इटावा में तीन सूने मकानों में चोरी, लाखों की नकदी-जेवर लेकर फरार हुए चोर – पढ़िए कहां
रिपोर्ट – रोहित सिंह चौहान
इटावा: चकरनगर थाना क्षेत्र में चोरों ने एक ही रात में तीन सूने मकानों को निशाना बनाकर पुलिस की रात्रि गश्त पर सवाल खड़े कर दिए हैं। चोर मकानों के ताले तोड़कर नकदी, जेवर और अन्य सामान लेकर फरार हो गए। घटना की जानकारी मिलने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। सूचना पर पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाने का प्रयास किया।
पीड़ितों के मुताबिक, चोरी उस समय हुई जब मकान मालिक और किरायेदार अपने-अपने काम से बाहर गए हुए थे। इसी का फायदा उठाकर चोरों ने सूने मकानों में प्रवेश किया और सामान खंगालने के बाद कीमती वस्तुएं लेकर फरार हो गए। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है।
एक साथ तीन मकानों को बनाया निशाना
चकरनगर थाना क्षेत्र में हुई इस घटना में चोरों ने एक साथ तीन मकानों को निशाना बनाया। बताया जा रहा है कि सभी मकान उस समय सूने थे। चोरों ने इसी का फायदा उठाते हुए घरों के ताले तोड़े और अंदर रखे सामान को खंगाला।
घटना की जानकारी तब हुई जब संबंधित लोग अपने घरों पर वापस लौटे। घरों के ताले टूटे और सामान अस्त-व्यस्त देखकर उन्होंने पुलिस को सूचना दी। इसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया।
एक ही क्षेत्र में एक साथ तीन मकानों में चोरी की घटना सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में भी चिंता है। लोगों का कहना है कि यदि क्षेत्र में रात्रि गश्त प्रभावी होती तो ऐसी घटनाओं पर रोक लगाने में मदद मिल सकती थी।
डॉक्टर के कमरे से 13 हजार रुपये और दवाइयां चोरी
चोरी का शिकार हुए लोगों में चकरनगर सीएचसी में तैनात डॉक्टर पुष्पेंद्र कुमार भी शामिल हैं। उन्होंने बताया कि वह चकरनगर में किराए का कमरा लेकर रहते हैं। घटना की रात वह अपनी ड्यूटी के लिए सीएचसी गए हुए थे।
डॉक्टर के मुताबिक, उनके कमरे की गैरमौजूदगी में चोरों ने ताला तोड़कर अंदर प्रवेश किया। इसके बाद कमरे में रखी करीब 13 हजार रुपये की नकदी और कुछ दवाइयां चोरी कर ली गईं।
ड्यूटी से लौटने के बाद जब उन्होंने कमरे का ताला टूटा देखा तो उन्हें चोरी की जानकारी हुई। इसके बाद उन्होंने मामले की सूचना पुलिस को दी।
डॉक्टर पुष्पेंद्र कुमार ने बताया कि कमरे में रखा सामान भी चोरों ने खंगाला था। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि घटना में कितने लोग शामिल थे और चोरी के बाद आरोपी किस दिशा में गए।
बाइट: पुष्पेंद्र कुमार, पीड़ित डॉक्टर
रक्षाबंधन मनाने मायके गई थीं पीड़िता
दूसरी पीड़िता हमजा ने बताया कि वह रक्षाबंधन का त्योहार मनाने के लिए अपने मायके गई थीं। वहीं, उनके पति भी ड्यूटी के सिलसिले में घर से बाहर गए हुए थे। इसी दौरान चोरों ने उनके सूने मकान को निशाना बनाया।
पीड़िता के अनुसार, चोरों ने घर का ताला तोड़ा और अंदर रखे लाखों रुपये के जेवर और नकदी चोरी कर ली। जब वह वापस घर पहुंचीं तो उन्हें घटना की जानकारी हुई।
घर में चोरी होने की जानकारी मिलने के बाद परिवार ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। पीड़िता ने चोरी हुए सामान की जानकारी पुलिस को दी है। फिलहाल चोरी गए सामान की कुल कीमत का सटीक आकलन पुलिस जांच के बाद स्पष्ट होगा।
बाइट: हमजा, पीड़िता
पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम के साथ फॉरेंसिक टीम भी मौके पर पहुंची। टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और संभावित साक्ष्यों को जुटाने का प्रयास किया।
चोरी के मामलों में पुलिस आमतौर पर मकान के दरवाजे, ताले और अन्य स्थानों से संभावित फिंगरप्रिंट सहित दूसरे साक्ष्यों की जांच करती है। इसके अलावा आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी महत्वपूर्ण हो सकती है।
पुलिस इस मामले में घटनास्थल के आसपास की गतिविधियों और संदिग्ध लोगों की जानकारी जुटा रही है। साथ ही, स्थानीय स्तर पर भी पूछताछ की जा रही है।
रात्रि गश्त पर उठे सवाल
एक ही रात में तीन सूने मकानों में चोरी की घटना सामने आने के बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस की रात्रि गश्त को लेकर सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि चोरों ने लगातार कई मकानों को निशाना बनाया, ऐसे में पुलिस की गश्त व्यवस्था पर ध्यान देने की जरूरत है।
हालांकि, रात्रि गश्त की भूमिका को लेकर उठाए जा रहे सवालों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि घटना किस समय हुई और उस दौरान क्षेत्र में पुलिस गश्त की स्थिति क्या थी।
फिलहाल पुलिस का ध्यान चोरों की पहचान और उनकी गिरफ्तारी पर है। इसके लिए आसपास के इलाकों में भी जानकारी जुटाई जा रही है।
सूने मकानों की रेकी का भी हो सकता है पहलू
घटना के तरीके को देखते हुए पुलिस इस पहलू की भी जांच कर सकती है कि क्या चोरों ने पहले से मकानों की रेकी की थी। पीड़ितों के मुताबिक, उनके घर उस समय खाली थे और चोरों ने इसी स्थिति का फायदा उठाया।
यदि जांच में यह सामने आता है कि आरोपियों को मकानों के खाली होने की जानकारी पहले से थी, तो पुलिस के लिए यह पता लगाना महत्वपूर्ण होगा कि यह जानकारी उन्हें कैसे मिली।
इसके अलावा, पुलिस आसपास के संदिग्ध लोगों और पूर्व में चोरी की घटनाओं में शामिल रहे आरोपियों के रिकॉर्ड की भी जांच कर सकती है।
आसपास के लोगों में चिंता
एक साथ तीन मकानों में चोरी की घटना के बाद स्थानीय लोगों में चिंता का माहौल है। लोगों का कहना है कि रात के समय पुलिस की गश्त बढ़ाई जानी चाहिए, ताकि इस तरह की घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके।
वहीं, पुलिस की ओर से लोगों से भी सतर्क रहने की अपील की जा सकती है। खासकर लंबे समय के लिए घर से बाहर जाने वाले लोगों को अपने पड़ोसियों और स्थानीय पुलिस को इसकी जानकारी देने तथा सुरक्षा के जरूरी इंतजाम करने की सलाह दी जाती है।
पुलिस जांच के बाद साफ होगी पूरी तस्वीर
फिलहाल चकरनगर थाना क्षेत्र में हुई चोरी की घटनाओं को लेकर पुलिस और फॉरेंसिक टीम जांच कर रही है। घटनास्थल से जुटाए जा रहे साक्ष्यों और आसपास की जानकारी के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती एक ही क्षेत्र में तीन मकानों में हुई चोरी के आरोपियों की पहचान करना है। इसके लिए सीसीटीवी फुटेज, स्थानीय जानकारी और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की मदद ली जा सकती है।
कुल मिलाकर, इटावा के चकरनगर क्षेत्र में एक साथ तीन मकानों में चोरी की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े किए हैं। एक पीड़ित डॉक्टर के कमरे से 13 हजार रुपये और दवाइयां चोरी होने की जानकारी सामने आई है, जबकि दूसरी पीड़िता ने लाखों रुपये के जेवर और नकदी चोरी होने की बात कही है। अब पुलिस जांच और साक्ष्यों के आधार पर घटना का पूरा खुलासा होने का इंतजार है।

