कानपुर के स्कूलों में चला विशेष सफाई अभियान, परिसर से छत तक हुई साफ-सफाई
Digital UP News Desk
कानपुर नगर। बच्चों को स्वच्छ, सुरक्षित और बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कानपुर नगर जनपद के चयनित शासकीय विद्यालयों में रविवार को विशेष सफाई अभियान चलाया गया। जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह के निर्देश पर जनपद की प्रत्येक न्याय पंचायत में सफाई कर्मियों की टीमें सक्रिय रहीं। इस दौरान विद्यालय परिसरों से लेकर कक्षों, शौचालयों, बाउंड्रीवाल और छतों तक व्यापक साफ-सफाई कराई गई।
अभियान का मुख्य उद्देश्य विद्यालयों को साफ-सुथरा और व्यवस्थित बनाना रहा, ताकि विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए स्वस्थ एवं अनुकूल वातावरण मिल सके। इसके लिए प्रशासन ने अलग-अलग विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों को जिम्मेदारियां सौंपते हुए अभियान की नियमित निगरानी की व्यवस्था भी की।
विद्यालय परिसर से कक्षों तक हुई सफाई
विशेष सफाई अभियान के तहत सबसे पहले विद्यालय परिसरों में उगी घास और झाड़ियों को हटाया गया। इसके बाद एकत्र कूड़े-कचरे का निर्धारित तरीके से निस्तारण कराया गया। विद्यालय के कक्षों और अन्य उपयोगी स्थानों की भी सफाई की गई। वहीं, शौचालयों की स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया गया, जिससे विद्यार्थियों और विद्यालय कर्मचारियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
इसके अलावा बाउंड्रीवाल के आसपास जमा कूड़े और अनावश्यक वनस्पतियों को हटाया गया। विद्यालय परिसर में ऐसे स्थान जहां लंबे समय से सफाई की आवश्यकता थी, वहां भी सफाई कर्मियों की टीमों ने काम किया। इस प्रकार अभियान को केवल औपचारिक सफाई तक सीमित न रखते हुए विद्यालय के विभिन्न हिस्सों को व्यवस्थित करने का प्रयास किया गया।
जलभराव वाले स्थानों पर भी किया गया काम
बारिश के मौसम को देखते हुए विद्यालयों में जल निकासी की व्यवस्था को भी अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया। जिन स्थानों पर पानी जमा था, वहां पानी की निकासी सुनिश्चित कराई गई। इसके साथ ही ऐसे स्थानों को भी साफ किया गया, जहां कूड़े या घास-फूस के कारण जल निकासी प्रभावित हो सकती थी।
विशेष रूप से विद्यालयों की छतों पर उगी घास और अन्य वनस्पतियों को हटाया गया। प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना रहा कि बारिश के दौरान छतों से पानी की निकासी सुचारु बनी रहे। इससे विद्यालय भवनों में सीलन और पानी के रिसाव जैसी संभावित समस्याओं को कम करने में मदद मिलेगी।
अधिकारियों को सौंपी गई अलग-अलग जिम्मेदारी
मुख्य विकास अधिकारी अभिनव जे. जैन के पर्यवेक्षण में संचालित इस अभियान के लिए विभिन्न विभागों के अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई। सभी खंड विकास अधिकारियों, सहायक विकास अधिकारियों पंचायत, खंड शिक्षा अधिकारियों और बाल विकास परियोजना अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में अभियान की निगरानी करने के निर्देश दिए गए।
इसके साथ ही सफाई अभियान की स्थिति पर नजर रखने के लिए विकास भवन में कॉल सेंटर भी स्थापित किया गया। यहां से जनपद के अलग-अलग विद्यालयों में चल रहे सफाई कार्य की मॉनीटरिंग की गई। इस व्यवस्था के माध्यम से प्रशासन ने यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया कि अभियान निर्धारित योजना के अनुसार संचालित हो और विद्यालयों में सफाई व्यवस्था प्रभावी रूप से दिखाई दे।
जनपद स्तरीय अधिकारियों ने किया निरीक्षण
सफाई अभियान की जमीनी स्थिति का जायजा लेने के लिए जनपद स्तरीय अधिकारियों ने विभिन्न विद्यालयों का निरीक्षण किया। जिला पंचायत राज अधिकारी मनोज कुमार ने चौबेपुर विकासखंड स्थित प्राथमिक विद्यालय चौबेपुर द्वितीय का निरीक्षण किया। उन्होंने विद्यालय परिसर में चल रहे सफाई कार्य और स्वच्छता व्यवस्था का जायजा लिया।
इसी क्रम में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी हरिओम सिंह ने प्राथमिक विद्यालय गंभीरपुर का निरीक्षण किया। वहीं, सहायक विकास अधिकारी पंचायत, शिवराजपुर ने प्राथमिक विद्यालय बैरी तथा कंपोजिट विद्यालय दुबियाना पहुंचकर सफाई व्यवस्था देखी।
इसके अलावा जनपद के अन्य अधिकारियों ने भी चयनित विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सफाई कार्य की गुणवत्ता, कूड़े के निस्तारण और विद्यालय परिसर की समग्र स्वच्छता को देखा गया। इससे संबंधित अधिकारियों और सफाई कर्मियों को अभियान के प्रति जिम्मेदारी के साथ काम करने का संदेश भी दिया गया।
नियमित सफाई व्यवस्था पर जोर
रविवार को चलाए गए विशेष अभियान के साथ ही प्रशासन ने विद्यालयों में नियमित सफाई व्यवस्था बनाए रखने पर भी जोर दिया है। जनपद के अन्य सभी शासकीय विद्यालयों में सफाई कर्मियों की टीम गठित कर रोस्टर के अनुसार नियमित सफाई कराने के निर्देश दिए गए हैं।
इस व्यवस्था के तहत विद्यालयों की नियमित सफाई के साथ परिसर, कक्ष, शौचालय और आसपास के क्षेत्रों पर भी नजर रखी जाएगी। साथ ही बारिश के मौसम में जलभराव और जल निकासी से संबंधित समस्याओं को समय रहते दूर करने का प्रयास किया जाएगा।
दरअसल, विद्यालयों में स्वच्छता केवल परिसर की सुंदरता से जुड़ा विषय नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित और सुविधाजनक वातावरण तैयार करने का भी महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसलिए प्रशासन की ओर से नियमित मॉनीटरिंग और सफाई व्यवस्था को बनाए रखने पर जोर दिया जा रहा है।
स्वच्छ विद्यालय प्रशासन की प्राथमिकता
जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि बच्चों को स्वच्छ एवं सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने विद्यालय परिसरों की नियमित सफाई सुनिश्चित करने के साथ इसकी लगातार मॉनीटरिंग किए जाने की बात कही।
जिलाधिकारी के अनुसार विद्यालयों की स्वच्छता व्यवस्था में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। इसलिए संबंधित विभागों के अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था की निगरानी करने और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
इस विशेष अभियान के माध्यम से प्रशासन ने विद्यालयों की स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने के साथ-साथ नियमित सफाई की व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में भी कदम बढ़ाया है। वहीं, अधिकारियों के निरीक्षण और कॉल सेंटर के माध्यम से मॉनीटरिंग की व्यवस्था से अभियान की प्रगति पर नजर रखने में मदद मिलेगी।

