कानपुर में पांडु नदी के निचले इलाकों में जलभराव का एसडीएम सदर ने लिया जायजा, राहत व्यवस्था के दिए निर्देश
रिपोर्ट- विक्की रघुवंशी
कानपुर नगर। पांडु नदी से सटे बर्रा और गुजैनी क्षेत्र के निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति को देखते हुए ज्वाइंट मजिस्ट्रेट/एसडीएम सदर अनुभव सिंह ने नगर निगम और सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ संयुक्त स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लेने के साथ स्थानीय लोगों से संवाद कर उनकी समस्याएं जानीं। अधिकारियों को प्रभावित परिवारों के लिए राहत, स्वच्छता, पेयजल और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए।
प्रारंभिक निरीक्षण में पांडु नदी के किनारे स्थित निचले क्षेत्र में करीब 25 से 30 मकानों में जलभराव की स्थिति सामने आई। जलभराव के कारण इन परिवारों को असुविधा का सामना करना पड़ा है। हालांकि, प्रशासन के अनुसार प्रभावित परिवार फिलहाल सुरक्षित स्थानों पर चले गए हैं। अधिकांश लोग अपने दूसरे आवास या रिश्तेदारों के यहां रह रहे हैं, जबकि कुछ परिवार किराये के मकानों में चले गए हैं।
स्थानीय लोगों से संवाद कर जानी स्थिति
निरीक्षण के दौरान एसडीएम सदर अनुभव सिंह ने स्थानीय निवासियों से सीधे बातचीत की। उन्होंने जलभराव की स्थिति, आवागमन में आ रही परेशानियों और राहत सामग्री की जरूरत के संबंध में जानकारी ली। इसके साथ ही उन्होंने संबंधित अधिकारियों को प्रभावित परिवारों से लगातार संपर्क बनाए रखने के निर्देश दिए, ताकि जरूरत पड़ने पर तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
एसडीएम ने अधिकारियों से कहा कि जलभराव प्रभावित परिवारों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जाए। यदि किसी परिवार को भोजन, पेयजल, दवा, रहने की व्यवस्था अथवा अन्य किसी प्रकार की सहायता की आवश्यकता हो तो उसे प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराया जाए। प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रभावित लोगों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
कम्पोजिट विद्यालय में बनाया गया राहत शिविर
प्रभावित परिवारों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कम्पोजिट विद्यालय में राहत शिविर स्थापित किया गया है। शिविर में आवश्यक मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है, ताकि जरूरत पड़ने पर प्रभावित परिवार सुरक्षित स्थान पर रह सकें।
इसके अलावा प्रभावित परिवारों के बीच वितरण के लिए राहत किट की मांग भी संबंधित स्तर पर भेज दी गई है। राहत किट उपलब्ध होने के बाद जरूरत के अनुसार प्रभावित परिवारों को इसका वितरण कराया जाएगा। प्रशासन की ओर से राहत शिविर और प्रभावित क्षेत्र की व्यवस्थाओं की निगरानी भी की जा रही है।
पानी उतरने के बाद चलेगा विशेष सफाई अभियान
जलभराव के कारण प्रभावित क्षेत्रों में स्वच्छता को लेकर भी प्रशासन ने विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। एसडीएम सदर ने नगर निगम के अधिकारियों से क्षेत्र में साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित कराने को कहा।
उन्होंने निर्देश दिए कि पानी उतरने के बाद प्रभावित इलाकों में विशेष सफाई अभियान चलाया जाए। इसके साथ ही संक्रामक रोगों की रोकथाम के लिए आवश्यक दवाओं और कीटाणुनाशक का छिड़काव कराया जाए। निचले क्षेत्रों में जलभराव के बाद गंदगी और जलजनित समस्याओं की आशंका को देखते हुए सफाई व्यवस्था को लगातार प्रभावी बनाए रखने पर जोर दिया गया।
इसी क्रम में प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल की उपलब्धता और स्वच्छता व्यवस्था पर भी लगातार नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन का प्रयास है कि जलभराव के बाद लोगों को साफ पानी और स्वच्छ वातावरण उपलब्ध हो तथा किसी प्रकार की स्वास्थ्य संबंधी समस्या उत्पन्न न हो।
दीर्घकालिक समाधान पर भी प्रशासन का जोर
प्रशासन ने जलभराव की समस्या के तत्काल समाधान के साथ-साथ इसके दीर्घकालिक समाधान की दिशा में भी कदम उठाने की बात कही है। इसके लिए पीओ डूडा के साथ समन्वय स्थापित कर प्रभावित परिवारों की पात्रता का परीक्षण कराया जाएगा।
पात्र परिवारों को चिन्हित करने के बाद उन्हें नियमानुसार आवासीय योजनाओं से जोड़ने की कार्रवाई की जाएगी। इससे भविष्य में जलभराव की स्थिति में प्रभावित होने वाले परिवारों को बेहतर आवासीय विकल्प उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है।
वहीं, सिंचाई विभाग को पांडु नदी के फ्लड प्लेन क्षेत्र को सुरक्षित और अतिक्रमण मुक्त रखने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। नदी के प्राकृतिक बहाव क्षेत्र को सुरक्षित रखना जलभराव की समस्या के स्थायी प्रबंधन की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अधिकारियों को समन्वय के साथ काम करने के निर्देश
निरीक्षण के दौरान एसडीएम सदर ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रभावित क्षेत्र में राहत और बचाव से जुड़ी व्यवस्थाओं में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
नगर निगम को सफाई, पेयजल और कीटाणुनाशक छिड़काव जैसी व्यवस्थाओं पर ध्यान देने को कहा गया, जबकि सिंचाई विभाग को नदी और फ्लड प्लेन क्षेत्र से संबंधित आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। इसी प्रकार प्रशासनिक स्तर पर प्रभावित परिवारों की जरूरतों की जानकारी जुटाकर आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया।

