कानपुर के घाटमपुर में गाय को लेकर दो पक्षों में हुआ जमकर विवाद, मारपीट में एक युवक घायल – जानिए किस गांव का है मामला

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रिपोर्ट – शुभम साहू 

कानपुर: घाटमपुर तहसील क्षेत्र के भदरस गांव में गाय को लेकर दो पक्षों के बीच शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते मारपीट में बदल गया। घटना में एक युवक के घायल होने की जानकारी सामने आई है। घायल युवक को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घाटमपुर ले जाया गया, जहां उसका इलाज कराया गया। घटना के बाद पीड़ित पक्ष ने पुलिस से मामले की जांच कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

जानकारी के अनुसार, भदरस गांव में एक गाय ने एक पक्ष की महिला को टक्कर मार दी थी। इस घटना में महिला की कमर में चोट लग गई। इसके बाद महिला के परिजनों और दूसरे पक्ष के बीच इलाज के खर्च को लेकर बातचीत शुरू हुई। पीड़ित पक्ष की ओर से इलाज में होने वाले खर्च के लिए कथित तौर पर 70 हजार रुपये की मांग की गई। वहीं, दूसरे पक्ष ने अपनी आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए इतनी बड़ी रकम देने में असमर्थता जताई और करीब एक हजार रुपये देने की बात कही।

इलाज के खर्च को लेकर शुरू हुआ विवाद

बताया जा रहा है कि इलाज के खर्च को लेकर दोनों पक्षों के बीच बातचीत के दौरान कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते मामला विवाद में बदल गया। गांव में मौजूद लोगों ने दोनों पक्षों को शांत कराने का प्रयास किया, लेकिन स्थिति को देखते हुए एक पक्ष की ओर से पुलिस को सूचना दी गई।

विवाद की सूचना डायल 112 पुलिस को दी गई। जानकारी मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों से बातचीत की। पुलिस ने मौके पर मौजूद लोगों को समझाते हुए विवाद को शांत कराया। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच आपसी समझौता कराकर मामला तत्काल शांत करा दिया गया।

हालांकि, पीड़ित पक्ष का आरोप है कि पुलिस के मौके से जाने के बाद विवाद ने दोबारा गंभीर रूप ले लिया।

पुलिस के जाने के बाद मारपीट का आरोप

पीड़ित पक्ष के मुताबिक, डायल 112 पुलिस के मौके से जाने के बाद दूसरे पक्ष के कुछ लोगों ने युवक पर अचानक हमला कर दिया। आरोप है कि मारपीट के दौरान युवक को गंभीर चोटें आईं। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी की स्थिति बन गई।

मारपीट की जानकारी मिलने के बाद युवक के परिजन मौके पर पहुंचे और उसे उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घाटमपुर लेकर गए। चिकित्सकों ने घायल युवक का उपचार किया। वहीं, घटना की जानकारी पुलिस को भी दी गई।

पीड़ित पक्ष ने पुलिस के समक्ष अपनी शिकायत रखते हुए आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि विवाद को शांत कराने के लिए पुलिस मौके पर पहुंची थी, लेकिन पुलिस के जाने के बाद दोबारा मारपीट की घटना हुई।

पुलिस कर रही मामले की जांच

घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस की ओर से दोनों पक्षों से बातचीत कर घटना के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है। इसके अलावा विवाद की वास्तविक वजह और मारपीट की परिस्थितियों की भी जांच की जा रही है।

पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों और दोनों पक्षों के बयानों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल किसी भी पक्ष के आरोप को जांच पूरी होने से पहले अंतिम सत्य नहीं माना जा सकता।

वहीं, गांव में घटना के बाद स्थिति पर पुलिस नजर बनाए हुए है। स्थानीय स्तर पर लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की जा रही है, ताकि मामूली विवाद आगे किसी बड़े विवाद का रूप न ले।

आर्थिक स्थिति को लेकर हुई थी बातचीत

प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, विवाद की शुरुआत महिला को गाय द्वारा टक्कर लगने और उसके बाद इलाज के खर्च को लेकर हुई बातचीत से हुई। एक पक्ष की ओर से 70 हजार रुपये की मांग किए जाने की बात सामने आई है, जबकि दूसरे पक्ष ने अपनी आर्थिक स्थिति कमजोर बताते हुए इतनी राशि देने में असमर्थता जताई।

दूसरे पक्ष की ओर से करीब एक हजार रुपये देने की बात कही गई थी। इसी मुद्दे पर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम को लेकर पुलिस की जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।

ग्रामीणों से शांति बनाए रखने की अपील

घटना के बाद पुलिस गांव में स्थिति पर नजर रख रही है। अधिकारियों का प्रयास है कि दोनों पक्षों के बीच किसी तरह का नया विवाद न हो। इसके लिए स्थानीय लोगों से शांति और आपसी सौहार्द बनाए रखने की अपील की जा रही है।

इसके साथ ही पुलिस घटना से जुड़े लोगों के बयान दर्ज कर रही है। यदि जांच में मारपीट या अन्य किसी आरोप की पुष्टि होती है तो संबंधित धाराओं में कार्रवाई की जा सकती है।

फिलहाल घायल युवक का उपचार कराया गया है और पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि विवाद किस परिस्थिति में बढ़ा और मारपीट की घटना में किन लोगों की भूमिका रही।

घाटमपुर के भदरस गांव की इस घटना ने एक बार फिर यह दिखाया है कि छोटे विवाद भी बातचीत और समझदारी के अभाव में बढ़ सकते हैं। ऐसे में किसी भी विवाद की स्थिति में कानून हाथ में लेने के बजाय पुलिस और प्रशासन को सूचना देना बेहतर विकल्प है। पुलिस की जांच के बाद मामले की वास्तविक स्थिति सामने आने की उम्मीद है।

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