आयराखेड़ा में नशे के खिलाफ युवाओं की नई पहल, खुली बैठक में गांव की समस्याओं पर हुई चर्चा
रिपोर्ट – योगेश भारद्वाज
राया: थाना क्षेत्र के गांव आयराखेड़ा में युवाओं की पहल पर नशा मुक्ति अभियान और गांव की मूलभूत समस्याओं को लेकर खुली बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने हिस्सा लिया। इस दौरान गांव को नशामुक्त बनाने, युवाओं को नशे से दूर रखने और स्थानीय समस्याओं के समाधान के लिए सामूहिक प्रयास करने पर जोर दिया गया।
बैठक में ग्रामीणों ने गांव की सड़क, सफाई, पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की। साथ ही युवाओं ने नशे के बढ़ते प्रभाव को लेकर चिंता जताई और कहा कि इससे युवा पीढ़ी के भविष्य पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। ग्रामीणों ने नशे के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाने और युवाओं को सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ने के लिए मिलकर काम करने का संकल्प लिया।
युवाओं ने नशे के खिलाफ उठाई आवाज
आयराखेड़ा में आयोजित खुली बैठक में युवाओं ने नशे की समस्या को प्रमुखता से उठाया। युवाओं का कहना था कि किसी भी गांव और समाज के विकास में युवा वर्ग की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। ऐसे में युवाओं को नशे जैसी बुरी आदतों से दूर रखना सामूहिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि केवल किसी एक व्यक्ति या संस्था के प्रयास से नशे की समस्या का समाधान संभव नहीं है। इसके लिए परिवार, ग्रामीण, युवा और सामाजिक संगठनों को मिलकर जागरूकता फैलानी होगी। इसी उद्देश्य से गांव में समय-समय पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने पर सहमति बनी।
बैठक में मौजूद ग्रामीणों ने युवाओं की इस पहल का समर्थन किया। साथ ही उन्होंने भरोसा दिलाया कि गांव को नशामुक्त बनाने के लिए चलाए जाने वाले अभियान में हरसंभव सहयोग किया जाएगा।
सड़क, सफाई और पेयजल की समस्याओं पर चर्चा
बैठक का उद्देश्य केवल नशे के खिलाफ जागरूकता तक सीमित नहीं रहा। ग्रामीणों ने गांव की मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाया। बैठक में सड़क, सफाई और पेयजल सहित अन्य स्थानीय समस्याओं पर चर्चा की गई।
ग्रामीणों का कहना था कि किसी भी गांव के विकास के लिए बेहतर सड़क, स्वच्छ वातावरण और पर्याप्त पेयजल जैसी सुविधाएं आवश्यक हैं। इसलिए इन समस्याओं को संबंधित विभागों और प्रशासन के समक्ष उठाकर समाधान कराने के लिए सामूहिक प्रयास किए जाने चाहिए।
बैठक में यह भी चर्चा हुई कि ग्रामीण अपने स्तर पर समस्याओं को चिह्नित करें और प्राथमिकता के आधार पर उनके समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों तक अपनी बात पहुंचाएं।
जागरूकता अभियान चलाने पर जोर
नशा मुक्ति को लेकर युवाओं ने जागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया। उनका कहना था कि नशे से होने वाले सामाजिक और व्यक्तिगत नुकसान के बारे में लोगों को जागरूक करना जरूरी है।
इसके लिए गांव में युवाओं के बीच संवाद, जागरूकता बैठक और सामाजिक गतिविधियां आयोजित करने की बात कही गई। इसके अलावा अभिभावकों से भी अपने बच्चों के साथ संवाद बनाए रखने और उनकी गतिविधियों पर सकारात्मक तरीके से ध्यान देने की अपील की गई।
ग्रामीणों ने कहा कि जागरूकता के साथ-साथ युवाओं को खेल, शिक्षा, रोजगार और अन्य रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ना भी जरूरी है। इससे युवा अपनी ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में लगा सकेंगे।
गांव की समस्याओं के समाधान के लिए एकजुट होने का संकल्प
खुली बैठक में ग्रामीणों ने गांव की समस्याओं के समाधान के लिए एकजुट होकर प्रयास करने का संकल्प लिया। ग्रामीणों का कहना था कि स्थानीय समस्याओं को लेकर अलग-अलग स्तर पर शिकायत करने के बजाय सामूहिक रूप से संबंधित अधिकारियों के सामने मुद्दे उठाने से समाधान की प्रक्रिया को बेहतर तरीके से आगे बढ़ाया जा सकता है।
इसके अलावा ग्रामीणों ने कहा कि गांव में समय-समय पर ऐसी खुली बैठकें आयोजित की जानी चाहिए। इससे लोगों को अपनी समस्याएं रखने के साथ-साथ उनके समाधान के लिए आगे की रणनीति तैयार करने का अवसर मिलेगा।
बैठक में मौजूद लोगों ने आपसी सहयोग और सामाजिक एकजुटता बनाए रखने पर भी जोर दिया।
आगे भी होंगे जागरूकता कार्यक्रम
ग्रामीणों ने बताया कि आयराखेड़ा को नशामुक्त बनाने की दिशा में यह शुरुआत आगे भी जारी रखी जाएगी। आने वाले समय में युवाओं और ग्रामीणों को जोड़कर जागरूकता अभियान चलाने की योजना है।
बैठक में यह भी कहा गया कि नशे की समस्या को केवल कानून-व्यवस्था के नजरिए से देखने के बजाय सामाजिक जागरूकता के माध्यम से भी इसका समाधान तलाशना जरूरी है। परिवार और समाज का सहयोग मिलने पर युवाओं को नशे से दूर रखने के प्रयास अधिक प्रभावी हो सकते हैं।
इसी तरह गांव की सड़क, सफाई, पेयजल और अन्य समस्याओं को लेकर भी संबंधित विभागों तक सामूहिक रूप से मांग पहुंचाने का निर्णय लिया गया।
ग्रामीणों ने युवाओं की पहल का किया समर्थन
बैठक में युवाओं की पहल को ग्रामीणों का समर्थन मिला। लोगों ने कहा कि गांव के युवाओं द्वारा सामाजिक मुद्दों को लेकर आगे आना सकारात्मक पहल है। इससे अन्य युवाओं को भी समाज और गांव के विकास से जुड़े कार्यों में भाग लेने की प्रेरणा मिल सकती है।
ग्रामीणों ने नशे से दूर रहने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश देने पर जोर दिया। साथ ही युवाओं से शिक्षा, खेल और रोजगार जैसे सकारात्मक क्षेत्रों में आगे बढ़ने की अपील की गई।
कुल मिलाकर, आयराखेड़ा में आयोजित खुली बैठक में नशा मुक्ति अभियान के साथ गांव की मूलभूत समस्याओं को लेकर भी सामूहिक चर्चा हुई। ग्रामीणों ने नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने और गांव के विकास से जुड़े मुद्दों के समाधान के लिए मिलकर काम करने का संकल्प लिया।
बैठक में सुनील चौधरी, काना भैया, शुभम चौधरी, मनवेंद्र चौधरी, पुनीत चौधरी, टीटू तेवतिया मगदा, राजू नेताजी, ऋषि चौधरी, दीपा, भूपेंद्र चौधरी, बलराम चौधरी, सुवम उपमन्यु, राहुल चौधरी, गुड्डू प्रधान, विकास पाठक, ललित पाठक, चालू पंडित, जयपाल मंत्री, मनीष पंडित, विराट बृजवासी, गिरीश चौधरी, हरिओम चौधरी और रसीदा खान सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

