लखनऊ में छात्राओं ने CM योगी को बताया मिड डे मील का महत्व, साथ में ली सेल्फी
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लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में बेसिक शिक्षा विभाग के प्राथमिक विद्यालय की छात्राओं ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। इस दौरान छात्राओं ने मुख्यमंत्री के सामने स्कूलों में मिलने वाले मिड डे मील और भोजन तैयार करने वाली रसोइयों के महत्व को साझा किया। मुख्यमंत्री ने भी छात्राओं से बातचीत की और उनकी बातों को सुना।
इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ मौजूद रहे। मुलाकात के दौरान छात्राओं में खासा उत्साह देखने को मिला। बातचीत के बाद छात्राओं ने मुख्यमंत्री के साथ सेल्फी भी ली।
छात्राओं ने मुख्यमंत्री से साझा किए अनुभव
प्राथमिक विद्यालय की छात्राओं को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से सीधे संवाद करने का अवसर मिला। छात्राओं ने अपने स्कूल में मिलने वाले मिड डे मील और उसे तैयार करने वाली रसोइयों की भूमिका के बारे में जानकारी दी।
छात्राओं ने बताया कि विद्यालय में मिलने वाला भोजन बच्चों के लिए महत्वपूर्ण है। विशेष रूप से ऐसे परिवारों के बच्चों के लिए स्कूल में मिलने वाला भोजन उपयोगी होता है, जिनके लिए पौष्टिक आहार की नियमित उपलब्धता चुनौतीपूर्ण हो सकती है।
मिड डे मील योजना का उद्देश्य विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को भोजन उपलब्ध कराने के साथ-साथ उनकी स्कूल में उपस्थिति और पढ़ाई के प्रति रुचि को बढ़ावा देना भी है।
रसोइयों की भूमिका का भी किया जिक्र
छात्राओं ने मुख्यमंत्री के सामने भोजन तैयार करने वाली रसोइयों के महत्व को भी बताया। विद्यालय में भोजन की व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने में रसोइयों की भूमिका अहम होती है।
वे बच्चों के लिए निर्धारित भोजन तैयार करती हैं और भोजन वितरण की व्यवस्था में भी सहयोग करती हैं। इसलिए छात्राओं ने रसोइयों के योगदान को मुख्यमंत्री के सामने प्रमुखता से रखा।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने छात्राओं की बातों को ध्यानपूर्वक सुना। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को अपनी बात रखने का अवसर देने के साथ-साथ उनके अनुभवों को समझना भी रहा।
मुख्यमंत्री के साथ छात्राओं ने ली सेल्फी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात के दौरान छात्राओं में उत्साह नजर आया। बातचीत के बाद छात्राओं ने मुख्यमंत्री के साथ सेल्फी भी ली।
मुख्यमंत्री के साथ तस्वीर लेने का यह अवसर छात्राओं के लिए विशेष रहा। छात्राओं ने उत्साह के साथ मुख्यमंत्री के साथ फोटो खिंचवाई।
इस दौरान मुख्यमंत्री और छात्राओं के बीच सहज माहौल देखने को मिला। वहीं, बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह भी इस मौके पर मौजूद रहे।
बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह रहे मौजूद
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह भी मौजूद रहे। बेसिक शिक्षा विभाग से जुड़े कार्यक्रमों में बच्चों की शिक्षा, स्कूलों की सुविधाओं और विद्यार्थियों के हित से जुड़े विषयों पर लगातार जोर दिया जाता रहा है।
इस मुलाकात के दौरान भी प्राथमिक विद्यालय के बच्चों से जुड़े मुद्दों को सामने रखने का अवसर मिला।
बेसिक शिक्षा विभाग के विद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए शिक्षा के साथ-साथ पोषण और स्वास्थ्य से जुड़ी सुविधाओं को भी महत्वपूर्ण माना जाता है। इसी क्रम में मिड डे मील व्यवस्था विद्यालयी शिक्षा का एक अहम हिस्सा है।
बच्चों के पोषण से जुड़ी है योजना
मिड डे मील योजना का उद्देश्य स्कूल जाने वाले बच्चों को विद्यालय में भोजन उपलब्ध कराना है। इसके जरिए बच्चों के पोषण स्तर को बेहतर बनाने और उन्हें नियमित रूप से स्कूल आने के लिए प्रोत्साहित करने का प्रयास किया जाता है।
विद्यालय में भोजन मिलने से बच्चों को पढ़ाई के दौरान आवश्यक पोषण प्राप्त करने में सहायता मिलती है। साथ ही, इससे परिवारों पर भोजन से संबंधित कुछ आर्थिक बोझ भी कम हो सकता है।
हालांकि, भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता बनाए रखना भी इस व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसके लिए विद्यालय स्तर पर निर्धारित मानकों का पालन किया जाना आवश्यक होता है।
छात्राओं की बातचीत बनी चर्चा का विषय
मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान छात्राओं द्वारा मिड डे मील और रसोइयों के महत्व का जिक्र किया जाना कार्यक्रम का प्रमुख हिस्सा रहा। आमतौर पर बच्चों से बातचीत के दौरान उनके स्कूल, पढ़ाई और सुविधाओं से जुड़े अनुभव सामने आते हैं।
इस बार छात्राओं ने भोजन व्यवस्था और रसोइयों के योगदान को भी अपनी बातचीत का हिस्सा बनाया। इससे विद्यालयों में बच्चों के लिए भोजन व्यवस्था की भूमिका को समझने का अवसर मिला।
इसके अलावा मुख्यमंत्री के साथ सेल्फी लेने से छात्राओं के बीच उत्साह भी दिखाई दिया।
शिक्षा के साथ पोषण पर भी जोर
विद्यालयी शिक्षा केवल कक्षा में पढ़ाई तक सीमित नहीं है। बच्चों के समग्र विकास के लिए पोषण, स्वास्थ्य, स्वच्छता और सुरक्षित वातावरण भी जरूरी है।
इसी वजह से स्कूलों में मिड डे मील जैसी व्यवस्थाओं को शिक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। पर्याप्त पोषण मिलने से बच्चों के स्वास्थ्य और उनकी पढ़ाई पर सकारात्मक प्रभाव पड़ने की उम्मीद रहती है।
इसके साथ ही विद्यालयों में भोजन तैयार करने वाली रसोइयों की जिम्मेदारी भी महत्वपूर्ण हो जाती है। वे प्रतिदिन बड़ी संख्या में बच्चों के लिए भोजन तैयार करती हैं।
बच्चों की बात सुनने पर दिया जोर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ छात्राओं की मुलाकात में बच्चों को अपनी बात सीधे रखने का अवसर मिला। छात्राओं ने मिड डे मील और रसोइयों के बारे में अपने विचार साझा किए।
ऐसे संवाद से बच्चों के अनुभव और उनकी जरूरतों को समझने में मदद मिलती है। साथ ही, विद्यार्थियों में आत्मविश्वास भी बढ़ता है कि वे अपनी बात जिम्मेदार लोगों के सामने रख सकते हैं।
इस तरह मुख्यमंत्री के साथ हुई यह मुलाकात छात्राओं के लिए एक यादगार अनुभव बन गई।
विद्यालयी व्यवस्था में भोजन की अहम भूमिका
प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों के लिए भोजन व्यवस्था का अपना महत्व है। खासकर ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आने वाले बच्चों के लिए स्कूल में मिलने वाला भोजन उपयोगी साबित हो सकता है।
मिड डे मील के माध्यम से बच्चों को विद्यालय में भोजन उपलब्ध कराने के साथ उनकी नियमित उपस्थिति को बढ़ावा देने का प्रयास किया जाता है। वहीं, भोजन की तैयारी में रसोइयों की भूमिका महत्वपूर्ण रहती है।
इसलिए छात्राओं द्वारा मुख्यमंत्री के सामने रसोइयों के महत्व को रखना विद्यालयी व्यवस्था में उनके योगदान को रेखांकित करता है।
मुख्यमंत्री के साथ मुलाकात से छात्राओं में उत्साह
कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ छात्राओं ने सेल्फी ली। इस दौरान छात्राओं में उत्साह नजर आया। मुख्यमंत्री के साथ तस्वीर लेने का अवसर उनके लिए खास रहा।
वहीं, बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह की मौजूदगी ने कार्यक्रम को शिक्षा विभाग से भी जोड़े रखा।
कुल मिलाकर, लखनऊ में बेसिक शिक्षा विभाग के प्राथमिक विद्यालय की छात्राओं की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात में मिड डे मील और रसोइयों की भूमिका प्रमुखता से सामने आई। छात्राओं ने मुख्यमंत्री के साथ अपने अनुभव साझा किए और बाद में उनके साथ सेल्फी भी ली। यह मुलाकात बच्चों के संवाद, शिक्षा व्यवस्था और विद्यालयों में पोषण की भूमिका को रेखांकित करने वाली रही।

