्षेत्र के महत्व को बढ़ा सकता है। परिणामस्वरूप, हैदरिया में यातायात, परिवहन और लॉजिस्टिक्स से जुड़ी गतिविधियों के लिए नई संभावनाएं पैदा हो सकती हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, किसी क्षेत्र में कई बड़े राजमार्ग और एक्सप्रेसवे जुड़ने पर वहां आर्थिक गतिविधियों के विस्तार की संभावनाएं बढ़ती हैं। हालांकि, इसका वास्तविक प्रभाव परियोजनाओं के निर्माण और संचालन के बाद ही स्पष्ट रूप से सामने आएगा।
भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया के बाद बढ़ेगी परियोजना की रफ्तार
विंध्य-पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के लिए भूमि अधिग्रहण परियोजना का महत्वपूर्ण चरण है। गजट जारी होने के बाद अब संबंधित भूमि मालिकों को आपत्ति दर्ज कराने का अवसर दिया गया है। प्रशासन द्वारा प्राप्त आपत्तियों का नियमानुसार निस्तारण किया जाएगा।
इसके बाद भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। इसलिए, मौजूदा चरण को परियोजना की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति के रूप में देखा जा रहा है। भूमि उपलब्ध होने के बाद निर्माण संबंधी प्रक्रियाओं को गति मिलने की उम्मीद है।
हालांकि, किसी भी बड़े बुनियादी ढांचा प्रोजेक्ट की तरह इस परियोजना की समयसीमा कई प्रशासनिक और तकनीकी प्रक्रियाओं पर निर्भर करेगी। भूमि अधिग्रहण, आपत्तियों का निस्तारण और अन्य वैधानिक प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद ही निर्माण कार्य की स्थिति अधिक स्पष्ट होगी।
पूर्वांचल की कनेक्टिविटी को मिलेगा संभावित लाभ
उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ वर्षों में एक्सप्रेसवे आधारित सड़क नेटवर्क का विस्तार हुआ है। इसी क्रम में प्रस्तावित विंध्य-पूर्वांचल एक्सप्रेसवे को पूर्वांचल और विंध्य क्षेत्र के बीच कनेक्टिविटी मजबूत करने वाली परियोजना के रूप में देखा जा रहा है।
गाजीपुर, चंदौली और मिर्जापुर जैसे जिलों के बीच बेहतर सड़क संपर्क बनने से लोगों की आवाजाही आसान होने की उम्मीद है। साथ ही, कृषि उत्पाद, औद्योगिक सामान और अन्य वस्तुओं के परिवहन के लिए भी तेज सड़क मार्ग उपयोगी हो सकते हैं।
इसके अलावा, यदि भविष्य में इसे गंगा एक्सप्रेसवे और अन्य प्रमुख मार्गों से प्रभावी रूप से जोड़ा जाता है, तो उत्तर प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों के बीच सड़क नेटवर्क और अधिक व्यापक हो सकता है।
रोजगार और आर्थिक गतिविधियों की भी बढ़ सकती हैं संभावनाएं
बड़े एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट केवल परिवहन व्यवस्था तक सीमित नहीं रहते, बल्कि इनके आसपास आर्थिक गतिविधियों के विकास की संभावनाएं भी बढ़ती हैं। सड़क संपर्क बेहतर होने के साथ लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग, परिवहन, सर्विस सेंटर और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों के लिए नए अवसर बन सकते हैं।
ऐसे में हैदरिया और इसके आसपास के क्षेत्रों में भविष्य में व्यावसायिक गतिविधियों के विस्तार की संभावना देखी जा रही है। हालांकि, इसका वास्तविक स्वरूप परियोजना के पूरा होने और संबंधित क्षेत्रों में निवेश बढ़ने के बाद ही स्पष्ट होगा।
कुल मिलाकर, विंध्य-पूर्वांचल एक्सप्रेसवे की भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया शुरू होना गाजीपुर और पूर्वांचल के लिए महत्वपूर्ण विकास के रूप में देखा जा रहा है। प्रस्तावित मार्ग के पूरा होने और अन्य प्रमुख सड़कों से इसके जुड़ने के बाद हैदरिया की भूमिका एक प्रमुख परिवहन केंद्र के रूप में और मजबूत हो सकती है। फिलहाल प्रशासन का ध्यान भूमि से संबंधित आपत्तियों के निस्तारण और अधिग्रहण की अगली प्रक्रिया को पूरा करने पर है।

