कौशांबी में पटाखा फैक्ट्री में भीषण विस्फोट, एक की मौत-12 मजदूर गंभीर रूप से झुलसे
Digital UP News Desk
प्रयागराज: उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में प्रयागराज-कौशांबी बॉर्डर के पास सोमवार को एक पटाखा फैक्ट्री में भीषण विस्फोट के बाद आग लग गई। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। विस्फोट इतना तेज था कि इसकी आवाज करीब 2 किलोमीटर दूर तक सुनाई देने की बात सामने आई है। घटना के बाद फैक्ट्री के आसपास धुएं का बड़ा गुबार दिखाई दिया।
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, हादसे के समय फैक्ट्री के अंदर करीब 12 मजदूर मौजूद थे। विस्फोट और उसके बाद लगी आग की चपेट में आने से सभी के झुलसने की सूचना है। इनमें से एक व्यक्ति की मौत हो गई है, जबकि अन्य घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया है। घायलों में कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है।
एयरफोर्स स्टेशन के बेहद करीब है फैक्ट्री
बताया जा रहा है कि जिस पटाखा फैक्ट्री में यह हादसा हुआ, वह मनौरी क्षेत्र में एयरफोर्स स्टेशन के बेहद करीब स्थित है। यही वजह है कि घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां भी सक्रिय हो गईं। हादसे के बाद आसपास के इलाके में लोगों की आवाजाही को नियंत्रित किया गया और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया।
विस्फोट के बाद फैक्ट्री परिसर में आग तेजी से फैल गई। इसके चलते वहां मौजूद मजदूरों को बाहर निकालने में चुनौती का सामना करना पड़ा। सूचना मिलने पर दमकल की टीमें मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने का प्रयास शुरू किया।
धमाके के बाद मचा हड़कंप
प्रत्यक्ष रूप से सामने आई शुरुआती जानकारी के अनुसार, विस्फोट की आवाज काफी दूर तक सुनाई दी। करीब 2 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले लोगों ने तेज धमाके की आवाज महसूस की। इसके बाद फैक्ट्री की तरफ धुएं का गुबार उठता दिखाई दिया।
धमाके की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोग घटनास्थल की ओर पहुंचने लगे। हालांकि, पटाखा फैक्ट्री में आग और विस्फोट के खतरे को देखते हुए लोगों को घटनास्थल से दूर रखा गया। प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य के लिए जरूरी इंतजाम किए।
करीब 12 मजदूर हादसे के समय अंदर थे
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, घटना के वक्त फैक्ट्री में करीब 12 मजदूर काम कर रहे थे। अचानक हुए विस्फोट के बाद वहां आग लग गई। मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए राहत टीमों ने अभियान चलाया।
हादसे में झुलसे मजदूरों को तत्काल नजदीकी अस्पताल ले जाया गया। गंभीर रूप से घायल लोगों को बेहतर इलाज के लिए प्रयागराज के अस्पतालों में भेजे जाने की प्रक्रिया भी शुरू की गई। अधिकारियों की ओर से घायलों की स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
हादसे में अब तक एक व्यक्ति की मौत की पुष्टि हुई है। प्रशासन की ओर से मृतक की पहचान और अन्य घायलों के संबंध में विस्तृत जानकारी जुटाई जा रही है।
आग पर काबू पाने में जुटी दमकल की टीमें
विस्फोट के बाद लगी आग को नियंत्रित करने के लिए दमकल की कई टीमें मौके पर पहुंचीं। पटाखा फैक्ट्री होने के कारण आग के दोबारा भड़कने की आशंका बनी रही। इसलिए राहत एवं बचाव दल ने सावधानी के साथ कार्रवाई की।
फैक्ट्री परिसर को सुरक्षित बनाने के साथ-साथ आसपास के क्षेत्र में भी निगरानी रखी गई। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और राहत कार्यों की निगरानी की।
इसके अलावा, यह भी देखा जा रहा है कि फैक्ट्री में कितनी मात्रा में पटाखा सामग्री मौजूद थी और विस्फोट किस कारण हुआ। फिलहाल हादसे की वास्तविक वजह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
हादसे की वजह की जांच शुरू होने की संभावना
पटाखा फैक्ट्री में हुए विस्फोट के कारणों को लेकर जांच की जाएगी। प्रारंभिक तौर पर यह पता लगाया जाएगा कि फैक्ट्री में सुरक्षा मानकों का पालन हो रहा था या नहीं। इसके साथ ही वहां पटाखा निर्माण और भंडारण से जुड़े नियमों का पालन किए जाने की भी जांच होगी।
प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों की ओर से घटनास्थल का निरीक्षण किया जा सकता है। जांच में फैक्ट्री के लाइसेंस, सुरक्षा व्यवस्था, अग्निशमन इंतजाम और काम करने वाले मजदूरों की संख्या समेत कई बिंदुओं को शामिल किया जा सकता है।
एयरफोर्स स्टेशन के पास होने से बढ़ी चिंता
मनौरी क्षेत्र में एयरफोर्स स्टेशन के पास पटाखा फैक्ट्री में हादसा होने के कारण सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, फिलहाल प्राथमिकता घायलों को इलाज उपलब्ध कराने और घटनास्थल को सुरक्षित बनाने की है।
प्रशासन यह भी सुनिश्चित करेगा कि विस्फोट और आग के कारण आसपास के दूसरे क्षेत्रों में किसी तरह का खतरा न रहे। इसके लिए फैक्ट्री के आसपास सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई है।
घायलों का अस्पताल में इलाज जारी
हादसे में झुलसे मजदूरों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। गंभीर रूप से घायल लोगों को विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। डॉक्टरों की निगरानी में घायलों का उपचार किया जा रहा है।
वहीं, मृतक के परिवार को घटना की जानकारी दी जा रही है। प्रशासन की ओर से परिवार को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी शुरू की जा सकती है।
प्रशासन ने शुरू की मामले की पड़ताल
कौशांबी में पटाखा फैक्ट्री में हुए इस हादसे के बाद प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती घटनास्थल को पूरी तरह सुरक्षित करना और विस्फोट के कारणों का पता लगाना है। इसके साथ ही यह भी जांच का विषय होगा कि फैक्ट्री में काम करने वाले मजदूरों के लिए सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम थे या नहीं।
फिलहाल राहत और बचाव कार्य के साथ मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है। घटना से जुड़े सभी तथ्यों के सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि विस्फोट किस वजह से हुआ और इसके लिए किसी स्तर पर लापरवाही जिम्मेदार थी या नहीं।

