कानपुर में राज्य महिला आयोग की जनसुनवाई में महिलाओं ने रखी समस्याएं, अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश

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रिपोर्ट- विवेक कृष्ण दीक्षित 

कानपुर। सर्किट हाउस में मंगलवार को राज्य महिला आयोग की ओर से जनसुनवाई आयोजित की गई। इस दौरान बड़ी संख्या में महिलाओं ने आयोग की सदस्यों के सामने अपनी समस्याएं और शिकायतें रखीं। महिलाओं ने महिला उत्पीड़न, पारिवारिक विवाद और अन्य समस्याओं से जुड़े मामलों की जानकारी आयोग के समक्ष दी। शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए राज्य महिला आयोग की सदस्य डॉ. अनीता गुप्ता और पूनम द्विवेदी ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।

जनसुनवाई का मुख्य उद्देश्य महिलाओं की समस्याओं को सीधे सुनना और उनके समाधान के लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित करना रहा। आयोग की सदस्यों ने शिकायत लेकर पहुंचीं महिलाओं से उनकी समस्याओं के बारे में विस्तार से जानकारी ली। इसके बाद संबंधित पुलिस और अन्य विभागों के अधिकारियों को मामलों की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।

महिलाओं की समस्याओं को गंभीरता से सुनने पर जोर

राज्य महिला आयोग की सदस्यों ने कहा कि महिलाओं की शिकायतों का समयबद्ध और निष्पक्ष तरीके से समाधान किया जाना आवश्यक है। जनसुनवाई के दौरान आने वाले प्रत्येक मामले को गंभीरता से लिया गया। अधिकारियों से कहा गया कि शिकायतों की जांच करते समय सभी तथ्यों को ध्यान में रखा जाए और पीड़ित महिला को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाए।

इसके साथ ही महिलाओं को उनके अधिकारों और उपलब्ध सरकारी योजनाओं के बारे में जानकारी देने पर भी जोर दिया गया। आयोग का प्रयास है कि महिलाओं को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए उचित मंच उपलब्ध हो और उन्हें सरकारी व्यवस्था तक पहुंचने में किसी तरह की परेशानी न हो।

‘महिला आयोग आपके द्वार’ मुहिम पर विशेष जोर

आयोग की सदस्यों ने बताया कि इस समय प्रदेश में ‘महिला आयोग आपके द्वार’ मुहिम चलाई जा रही है। इस अभियान का उद्देश्य महिलाओं तक आयोग की पहुंच को और मजबूत करना है। इसके तहत आयोग केवल जिला मुख्यालयों तक सीमित न रहकर अलग-अलग क्षेत्रों में पहुंचकर महिलाओं की समस्याएं सुनने का प्रयास कर रहा है।

आयोग की सदस्यों के मुताबिक, कई बार महिलाएं अपनी शिकायत लेकर जिला मुख्यालय या संबंधित कार्यालय तक नहीं पहुंच पाती हैं। ऐसे में आयोग का प्रयास है कि सुनवाई की व्यवस्था को उनके नजदीक तक ले जाया जाए। इससे महिलाओं को अपनी बात रखने का अवसर मिलेगा और संबंधित मामलों में आवश्यक कार्रवाई भी सुनिश्चित की जा सकेगी।

दरअसल, महिलाओं को न्याय और सहायता उपलब्ध कराने के लिए केवल शिकायत दर्ज करना ही पर्याप्त नहीं है। शिकायत के बाद उसकी प्रगति की जानकारी और समय पर कार्रवाई भी जरूरी है। इसी दिशा में आयोग की ओर से जनसुनवाई और जागरूकता कार्यक्रमों को लगातार बढ़ाया जा रहा है।

ब्लॉक स्तर पर भी होगी जनसुनवाई

महिला आयोग की सदस्यों ने बताया कि प्रदेश में लगातार जनसुनवाई करने के साथ अब ब्लॉक स्तर पर भी महिलाओं की समस्याएं सुनी जा रही हैं। इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं तक पहुंच बनाना है। इसके अलावा महिलाओं को उनके अधिकारों और सरकार की ओर से संचालित योजनाओं के प्रति जागरूक भी किया जा रहा है।

आयोग का मानना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाली महिलाओं के लिए स्थानीय स्तर पर सुनवाई की व्यवस्था काफी उपयोगी साबित हो सकती है। इससे उन्हें अपनी शिकायत रखने के लिए दूर के कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। साथ ही स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ सीधे समन्वय स्थापित कर समस्याओं के समाधान की प्रक्रिया को तेज किया जा सकेगा।

चौबेपुर ब्लॉक में पंचायत लगाने की तैयारी

आयोग की सदस्यों ने बताया कि आने वाले दिनों में चौबेपुर ब्लॉक में महिला पंचायत आयोजित की जाएगी। इस पंचायत में महिलाओं की समस्याएं सुनी जाएंगी और उनके मामलों के समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जाएंगे।

इसके अलावा पंचायत के माध्यम से महिलाओं को महिला हित में संचालित विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी भी दी जाएगी। अधिकारियों और आयोग के प्रतिनिधियों की ओर से महिलाओं को यह बताया जाएगा कि वे उपलब्ध योजनाओं का लाभ किस प्रकार प्राप्त कर सकती हैं और आवश्यकता पड़ने पर किस विभाग से संपर्क करना चाहिए।

इस तरह की पंचायतों के जरिए आयोग ग्रामीण महिलाओं को जागरूक करने के साथ-साथ उन्हें सरकारी योजनाओं और सहायता प्रणालियों से जोड़ने की दिशा में काम कर रहा है।

शिकायतों के समाधान के साथ जागरूकता भी जरूरी

महिला आयोग की सदस्यों ने कहा कि महिलाओं की समस्याओं का समाधान करने के साथ उन्हें जागरूक बनाना भी महत्वपूर्ण है। यदि महिलाओं को अपने अधिकारों, कानून और सरकारी योजनाओं की जानकारी होगी तो वे आवश्यकता पड़ने पर उचित मंच पर अपनी बात रख सकेंगी।

इसी वजह से आयोग की ओर से जनसुनवाई के साथ जागरूकता कार्यक्रमों को भी प्राथमिकता दी जा रही है। जनसुनवाई में आने वाली महिलाओं को उनकी समस्याओं के अनुसार संबंधित विभाग और प्रक्रिया की जानकारी देने का प्रयास किया जा रहा है।

इसके अलावा अधिकारियों को भी निर्देशित किया गया कि महिलाओं से संबंधित शिकायतों में संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई की जाए। किसी भी शिकायत को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार उसका समाधान किया जाए।

प्रशासन और आयोग के बीच समन्वय पर जोर

जनसुनवाई के दौरान पुलिस और अन्य विभागों के अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। आयोग की ओर से स्पष्ट किया गया कि महिलाओं से जुड़े मामलों में प्रशासनिक स्तर पर बेहतर समन्वय होना जरूरी है। इससे शिकायतों के निस्तारण में तेजी लाई जा सकती है।

वहीं, महिलाओं को भी सलाह दी गई कि वे अपनी शिकायतों और समस्याओं को संबंधित अधिकारियों के सामने स्पष्ट रूप से रखें। किसी समस्या के समाधान के लिए उपलब्ध सरकारी तंत्र का इस्तेमाल करें और आवश्यकता पड़ने पर महिला आयोग से भी संपर्क करें।

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