यूपी की बड़ी उपलब्धि: GeM पर 1 लाख करोड़ से ज्यादा की खरीद, तीन राष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित
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लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने सार्वजनिक खरीद व्यवस्था के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। राज्य ने गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (GeM) के माध्यम से वर्ष 2017 में प्लेटफॉर्म की स्थापना से अब तक 1 लाख करोड़ से अधिक की खरीद दर्ज की है। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश ने डिजिटल और पारदर्शी सरकारी खरीद के क्षेत्र में अपनी मजबूत स्थिति दर्ज कराई है।
राज्य सरकार के अनुसार, देश के सभी राज्यों द्वारा GeM के माध्यम से की गई कुल खरीद में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी 30 प्रतिशत से अधिक है। सरकार इस उपलब्धि को डिजिटल गवर्नेंस, पारदर्शिता, दक्षता और समावेशी सार्वजनिक खरीद व्यवस्था को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मान रही है।
GeM पर यूपी की खरीद ने बनाया रिकॉर्ड
गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस यानी GeM केंद्र सरकार का डिजिटल सार्वजनिक खरीद प्लेटफॉर्म है, जिसके माध्यम से सरकारी विभाग और संस्थान विभिन्न वस्तुओं एवं सेवाओं की खरीद करते हैं। उत्तर प्रदेश में भी सरकारी विभागों और सार्वजनिक संस्थानों ने इस डिजिटल प्लेटफॉर्म का बड़े स्तर पर इस्तेमाल किया है।
राज्य सरकार के मुताबिक, GeM पर 1 लाख करोड़ से अधिक की खरीद दर्ज होना इस बात का संकेत है कि प्रदेश में सरकारी खरीद व्यवस्था तेजी से डिजिटल माध्यम की ओर बढ़ी है। इससे खरीद प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने में सहायता मिली है।
इसके अलावा डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अधिक विक्रेताओं की भागीदारी होने से सरकारी संस्थानों को प्रतिस्पर्धी कीमतों पर उत्पाद और सेवाएं प्राप्त करने का अवसर मिलता है। इस तरह सरकारी खरीद में बेहतर कीमत और गुणवत्ता के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की गई है।
तीन राष्ट्रीय पुरस्कारों से यूपी का सम्मान
उत्तर प्रदेश की इस उपलब्धि को राष्ट्रीय स्तर पर भी सम्मान मिला है। 10 अगस्त 2026 को नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आयोजित GeM के 10वें स्थापना दिवस समारोह में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने उत्तर प्रदेश को सार्वजनिक खरीद के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए तीन राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किए।
राज्य को मिले पुरस्कारों में GeM Overall Excellence Award, Highest GeM Procurement Value और Best Outreach Building Award शामिल हैं।
उत्तर प्रदेश शासन की ओर से ये पुरस्कार प्रमुख सचिव शशिभूषण लाल सुशील ने प्राप्त किए। इन सम्मानों को प्रदेश में GeM के उपयोग, खरीद की मात्रा और क्षमता निर्माण से जुड़े प्रयासों की राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता के तौर पर देखा जा रहा है।
पारदर्शी खरीद व्यवस्था पर जोर
उत्तर प्रदेश सरकार का कहना है कि GeM के व्यापक इस्तेमाल से सरकारी खरीद प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और प्रतिस्पर्धी बनाने में मदद मिली है। पहले जहां सरकारी खरीद की प्रक्रिया में कई स्तरों पर कागजी औपचारिकताएं और प्रक्रियागत चुनौतियां होती थीं, वहीं डिजिटल व्यवस्था ने कई चरणों को ऑनलाइन उपलब्ध कराया है।
इसके परिणामस्वरूप सरकारी विभागों के लिए उत्पादों और सेवाओं की उपलब्धता की तुलना करना आसान हुआ है। साथ ही अधिक संख्या में विक्रेताओं को सरकारी बाजार तक पहुंच बनाने का अवसर मिला है।
सरकार के अनुसार, इस व्यवस्था का उद्देश्य केवल खरीद की मात्रा बढ़ाना नहीं, बल्कि सरकारी धन का प्रभावी इस्तेमाल करते हुए बेहतर गुणवत्ता और उचित कीमत सुनिश्चित करना भी है।
1 लाख करोड़ की खरीद को ‘वैल्यू फॉर मनी’ से जोड़ा
राज्य सरकार ने GeM पर दर्ज ₹1 लाख करोड़ से अधिक की खरीद को ‘वैल्यू फॉर मनी’ की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है। डिजिटल खरीद व्यवस्था में प्रतिस्पर्धा बढ़ने से सरकारी संस्थानों को अलग-अलग विक्रेताओं और उत्पादों की तुलना करने का अवसर मिलता है।
इससे सरकारी खरीद को अधिक परिणामोन्मुख बनाने में मदद मिल सकती है। वहीं, डिजिटल रिकॉर्ड के कारण खरीद प्रक्रिया से संबंधित जानकारी को व्यवस्थित तरीके से रखने और उसकी निगरानी करने में भी सुविधा होती है।
इसके साथ ही राज्य सरकार ने सरकारी खरीद के दायरे में छोटे कारोबारियों और स्थानीय उद्यमियों की भागीदारी बढ़ाने पर भी जोर दिया है।
MSME और महिला उद्यमियों को अवसर
GeM के माध्यम से उत्तर प्रदेश में एमएसएमई, महिला उद्यमियों, एससी/एसटी वर्ग के उद्यमों और स्टार्टअप्स के लिए भी सरकारी बाजार तक पहुंच के अवसर बढ़ाने का प्रयास किया गया है।
डिजिटल प्लेटफॉर्म के कारण छोटे कारोबारियों को सरकारी खरीदारों तक पहुंच बनाने के लिए व्यापक बाजार उपलब्ध होता है। इससे स्थानीय स्तर पर काम करने वाले उद्यमों को राज्य के अलावा दूसरे क्षेत्रों में भी अपने उत्पाद और सेवाएं उपलब्ध कराने का अवसर मिल सकता है।
सरकार का मानना है कि समावेशी सार्वजनिक खरीद व्यवस्था से छोटे और मध्यम उद्यमों को बढ़ावा देने के साथ-साथ रोजगार और कारोबार के अवसरों को भी विस्तार मिल सकता है।
अधिकारियों के प्रशिक्षण पर भी दिया गया जोर
उत्तर प्रदेश की GeM आधारित खरीद व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण पर भी जोर दिया गया है। राज्य में समय-समय पर अधिकारियों, विभागों और अन्य हितधारकों के लिए प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं।
इन कार्यक्रमों का उद्देश्य अधिकारियों को GeM की सुविधाओं, प्रक्रियाओं और डिजिटल खरीद व्यवस्था से परिचित कराना रहा है। सरकार के अनुसार, प्रशिक्षण के कारण विभागों को प्लेटफॉर्म का अधिक प्रभावी तरीके से इस्तेमाल करने में सहायता मिली।
क्षमता निर्माण और जागरूकता से जुड़े प्रयासों को भी राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश को Best Outreach Initiative for Capacity Building से जुड़े प्रयासों के लिए सम्मानित किए जाने की जानकारी दी गई है।
डिजिटल गवर्नेंस मॉडल को मिली मजबूती
उत्तर प्रदेश सरकार इस उपलब्धि को अपने डिजिटल गवर्नेंस और गुड गवर्नेंस मॉडल की सफलता से जोड़ रही है। सरकारी खरीद में तकनीक के इस्तेमाल से पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है।
वहीं, GeM जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म का बड़े पैमाने पर उपयोग सरकारी विभागों को खरीद प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित तरीके से संचालित करने में मदद कर रहा है। इसके अलावा छोटे कारोबारियों और नए उद्यमियों को सरकारी बाजार से जोड़ने की दिशा में भी अवसर बढ़े हैं।
कुल मिलाकर, उत्तर प्रदेश का GeM पर 1 लाख करोड़ से अधिक की खरीद का आंकड़ा और तीन राष्ट्रीय पुरस्कार मिलना सार्वजनिक खरीद व्यवस्था में राज्य की बढ़ती डिजिटल भागीदारी को दर्शाता है। अब सरकार के सामने इस व्यवस्था को और अधिक प्रभावी, पारदर्शी, समावेशी और परिणाम आधारित बनाने की चुनौती रहेगी।

