मंडलायुक्त संगीता सिंह ने अटल आवासीय विद्यालय पीपली का किया निरीक्षण, छात्रों से किया संवाद
रिपोर्ट – मोहम्मद अरशद
मुरादाबाद: मंडलायुक्त मुरादाबाद श्रीमती संगीता सिंह ने मंगलवार को बिलारी स्थित अटल आवासीय विद्यालय, पीपली का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता, स्वास्थ्य सुविधाओं, आवासीय व्यवस्था, खेलकूद, स्वच्छता और प्रशासनिक व्यवस्थाओं का जायजा लिया। साथ ही, विद्यार्थियों से सीधे संवाद कर उनकी पढ़ाई, रुचियों, भविष्य की योजनाओं और विद्यालय में मिल रही सुविधाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की।
मंडलायुक्त ने विद्यालय प्रशासन को निर्देश दिए कि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं, सुरक्षित आवासीय वातावरण और सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक अवसर उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने कहा कि विद्यालय में उपलब्ध व्यवस्थाओं में लगातार सुधार किया जाना चाहिए, ताकि छात्र-छात्राएं अपनी प्रतिभा और क्षमताओं का बेहतर उपयोग कर सकें।
विद्यार्थियों से आत्मीय संवाद कर जानी पढ़ाई और भविष्य की योजनाएं
विद्यालय परिसर में पहुंचने पर उपश्रमायुक्त दीप्तिमान भट्ट, प्राचार्य टी.पी. सिंह, प्रशासनिक अधिकारी उमेश कुमार त्रिपाठी तथा छात्राओं ने पुष्पगुच्छ भेंट कर मंडलायुक्त का स्वागत किया। इसके बाद मंडलायुक्त ने विद्यार्थियों के साथ सहज वातावरण में बातचीत की।
संवाद के दौरान उन्होंने छात्र-छात्राओं से उनकी पढ़ाई, रुचियों, अभिलाषाओं और भविष्य की योजनाओं के बारे में जानकारी ली। उन्होंने विद्यार्थियों को लक्ष्य निर्धारित कर अनुशासन के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। साथ ही, उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को अपने करियर के प्रति जागरूक रहते हुए निरंतर अपनी प्रतिभा और क्षमताओं को विकसित करना चाहिए।
मंडलायुक्त ने विद्यार्थियों को सीखने की प्रक्रिया को केवल कक्षा तक सीमित नहीं रखने की सलाह दी। उन्होंने जिज्ञासु बने रहने, आसपास की दुनिया को समझने और नए अवसरों का स्वागत करने के लिए प्रेरित किया।
अपनी पुस्तकों का भी किया उल्लेख
विद्यार्थियों से बातचीत के दौरान मंडलायुक्त संगीता सिंह ने अपनी लिखित पुस्तकों “Fire in the Semal Tree” तथा “Walking with Wings and a Camera – Encounters with Birds of Aligarh” का उल्लेख किया। उन्होंने लेखन और प्रकृति से जुड़े अपने अनुभव विद्यार्थियों के साथ साझा किए।
उन्होंने बच्चों को प्रकृति को करीब से समझने और अपने अनुभवों को सीखने का माध्यम बनाने के लिए प्रोत्साहित किया। इसके अलावा, उन्होंने विद्यार्थियों से नियमित रूप से नई चीजों को सीखने और अपनी रुचियों को पहचानकर उनमें आगे बढ़ने का आह्वान किया।
स्वास्थ्य सुविधाओं पर मंडलायुक्त ने दिया विशेष जोर
निरीक्षण के दौरान मंडलायुक्त ने विद्यालय के मेडिकल रूम का भी जायजा लिया। उन्होंने वहां उपलब्ध दवाइयों और चिकित्सा सुविधाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की। इसके साथ ही, विद्यालय में संचालित टीकाकरण अभियान और मेडिकल कैंप की प्रगति की समीक्षा की।
मंडलायुक्त ने निर्देश दिए कि 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की सभी बालिकाओं का एचपीवी (HPV) टीकाकरण निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने विद्यार्थियों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए चिकित्सा संबंधी व्यवस्थाओं को नियमित रूप से बेहतर बनाए रखने पर जोर दिया।
कंप्यूटर शिक्षा और डिजिटल दक्षता पर जोर
इसके बाद मंडलायुक्त ने विद्यालय के कंप्यूटर कक्ष का निरीक्षण किया। उन्होंने कंप्यूटर शिक्षक हिमांशुजीत सिंह से विद्यार्थियों को दी जा रही कंप्यूटर शिक्षा और व्यावहारिक प्रशिक्षण के संबंध में जानकारी ली।
मंडलायुक्त ने कहा कि वर्तमान समय में तकनीकी ज्ञान विद्यार्थियों की शिक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसलिए बच्चों में डिजिटल दक्षता विकसित करना आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों को कंप्यूटर और आधुनिक तकनीक का उपयोग सीखने के साथ-साथ इसका रचनात्मक एवं उपयोगी इस्तेमाल करने के लिए प्रेरित किया।
पुस्तकालय में उपलब्ध पुस्तकों का लिया जायजा
मंडलायुक्त ने विद्यालय के पुस्तकालय का भी निरीक्षण किया। उन्होंने वहां उपलब्ध पुस्तकों का अवलोकन किया और विद्यार्थियों को नियमित अध्ययन के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि पाठ्य पुस्तकों के साथ-साथ समाचार-पत्र और उपयोगी साहित्य पढ़ने से विद्यार्थियों के सामान्य ज्ञान में वृद्धि होती है।
उन्होंने बच्चों को देश-दुनिया में हो रही घटनाओं से परिचित रहने की सलाह दी। इसके साथ ही, नियमित पढ़ने की आदत को व्यक्तित्व विकास और ज्ञान के विस्तार के लिए उपयोगी बताया।
टेबल टेनिस खेलकर बढ़ाया विद्यार्थियों का उत्साह
निरीक्षण के दौरान मंडलायुक्त ने विद्यार्थियों के बीच सहज वातावरण में टेबल टेनिस भी खेला। इससे छात्र-छात्राओं का उत्साह बढ़ा। उन्होंने कहा कि पढ़ाई के साथ खेलकूद भी विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
उन्होंने बच्चों को स्वस्थ प्रतिस्पर्धा, अनुशासन और टीम भावना को अपने जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया। साथ ही, खेल गतिविधियों में विद्यार्थियों की भागीदारी बढ़ाने पर भी जोर दिया।
मेस और छात्रावास की व्यवस्थाएं भी देखीं
मंडलायुक्त ने विद्यालय की मेस का निरीक्षण कर भोजन की व्यवस्था, स्वच्छता और विद्यार्थियों को उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली। छात्राओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए उन्होंने मेस में एयर कंडीशनर (एसी) की व्यवस्था किए जाने का सुझाव दिया, ताकि भोजन के समय उन्हें अधिक आरामदायक वातावरण मिल सके।
इसके बाद उन्होंने बालिका छात्रावास का निरीक्षण किया। छात्राओं के निवास कक्षों में स्वच्छता, सुव्यवस्था और रख-रखाव की स्थिति का जायजा लिया। कमरों की व्यवस्था पर उन्होंने संतोष व्यक्त किया और छात्राओं के अनुशासन तथा स्वच्छता-बोध की सराहना की।
स्वच्छता और हरियाली का दिया संदेश
मंडलायुक्त ने विद्यालय के शैक्षणिक एवं प्रशासनिक भवनों, परिसर और खेल मैदान का भी निरीक्षण किया। उन्होंने उपलब्ध संसाधनों की स्थिति की जानकारी लेते हुए परिसर को स्वच्छ और व्यवस्थित बनाए रखने के निर्देश दिए।
पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए मंडलायुक्त ने प्रशासनिक भवन के सामने वृक्षारोपण भी किया। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रकृति के प्रति संवेदनशील बनने और विद्यालय परिसर को स्वच्छ, सुंदर एवं हरा-भरा बनाए रखने के लिए प्रेरित किया।
विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य पर विशेष जोर
निरीक्षण के अंत में मंडलायुक्त ने उपश्रमायुक्त और प्राचार्य के साथ विद्यालय की आवश्यकताओं, उपलब्ध संसाधनों और भविष्य में किए जाने वाले सुधार कार्यों पर विस्तार से चर्चा की।
उन्होंने शिक्षा की गुणवत्ता, स्वास्थ्य सुविधाओं, आवासीय व्यवस्था, खेलकूद और विद्यार्थियों के समग्र विकास को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। मंडलायुक्त ने कहा कि अटल आवासीय विद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं, सुरक्षित आवासीय वातावरण और सर्वांगीण विकास के लिए अनुकूल अवसर उपलब्ध कराना है।
उन्होंने विद्यालय परिवार से व्यवस्थाओं में निरंतर सुधार करते हुए विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में और अधिक प्रभावी ढंग से कार्य करने का आह्वान किया।

