दलीप ट्रॉफी में वैभव सूर्यवंशी का धमाका, 92 रन की पारी से 57 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ा
Digital UP News Desk
दलीप ट्रॉफी के सेमीफाइनल मुकाबले में युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने अपनी शानदार बल्लेबाजी से एक बार फिर सभी का ध्यान खींचा है। ईस्ट जोन की ओर से खेलते हुए वैभव ने सेंट्रल जोन के गेंदबाजों के खिलाफ आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी की। उन्होंने महज 81 गेंदों में 92 रन की तेजतर्रार पारी खेली। इस दौरान उनके बल्ले से सात चौके और सात छक्के निकले। हालांकि, वह शतक से सिर्फ आठ रन दूर रह गए।
वैभव की इस पारी की खास बात यह रही कि उन्होंने केवल रन ही नहीं बनाए, बल्कि दलीप ट्रॉफी के इतिहास में एक बड़ा रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया। उन्होंने 57 साल पुराने रिकॉर्ड को तोड़ते हुए दलीप ट्रॉफी में अर्धशतक लगाने वाले सबसे युवा बल्लेबाज बनने का गौरव हासिल किया। इसके अलावा उनकी इस पारी ने आगामी टी20 मुकाबलों से पहले उनकी शानदार फॉर्म का भी संकेत दे दिया है।
ईस्ट जोन और सेंट्रल जोन के बीच सेमीफाइनल मुकाबला
बेंगलुरु स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में ईस्ट जोन और सेंट्रल जोन के बीच दलीप ट्रॉफी का सेमीफाइनल मुकाबला खेला जा रहा है। मुकाबले में सेंट्रल जोन ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 266 रन बनाए। इसके जवाब में ईस्ट जोन की टीम अपनी पहली पारी में बल्लेबाजी कर रही है।
ईस्ट जोन ने शुरुआती दो विकेट गंवाने के बाद अच्छी वापसी की। टीम के लिए अभिमन्यु ईश्वरन और वैभव सूर्यवंशी ने पारी को संभाला। दोनों बल्लेबाजों ने पहले विकेट के लिए 161 रन की शानदार साझेदारी की। इस साझेदारी के दौरान वैभव ने सेंट्रल जोन के गेंदबाजों पर लगातार दबाव बनाए रखा।
वैभव ने आर्यन पांडेय, यश ठाकुर, अरशद खान और सारांश जैन के खिलाफ बेहतरीन शॉट लगाए। खास तौर पर उन्होंने तेज गेंदबाजों के खिलाफ आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए कई शानदार चौके और छक्के लगाए। हालांकि, उनकी पारी का अंत हर्ष दुबे की गेंद पर हुआ, जब वह अरशद खान को कैच दे बैठे।
इसके बाद हर्ष दुबे ने कुमार कुशाग्र को भी पवेलियन भेज दिया। कुशाग्र अपना खाता भी नहीं खोल सके। वहीं, अभिमन्यु ईश्वरन ने अपना अर्धशतक पूरा कर लिया और पारी को आगे बढ़ाते रहे।
सिर्फ 42 गेंदों में पूरा किया अर्धशतक
वैभव सूर्यवंशी की बल्लेबाजी की रफ्तार का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने महज 42 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा कर लिया था। उस समय तक उन्होंने तीन छक्के और पांच चौके लगा दिए थे।
इसके बाद भी वैभव ने अपना आक्रामक अंदाज जारी रखा। उन्होंने 81 गेंदों का सामना करते हुए 92 रन बनाए। उनकी पारी में सात चौके और सात छक्के शामिल रहे। इस तरह उनका स्ट्राइक रेट 113.58 का रहा।
हालांकि, वैभव शतक पूरा नहीं कर सके, लेकिन 92 रन की इस पारी ने उनके नाम एक बड़ा रिकॉर्ड जरूर दर्ज कर दिया।
57 साल पुराना रिकॉर्ड किया अपने नाम
वैभव सूर्यवंशी ने दलीप ट्रॉफी में अर्धशतक लगाने वाले सबसे युवा बल्लेबाज बनने का रिकॉर्ड बनाया है। उन्होंने इस मामले में लक्ष्मण सिंह का 57 साल पुराना रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया।
लक्ष्मण सिंह ने 1969 में 16 साल और 23 दिन की उम्र में दलीप ट्रॉफी में अर्धशतक लगाया था। अब वैभव ने उनसे कम उम्र में अर्धशतक लगाकर यह रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है।
इस सूची में भारत के पूर्व लेग स्पिनर पीयूष चावला का नाम भी शामिल है। पीयूष चावला ने 2005 में दलीप ट्रॉफी में 16 साल और 307 दिन की उम्र में अर्धशतक लगाया था। इस तरह वैभव ने भारतीय घरेलू क्रिकेट के एक पुराने रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए अपनी प्रतिभा का परिचय दिया है।
शतक से चूक गए वैभव
वैभव सूर्यवंशी के पास इस मुकाबले में एक और बड़ा रिकॉर्ड बनाने का मौका था। अगर वह अपना शतक पूरा कर लेते, तो महज 15 साल और 175 दिन की उम्र में उनका पहला प्रथम श्रेणी शतक होता।
हालांकि, वह 92 रन पर आउट हो गए। प्रथम श्रेणी क्रिकेट में वैभव का पिछला सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 93 रन था, जो उन्होंने बिहार की ओर से रणजी ट्रॉफी में बनाया था। इसलिए दलीप ट्रॉफी के इस मुकाबले में उनके पास अपने प्रथम श्रेणी करियर का पहला शतक लगाने का शानदार अवसर था।
इसके बावजूद 92 रन की पारी उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण रही। यह उनके प्रथम श्रेणी करियर का दूसरा अर्धशतक है। वह अब तक 10 प्रथम श्रेणी मुकाबले खेल चुके हैं।
टी20 क्रिकेट में पहले ही दिखा चुके हैं जलवा
वैभव सूर्यवंशी की पहचान सिर्फ प्रथम श्रेणी क्रिकेट तक सीमित नहीं है। टी20 क्रिकेट में वह पहले ही अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी की झलक दिखा चुके हैं। उनके नाम टी20 क्रिकेट में चार शतक और आठ अर्धशतक दर्ज हैं।
उनकी बल्लेबाजी में सबसे खास बात तेजी से रन बनाने की क्षमता है। वह शुरुआत से ही गेंदबाजों पर दबाव बनाने की कोशिश करते हैं और खराब गेंदों को बाउंड्री के बाहर भेजने में माहिर नजर आते हैं।
आईपीएल में भी वैभव ने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया है। राजस्थान रॉयल्स ने उन्हें 1.1 करोड़ रुपये में रिटेन किया था। आईपीएल 2026 में उन्होंने 16 मैचों में 776 रन बनाए और ऑरेंज कैप अपने नाम की। इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 237.3 रहा। उन्होंने एक शतक और पांच अर्धशतक भी लगाए।
इस प्रदर्शन के साथ वह आईपीएल इतिहास में ऑरेंज कैप जीतने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बने।
अफगानिस्तान के खिलाफ सीरीज से पहले बड़ा संकेत
वैभव सूर्यवंशी की दलीप ट्रॉफी में 92 रन की पारी ऐसे समय आई है, जब भारतीय क्रिकेट में युवा खिलाड़ियों पर लगातार नजर बनी हुई है। उनकी मौजूदा फॉर्म आने वाले टी20 मुकाबलों से पहले एक सकारात्मक संकेत मानी जा सकती है।
खासकर टी20 क्रिकेट में जिस तरह वैभव तेजी से रन बनाते हैं, उसे देखते हुए उनकी बल्लेबाजी पर सभी की नजरें रहेंगी। दलीप ट्रॉफी में 92 रन की पारी ने यह भी दिखाया है कि वह अलग-अलग प्रारूपों में अपनी बल्लेबाजी को ढालने की कोशिश कर रहे हैं।
हालांकि, क्रिकेट में एक पारी के आधार पर किसी खिलाड़ी का आकलन करना उचित नहीं होता। फिर भी इतनी कम उम्र में घरेलू क्रिकेट के बड़े रिकॉर्ड को तोड़ना वैभव की प्रतिभा और आत्मविश्वास को जरूर दर्शाता है।
रिकॉर्ड के साथ मिली आत्मविश्वास की नई उड़ान
वैभव सूर्यवंशी के लिए दलीप ट्रॉफी का यह मुकाबला कई मायनों में यादगार बन गया। एक ओर वह अपने प्रथम श्रेणी करियर का पहला शतक लगाने से सिर्फ आठ रन दूर रह गए, वहीं दूसरी ओर उन्होंने 57 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया।
इसके अलावा 81 गेंदों में 92 रन की पारी ने यह साबित किया कि वह बड़े स्तर के मुकाबलों में भी आक्रामक बल्लेबाजी करने का माद्दा रखते हैं। आने वाले समय में अगर वह अपनी तकनीक और निरंतरता पर इसी तरह काम करते रहे, तो भारतीय क्रिकेट में उनका सफर काफी दिलचस्प हो सकता है।
फिलहाल, दलीप ट्रॉफी में वैभव की इस पारी ने घरेलू क्रिकेट में एक बार फिर उनकी चर्चा तेज कर दी है। शतक भले ही पूरा नहीं हुआ, लेकिन रिकॉर्ड और शानदार बल्लेबाजी के साथ उन्होंने अपनी मौजूदगी जरूर दर्ज करा दी।

