जालौन में बारिश से बिगड़े रास्तों को जल्द दुरुस्त करने के निर्देश, फसल नुकसान का सर्वे कर मिलेगा मुआवजा

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Digital UP News Desk

जालौन। जिले में लगातार हो रही बारिश से प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति को लेकर जिला प्रशासन ने सक्रियता बढ़ा दी है। बारिश के कारण कई स्थानों पर रास्तों की स्थिति खराब होने, नालों के ओवरफ्लो होने और किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचने की शिकायतों के बीच जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर जरूरी दिशा-निर्देश दिए। बैठक में आम लोगों को बारिश के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए सड़क, जलनिकासी और राहत व्यवस्था को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बारिश के कारण जिन रास्तों की स्थिति खराब हुई है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर दुरुस्त कराया जाए। इसके साथ ही सड़कों पर बने गड्ढों को तत्काल भरने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि आवागमन में लोगों को परेशानी न हो। इस संबंध में लोक निर्माण विभाग (PWD) और ग्रामीण अभियंत्रण विभाग (RES) के अधिकारियों को विशेष रूप से जिम्मेदारी सौंपी गई।

बारिश प्रभावित रास्तों को जल्द ठीक करने के निर्देश

बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि लगातार बारिश के कारण ग्रामीण और प्रमुख संपर्क मार्गों पर जहां भी क्षति हुई है, वहां संबंधित विभाग तत्काल कार्रवाई करें। विशेष रूप से ऐसे रास्तों को चिह्नित किया जाए, जिनसे बड़ी संख्या में ग्रामीणों, किसानों और विद्यार्थियों का आवागमन होता है।

अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सड़क पर बने गड्ढों को भरने के साथ ही क्षतिग्रस्त मार्गों की मरम्मत का कार्य तेजी से कराया जाए। इसके लिए PWD और RES अपने-अपने क्षेत्रों में स्थलीय निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें। प्रशासन का उद्देश्य बारिश के कारण बाधित हुए आवागमन को जल्द से जल्द सामान्य करना है।

इसके अलावा अधिकारियों से यह भी कहा गया कि बारिश के दौरान किसी भी मार्ग पर आवागमन बाधित होने की स्थिति में तत्काल सूचना प्राप्त कर वैकल्पिक व्यवस्था की जाए। इससे लोगों को अनावश्यक परेशानी से बचाया जा सकेगा।

नालों के ओवरफ्लो होने पर वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था

बारिश के दौरान कई क्षेत्रों में नालों और जलनिकासी व्यवस्था के ओवरफ्लो होने की स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी ने अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन स्थानों पर पानी भरने या नालों के ओवरफ्लो होने की संभावना रहती है, वहां पहले से वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

प्रशासन को ऐसे संवेदनशील स्थानों की पहचान करने के लिए भी कहा गया है, जहां तेज बारिश के बाद जलभराव के कारण लोगों का आवागमन प्रभावित हो सकता है। ऐसे स्थानों पर संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ काम करें और जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित एवं सुगम वैकल्पिक रास्ता उपलब्ध कराया जाए।

साथ ही, अधिकारियों को जलभराव वाले क्षेत्रों की लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं। इससे किसी भी समस्या की जानकारी समय रहते प्रशासन तक पहुंच सकेगी और आवश्यक कदम तुरंत उठाए जा सकेंगे।

फसल नुकसान का सर्वे कर किसानों को मुआवजा

लगातार बारिश से किसानों की फसलों पर पड़ने वाले संभावित प्रभाव को देखते हुए जिलाधिकारी ने फसल नुकसान का सर्वे कराने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से कहा कि बारिश से प्रभावित क्षेत्रों में खेतों का स्थलीय निरीक्षण कर नुकसान का आकलन किया जाए।

प्रशासन की ओर से यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया कि फसल नुकसान से संबंधित सर्वे निष्पक्ष और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार किया जाए। सर्वे के आधार पर पात्र किसानों को नियमानुसार सहायता और मुआवजा उपलब्ध कराने की कार्रवाई की जाएगी।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सर्वे कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। किसानों को यदि बारिश के कारण फसल नुकसान हुआ है तो उसकी जानकारी संबंधित विभाग तक पहुंचाने और आवश्यक प्रक्रिया पूरी कराने में भी सहयोग किया जाए।

इससे किसानों को समय पर सरकारी सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को गति मिल सकेगी। साथ ही, प्रशासन को बारिश से कृषि क्षेत्र पर पड़े प्रभाव की वास्तविक स्थिति का भी आकलन करने में मदद मिलेगी।

जनहानि और पशुहानि पर 24 घंटे में सहायता

बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने आपदा की स्थिति में राहत एवं सहायता व्यवस्था को लेकर भी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बारिश के कारण यदि कहीं जनहानि या पशुहानि की घटना होती है तो संबंधित परिवारों को नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया में देरी नहीं होनी चाहिए।

अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि ऐसी किसी भी घटना की सूचना मिलने पर आवश्यक कार्रवाई करते हुए निर्धारित प्रक्रिया के तहत 24 घंटे के भीतर सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाए। इसके लिए संबंधित विभागों और स्थानीय प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने को कहा गया।

जिलाधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि बारिश के दौरान किसी भी आपात स्थिति को गंभीरता से लिया जाए और सूचना मिलने के बाद मौके पर तत्काल टीम भेजकर स्थिति का आकलन किया जाए।

विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर

बैठक में बारिश से उत्पन्न होने वाली विभिन्न समस्याओं से निपटने के लिए विभागों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर जोर दिया गया। सड़क, जलनिकासी, कृषि और राहत से जुड़े विभागों को अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय रहने के निर्देश दिए गए।

प्रशासन की ओर से कहा गया कि बारिश के दौरान केवल समस्या सामने आने के बाद कार्रवाई करने के बजाय संवेदनशील क्षेत्रों की पहले से पहचान की जाए। इससे जलभराव, रास्ते बंद होने और अन्य समस्याओं से निपटने में प्रशासन को मदद मिलेगी।

इसके अलावा अधिकारियों को क्षेत्र में भ्रमण कर जमीनी स्थिति की जानकारी लेने के निर्देश भी दिए गए, ताकि शासन और प्रशासन के निर्देशों का प्रभावी तरीके से पालन सुनिश्चित किया जा सके।

लोगों की सुविधा प्रशासन की प्राथमिकता

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बारिश के दौरान आम जनता की सुविधा को प्राथमिकता दी जाए। खराब रास्तों की मरम्मत, गड्ढों को भरना, जलनिकासी की व्यवस्था, वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध कराना और फसल नुकसान का आकलन जैसे कार्य समयबद्ध तरीके से पूरे किए जाएं।

वहीं, किसी भी आपदा की स्थिति में प्रभावित लोगों को तत्काल राहत उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया। प्रशासन का प्रयास है कि लगातार बारिश के कारण जिले में उत्पन्न होने वाली समस्याओं का समय रहते समाधान किया जाए और लोगों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।

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