मथुरा में VIP का विशाल जुलूस, राजू दास के खिलाफ कार्रवाई की मांग; मुकेश साहनी ने दी आंदोलन की चेतावनी

23

रिपोर्ट- योगेश भारद्वाज 

मथुरा, 1 सितंबर। लाइव टीवी डिबेट के दौरान कांग्रेस प्रवक्ता कुंवर सिंह निषाद के साथ कथित अभद्र भाषा के इस्तेमाल के विरोध में मंगलवार को मथुरा में विकासशील इंसान पार्टी (VIP) के नेतृत्व में बड़ा प्रदर्शन किया गया। पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और बिहार सरकार के पूर्व मंत्री मुकेश साहनी के नेतृत्व में हजारों कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने दामोदरपुरा से मथुरा कलेक्ट्रेट तक विशाल जुलूस निकाला। प्रदर्शनकारियों ने राजू दास के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई किए जाने की मांग की।

जुलूस में VIP के साथ कांग्रेस, इंडिया गठबंधन से जुड़े कार्यकर्ता, कम्युनिस्ट दलों तथा विभिन्न सामाजिक संगठनों के लोग भी शामिल हुए। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने प्रशासन से मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की मांग करते हुए नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि सार्वजनिक मंच पर किसी भी व्यक्ति के सम्मान को ठेस पहुंचाने वाली भाषा का इस्तेमाल स्वीकार्य नहीं होना चाहिए और शिकायत मिलने के बाद कानून के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।

दामोदरपुरा से कलेक्ट्रेट तक निकला जुलूस

मंगलवार को दामोदरपुरा से शुरू हुआ जुलूस धीरे-धीरे बड़े काफिले में बदल गया। बड़ी संख्या में कार्यकर्ता हाथों में पार्टी के झंडे और विभिन्न मांगों से संबंधित संदेश लेकर कलेक्ट्रेट की ओर रवाना हुए। रास्ते में कार्यकर्ताओं ने राजू दास के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर नारेबाजी की।

प्रदर्शनकारियों का कहना था कि मामला केवल राजनीतिक मतभेद का नहीं है, बल्कि सार्वजनिक संवाद में मर्यादा और कानून के समान अनुपालन से जुड़ा है। इसी वजह से उन्होंने प्रशासन से तत्काल प्राथमिकी दर्ज करने और मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।

जुलूस के कलेक्ट्रेट पहुंचने के बाद प्रदर्शनकारियों ने जिलाधिकारी से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपने की कोशिश की। प्रदर्शन को देखते हुए कलेक्ट्रेट परिसर में पुलिस बल की तैनाती की गई थी। प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष इंतजाम किए गए।

जिलाधिकारी के नहीं मिलने पर बढ़ा आक्रोश

कलेक्ट्रेट पहुंचने के बाद प्रदर्शनकारी करीब तीन घंटे तक जिलाधिकारी से मुलाकात का इंतजार करते रहे। बताया गया कि जिलाधिकारी मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में व्यस्त होने के कारण प्रदर्शनकारियों से मुलाकात नहीं कर सके। इसके बाद प्रदर्शनकारियों में नाराजगी बढ़ गई।

जिलाधिकारी की ओर से सिटी मजिस्ट्रेट प्रदर्शनकारियों के बीच पहुंचे। हालांकि, प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर स्पष्ट कार्रवाई का आश्वासन चाहते थे। पर्याप्त संतोषजनक जवाब नहीं मिलने की बात कहते हुए उन्होंने नारेबाजी तेज कर दी।

इसके बाद प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत का दौर चला। करीब शाम तीन बजे सीओ सिटी आईपीएस आसना चौधरी मौके पर पहुंचीं। उन्होंने VIP के राष्ट्रीय संयोजक मुकेश साहनी और प्रतिनिधिमंडल से बातचीत की। इसके बाद प्रदर्शनकारियों की ओर से दिया गया ज्ञापन स्वीकार किया गया।

पुलिस अधिकारी ने मामले में नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन को कार्रवाई के लिए 24 घंटे की समयसीमा देते हुए अपना आंदोलन समाप्त कर दिया।

मुकेश साहनी ने दी 24 घंटे की समयसीमा

प्रदर्शन के दौरान सभा को संबोधित करते हुए मुकेश साहनी ने कहा कि कानून का इस्तेमाल राजनीतिक सुविधा के आधार पर नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति के सम्मान को ठेस पहुंचाने वाली भाषा का इस्तेमाल सार्वजनिक मंच पर किया जाता है तो शिकायत मिलने के बाद संबंधित मामले में कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए।

मुकेश साहनी ने कहा कि प्रशासन को 24 घंटे का समय दिया गया है। यदि इस अवधि में मुकदमा दर्ज कर प्रभावी कार्रवाई नहीं की जाती है तो VIP कार्यकर्ता दोबारा मथुरा पहुंचेंगे और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से जवाब मांगेंगे।

उन्होंने आगे कहा कि यदि मामले में न्याय नहीं मिलता है तो आंदोलन को केवल मथुरा तक सीमित नहीं रखा जाएगा। उनके मुताबिक, जरूरत पड़ने पर इसे उत्तर प्रदेश के अन्य हिस्सों तक भी ले जाया जाएगा।

साहनी ने यह भी कहा कि किसी भी आम नागरिक, महिला, दलित, पिछड़े या विपक्ष से जुड़े व्यक्ति के मामले में कानून का समान रूप से पालन होना चाहिए। उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष जांच और नियमानुसार कार्रवाई की मांग की।

कुंवर सिंह निषाद ने कार्रवाई में देरी पर उठाए सवाल

कांग्रेस प्रवक्ता कुंवर सिंह निषाद ने भी प्रदर्शन के दौरान अपनी बात रखी। उन्होंने आरोप लगाया कि लाइव टीवी डिबेट के दौरान उनके साथ कथित तौर पर अभद्र एवं आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने कहा कि उन्होंने इस संबंध में कानून और प्रशासन के समक्ष अपनी शिकायत रखी है।

निषाद के मुताबिक, उनकी मांग किसी विशेष व्यक्ति के खिलाफ अलग तरह की कार्रवाई कराने की नहीं है, बल्कि कानून के समान और निष्पक्ष इस्तेमाल की है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक मंच पर संवाद की मर्यादा बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।

उन्होंने प्रशासन से राजू दास के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। साथ ही उन्होंने कहा कि यदि संबंधित व्यक्ति को अपने कथित बयान पर खेद है तो वह सार्वजनिक रूप से माफी भी मांग सकता है।

कांग्रेस ने भी आंदोलन को समर्थन देने की बात कही

कांग्रेस जिला अध्यक्ष मुकेश धनगर ने कहा कि कानून का राज तभी मजबूत माना जाएगा, जब वह सत्ता पक्ष और विपक्ष से जुड़े लोगों पर समान रूप से लागू हो। उन्होंने मामले में पुलिस से निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की।

मुकेश धनगर ने कहा कि शिकायत के बाद कार्रवाई में देरी होने से लोगों के बीच सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन निष्पक्ष कार्रवाई नहीं करता है तो कांग्रेस और इंडिया गठबंधन से जुड़े कार्यकर्ता लोकतांत्रिक तरीके से इस मुद्दे को आगे उठाएंगे।

प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से तीन प्रमुख मांगें रखीं। इनमें कुंवर सिंह निषाद की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज करना, मामले की निष्पक्ष जांच कराना और शिकायतकर्ता की सुरक्षा सुनिश्चित करना शामिल है।

बड़ी संख्या में नेता और कार्यकर्ता रहे मौजूद

प्रदर्शन में VIP के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राजा राम बिंद, अहमदाबाद प्रदेश अध्यक्ष हरिओम वर्मा निषाद, वरिष्ठ नेता प्रेमचंद कश्यप, महेंद्र निषाद, जिलाध्यक्ष हेमंत निषाद, बाबा बालदास, देवेंद्र निषाद, बलबीर निषाद, कमल किशोर निषाद, मोहन निषाद, विजय निषाद, सत्य प्रकाश निषाद, सुरेंद्र निषाद, हेमराज निषाद, नेम सिंह निषाद और शिव कुमार निषाद समेत कई पदाधिकारी मौजूद रहे।

इसके अलावा कांग्रेस जिला अध्यक्ष मुकेश धनगर, विक्रम वाल्मीकि, मनोज गौड़, शिवदत्त चतुर्वेदी, रवि वाल्मीकि, यूथ कांग्रेस के प्रदेश महासचिव अनाम धन्य तिवारी, कम्युनिस्ट नेता गफ्फार अब्बास एडवोकेट, यूथ कांग्रेस जिला अध्यक्ष दुर्गेश बघेल समेत कई नेता प्रदर्शन में शामिल हुए।

भारतीय किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष सोनू फौजी, माधव गौतम एडवोकेट, देवकीनंदन एडवोकेट, शालू सिकरवार एडवोकेट, देवकीनंदन कश्यप, डॉ. पुरुषोत्तम निषाद, डालचंद निषाद एडवोकेट, हीरालाल कश्यप, सुमित कश्यप, प्रेमवीर पाराशर, रोहित शर्मा, दिनेश शर्मा, प्रीतम सिकरवार, राहुल सिकरवार एडवोकेट, संजीव कुमार और कोमल सिंह सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और समर्थक मौजूद रहे।

24 घंटे की समयसीमा के बाद अगला कदम महत्वपूर्ण

फिलहाल प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन को 24 घंटे की समयसीमा दी है। ऐसे में अब सभी की नजर प्रशासन की ओर से होने वाली कार्रवाई पर है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यदि निर्धारित समय में शिकायत के आधार पर कानूनी प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ती है तो वे फिर से आंदोलन कर सकते हैं।

You may have missed