अखिलेश यादव का योगी सरकार पर हमला, बोले AI में हम काफी आगे, भ्रष्टाचार और एक्सप्रेसवे को लेकर भी घेरा

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Digital UP News Desk

लखनऊ: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सोमवार को लखनऊ में मीडिया को संबोधित करते हुए प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने सरकार पर विपक्षी नेताओं को बदनाम करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के जरिए वीडियो तैयार कर उन्हें प्रसारित करने का आरोप लगाया। अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार को इस तरह के प्रयासों से बचना चाहिए, क्योंकि AI के मामले में समाजवादी पार्टी उनसे काफी आगे है।

मीडिया से बातचीत के दौरान अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से जुड़ा एक AI वीडियो भी दिखाया। उन्होंने दावा किया कि इस वीडियो के माध्यम से प्रदेश की कानून-व्यवस्था समेत सरकार से जुड़े कई मुद्दों पर सवाल उठाए गए हैं। हालांकि, वीडियो के संदर्भ में उन्होंने इसे AI तकनीक से तैयार किया गया बताया।

AI वीडियो को लेकर अखिलेश यादव का सरकार पर हमला

अखिलेश यादव ने कहा कि विपक्ष के नेताओं को बदनाम करने के लिए AI का इस्तेमाल करना उचित नहीं है। उन्होंने सरकार को चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि इस तरह के प्रयासों में समाजवादी पार्टी पीछे नहीं है। उनके मुताबिक, अगर AI के जरिए विपक्ष को बदनाम करने की कोशिश की जाएगी तो समाजवादी पार्टी तकनीक के क्षेत्र में इसका जवाब देने में सक्षम है।

उन्होंने कहा कि सरकार को ऐसे मामलों में बच्चों के खेल जैसी राजनीति नहीं करनी चाहिए। अखिलेश यादव ने दावा किया कि AI के मामले में उनकी पार्टी काफी आगे है। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में AI और डिजिटल माध्यमों के इस्तेमाल को लेकर बहस तेज होने की संभावना है।

आज के दौर में राजनीतिक दल सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल कर रहे हैं। ऐसे में AI से तैयार सामग्री को लेकर राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप भी बढ़ रहे हैं। इसी संदर्भ में अखिलेश यादव ने सरकार पर विपक्ष को बदनाम करने का आरोप लगाया।

भ्रष्टाचार को लेकर योगी सरकार पर निशाना

अखिलेश यादव ने प्रदेश में भ्रष्टाचार के मुद्दे पर भी योगी सरकार को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में बड़े पैमाने पर लूट हो रही है और मौजूदा सरकार को उन्होंने अब तक की सबसे ज्यादा भ्रष्ट सरकार बताया।

हालांकि, ये आरोप अखिलेश यादव द्वारा लगाए गए राजनीतिक आरोप हैं। सरकार की ओर से इन आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया आती है, यह अलग विषय है। राजनीतिक मंचों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच भ्रष्टाचार को लेकर पहले भी आरोप-प्रत्यारोप होते रहे हैं।

अखिलेश यादव ने कहा कि प्रदेश में भ्रष्टाचार का असर विकास कार्यों पर भी दिखाई दे रहा है। उन्होंने दावा किया कि सरकार में भ्रष्टाचार की वजह से प्रदेश प्रभावित हो रहा है। साथ ही उन्होंने सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए।

स्कूल बंद करने के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा

सपा अध्यक्ष ने प्रदेश में स्कूलों को बंद किए जाने के मुद्दे को भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार स्कूल बंद करवा रही है। अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी बंद किए गए स्कूलों में जाकर कार्यक्रम आयोजित करेगी और जनता को सरकार के कामकाज के बारे में जानकारी देगी।

उन्होंने कहा कि पार्टी आने वाले समय में ऐसे स्थानों पर जाकर लोगों से संवाद करेगी। इसके जरिए समाजवादी पार्टी सरकार की नीतियों और फैसलों को जनता के बीच उठाने की तैयारी में है।

दरअसल, सरकारी स्कूलों से जुड़े फैसले उत्तर प्रदेश की राजनीति में लंबे समय से चर्चा का विषय रहे हैं। विपक्ष अक्सर शिक्षा व्यवस्था, स्कूलों की स्थिति और सरकारी संस्थानों से जुड़े फैसलों को लेकर सरकार पर सवाल उठाता रहा है। इसी क्रम में अखिलेश यादव ने भी स्कूलों के मुद्दे को राजनीतिक अभियान से जोड़ने के संकेत दिए।

कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे के निर्माण पर सवाल

अखिलेश यादव ने प्रदेश में बनाए जा रहे और बनाए जा चुके एक्सप्रेसवे की गुणवत्ता को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे का उदाहरण देते हुए कहा कि इसमें गड्ढे हो गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अब डिजाइन में गड़बड़ी की बात कही जा रही है।

अखिलेश यादव ने सवाल उठाया कि अगर डिजाइन में गड़बड़ी हुई है तो इसके लिए जिम्मेदारी किसकी तय होगी। उन्होंने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और जवाबदेही को लेकर सरकार से सवाल किए।

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उद्घाटन किए गए एक एक्सप्रेसवे की स्थिति का भी जिक्र किया। अखिलेश यादव के मुताबिक, उस एक्सप्रेसवे में भी गड्ढे हो गए हैं। उन्होंने इन उदाहरणों के जरिए प्रदेश में सड़क और एक्सप्रेसवे निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठाया।

हालांकि, किसी भी सड़क या एक्सप्रेसवे की गुणवत्ता को लेकर अंतिम निष्कर्ष संबंधित तकनीकी जांच और आधिकारिक रिपोर्ट के आधार पर ही निकाला जा सकता है। अखिलेश यादव ने अपने बयान में इन परियोजनाओं को लेकर सरकार पर राजनीतिक हमला किया।

PWD को लेकर भी लगाए आरोप

सपा अध्यक्ष ने लोक निर्माण विभाग यानी PWD की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि विभाग में लूट मची हुई है। उनके इस बयान के जरिए उन्होंने सड़क निर्माण और सरकारी परियोजनाओं में कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाया।

अखिलेश यादव ने कहा कि प्रदेश में बड़े पैमाने पर सरकारी धन खर्च हो रहा है, लेकिन उसके अनुपात में विकास दिखाई नहीं दे रहा है। उन्होंने सरकार से विकास कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की।

विपक्ष की ओर से सरकारी परियोजनाओं में खर्च और गुणवत्ता को लेकर सवाल उठाना राजनीतिक बहस का हिस्सा रहा है। ऐसे में अखिलेश यादव के इस बयान को भी सरकार की नीतियों के खिलाफ सपा के राजनीतिक अभियान के रूप में देखा जा रहा है।

कुंभ के खर्च को लेकर भी सवाल

अखिलेश यादव ने प्रयागराज में कुंभ से लेकर अब तक हुए खर्च का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने दावा किया कि इस अवधि में एक लाख करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च हो गया, लेकिन सवाल यह है कि इससे प्रदेश को क्या विकास मिला।

उन्होंने सरकार से खर्च किए गए धन और उसके परिणामों को लेकर सवाल किया। अखिलेश यादव का कहना था कि जनता को यह जानने का अधिकार है कि सरकारी धन कहां और किस तरह खर्च हुआ।

उन्होंने प्रदेश में भ्रष्टाचार का आरोप दोहराते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया है। हालांकि, उनके द्वारा बताए गए खर्च के आंकड़े और उनसे जुड़े दावों की पुष्टि के लिए आधिकारिक वित्तीय आंकड़ों और सरकारी रिकॉर्ड को देखना जरूरी होगा।

जयंत चौधरी और सीट बंटवारे पर भी बोले अखिलेश

मीडिया से बातचीत के दौरान अखिलेश यादव ने केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी और आगामी राजनीतिक समीकरणों को लेकर भी महत्वपूर्ण टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी अगर जयंत चौधरी को 61 सीटें देती है, तभी उनका सम्मान माना जाएगा।

अखिलेश यादव ने कहा कि अगर भाजपा की ओर से जयंत चौधरी को 61 से कम सीटें दी जाती हैं तो इसे उनका अपमान माना जाएगा। उनका यह बयान उत्तर प्रदेश की राजनीति में संभावित गठबंधन और सीटों के बंटवारे को लेकर चर्चा के बीच आया है।

जयंत चौधरी राष्ट्रीय लोक दल (RLD) के प्रमुख हैं और पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति में उनका महत्वपूर्ण प्रभाव माना जाता है। ऐसे में सीट बंटवारे को लेकर अखिलेश यादव की टिप्पणी राजनीतिक रूप से अहम मानी जा रही है।

चुनावी रणनीति के संकेत

अखिलेश यादव के सोमवार के बयान को आगामी राजनीतिक रणनीति से जोड़कर भी देखा जा रहा है। एक तरफ उन्होंने AI और सोशल मीडिया के इस्तेमाल को लेकर सरकार पर हमला बोला, वहीं दूसरी ओर भ्रष्टाचार, शिक्षा, सड़क और विकास परियोजनाओं जैसे मुद्दों को जनता के सामने उठाने के संकेत दिए।

इसके अलावा, जयंत चौधरी को लेकर उनकी टिप्पणी ने संभावित राजनीतिक समीकरणों पर भी चर्चा को बढ़ा दिया है। ऐसे में आने वाले समय में समाजवादी पार्टी इन मुद्दों को किस तरह जनता के बीच ले जाती है, यह देखने वाली बात होगी।

कुल मिलाकर अखिलेश यादव ने अपने मीडिया संबोधन में योगी सरकार को AI, भ्रष्टाचार, स्कूलों, एक्सप्रेसवे, PWD और कुंभ के खर्च जैसे कई मुद्दों पर घेरा। वहीं, जयंत चौधरी के लिए 61 सीटों वाली टिप्पणी के जरिए उन्होंने राजनीतिक गठबंधनों और सीट बंटवारे पर भी अपना नजरिया सामने रखा।

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