रंगपुर में हिंदू परिवार के चार सदस्य मृत मिले, बंद मकान से बरामद हुए शव, जांच में जुटी पुलिस

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Digital UP News Desk

बांग्लादेश के रंगपुर शहर में एक हिंदू परिवार के चार सदस्यों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। दशपाड़ा (मच्छुआपाड़ा) इलाके में शनिवार रात एक बंद मकान से सेवानिवृत्त शिक्षक गणपति चक्रवर्ती, उनकी पत्नी प्रीतिलता चक्रवर्ती, बेटी अगामी चक्रवर्ती प्रार्थी और 12 वर्षीय बेटे प्रियम चक्रवर्ती के शव बरामद किए गए।

घटना के बाद इलाके में चिंता का माहौल है। हालांकि, पुलिस ने अभी तक मौत की वजह या घटना के पीछे किसी व्यक्ति की भूमिका को लेकर कोई निष्कर्ष नहीं दिया है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए रंगपुर मेट्रोपॉलिटन पुलिस के साथ क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (सीआईडी) और डिटेक्टिव ब्रांच (डीबी) की टीमें भी जांच में जुटी हैं। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम और जांच की अन्य प्रक्रियाओं के बाद ही मौत की वास्तविक परिस्थितियों के बारे में स्पष्ट जानकारी सामने आ सकेगी।

बंद मकान से देर रात बरामद हुए चार शव

रंगपुर के दशपाड़ा इलाके में स्थित मकान से शनिवार रात करीब 11:30 बजे चारों शव बरामद किए गए। रंगपुर मेट्रोपॉलिटन कोतवाली थाने के प्रभारी अधिकारी नाजमुल कादर के अनुसार, मकान बाहर से बंद था। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और ताला तोड़कर घर के अंदर प्रवेश किया।

पुलिस को घर के अलग-अलग हिस्सों में परिवार के चारों सदस्यों के शव मिले। घटना की सूचना मिलते ही जांच अधिकारियों ने मौके की परिस्थितियों का जायजा लिया और मामले से जुड़े संभावित सुराग जुटाने शुरू किए। यह जानकारी बांग्लादेशी समाचार रिपोर्ट के हवाले से सामने आई है। फिलहाल पुलिस ने घटना को लेकर किसी तरह की अंतिम धारणा व्यक्त नहीं की है।

मृतकों में सेवानिवृत्त शिक्षक और उनके बच्चे शामिल

मृतकों की पहचान रंगपुर जिला स्कूल के सेवानिवृत्त शिक्षक 65 वर्षीय गणपति चक्रवर्ती, उनकी 50 वर्षीय पत्नी प्रीतिलता चक्रवर्ती, 23 वर्षीय बेटी अगामी चक्रवर्ती प्रार्थी और 12 वर्षीय बेटे प्रियम चक्रवर्ती के रूप में हुई है।

परिजनों के मुताबिक, गणपति चक्रवर्ती पिछले साल 31 दिसंबर को रंगपुर जिला स्कूल से सेवानिवृत्त हुए थे। नौकरी से सेवानिवृत्ति के बाद उन्होंने होम्योपैथी के क्षेत्र में काम करना शुरू किया था। परिवार दशपाड़ा इलाके में बने अपने नए मकान में रह रहा था। उनकी बेटी अगामी ने इसी वर्ष रंगपुर के कारमाइकल कॉलेज से अंग्रेजी विषय में मास्टर डिग्री पूरी की थी। उनका छोटा बेटा प्रियम रंगपुर जिला स्कूल में कक्षा 5 का छात्र था।

गुरुवार से बंद थे परिवार के मोबाइल फोन

परिवार के सदस्यों के मुताबिक, गुरुवार के बाद से चारों लोगों से संपर्क नहीं हो पा रहा था। इससे रिश्तेदारों की चिंता बढ़ गई थी। प्रीतिलता चक्रवर्ती की छोटी बहन पूजा चक्रवर्ती ने बताया कि उन्होंने गुरुवार दोपहर अपनी बहन से आखिरी बार बातचीत की थी।

इसके बाद गुरुवार रात से परिवार के चारों मोबाइल फोन बंद बताए जा रहे थे। कई बार संपर्क करने की कोशिश के बावजूद जब कोई जवाब नहीं मिला तो परिजनों को अनहोनी की आशंका हुई। इसके बाद शनिवार रात परिवार के लोग दशपाड़ा स्थित मकान पर पहुंचे।

पूजा चक्रवर्ती के मुताबिक, घर का मुख्य गेट बंद था और अंदर की लाइटें भी बंद थीं। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस के पहुंचने पर ताला तोड़कर मकान के अंदर प्रवेश किया गया, जहां चारों के शव मिले।

परिजनों ने जताई घटना को लेकर हैरानी

परिजनों ने घटना को लेकर गहरी चिंता जताई है। पूजा चक्रवर्ती ने कहा कि परिवार यह समझ नहीं पा रहा है कि आखिर क्या हुआ और चारों लोगों की मौत किन परिस्थितियों में हुई। उन्होंने यह भी कहा कि गणपति चक्रवर्ती का किसी से विवाद या दुश्मनी होने की जानकारी परिवार को नहीं थी।

परिजनों के अनुसार, गणपति चक्रवर्ती शांत स्वभाव के व्यक्ति थे और सेवानिवृत्ति के बाद अपने परिवार के साथ नए घर में रह रहे थे। हालांकि, पुलिस जांच पूरी होने से पहले किसी संभावित कारण या आशंका को सही मानना उचित नहीं होगा।

अलग-अलग स्थानों पर मिले शव

रंगपुर मेट्रोपॉलिटन सीआईडी के प्रभारी सुबीर चौधरी ने बताया कि घर के अंदर चारों शव अलग-अलग स्थानों से बरामद हुए। उनके मुताबिक, प्रीतिलता और उनकी बेटी अगामी के शव सीढ़ियों के पास मिले, जबकि गणपति चक्रवर्ती का शव छत पर मिला।

वहीं, 12 वर्षीय प्रियम का शव एक बिस्तर के नीचे मिला। शवों का अलग-अलग स्थानों पर मिलना जांच के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जांच एजेंसियां अब घटनास्थल से मिले संभावित साक्ष्यों और अन्य परिस्थितियों का अध्ययन कर रही हैं।

पुलिस, सीआईडी और डिटेक्टिव ब्रांच कर रही जांच

रंगपुर मेट्रोपॉलिटन कोतवाली पुलिस के अलावा सीआईडी और डिटेक्टिव ब्रांच की टीमें भी मामले की पड़ताल कर रही हैं। जांच अधिकारी यह पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं कि परिवार के साथ आखिरी बार कब और क्या हुआ था।

इसके अलावा, परिवार के मोबाइल फोन बंद होने की परिस्थितियों, मकान के बाहर से बंद होने और शवों के अलग-अलग स्थानों पर मिलने जैसे पहलुओं को भी जांच में शामिल किया जा रहा है। पुलिस घटनास्थल से उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है।

हालांकि, अभी तक जांच एजेंसियों की ओर से मौत की वजह, घटना का सटीक समय या किसी संदिग्ध व्यक्ति के बारे में आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है।

पुलिस ने कहा- अभी कोई ठोस निष्कर्ष नहीं

रंगपुर मेट्रोपॉलिटन कोतवाली थाने के प्रभारी अधिकारी नाजमुल कादर ने कहा कि फिलहाल पुलिस ने चार लोगों के शव बरामद किए हैं और मामले की जांच जारी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अभी घटना के संबंध में कोई ठोस निष्कर्ष स्थापित नहीं किया जा सका है।

ऐसे में जांच पूरी होने से पहले मौत को लेकर किसी भी तरह की अटकल लगाना उचित नहीं होगा। पुलिस और जांच एजेंसियां घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने का प्रयास कर रही हैं। पोस्टमार्टम तथा फोरेंसिक जांच से भी मामले में महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की उम्मीद है।

जांच पूरी होने के बाद सामने आएगी वास्तविक तस्वीर

रंगपुर में एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत ने कई सवाल खड़े किए हैं। गुरुवार से मोबाइल फोन बंद होना, शनिवार रात बंद मकान से शवों का बरामद होना और घर के अलग-अलग स्थानों से शव मिलना जांच के प्रमुख बिंदु हैं।

फिलहाल पुलिस ने किसी भी संभावित कारण की पुष्टि नहीं की है। इसलिए घटना को लेकर सामने आ रही विभिन्न अटकलों के बजाय आधिकारिक जांच के निष्कर्ष का इंतजार करना जरूरी है। जांच एजेंसियां मामले के सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं। आने वाले दिनों में पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फोरेंसिक जांच और अन्य साक्ष्यों के आधार पर चारों मौतों की वास्तविक परिस्थितियां स्पष्ट होने की संभावना है।

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