औरैया में 14 हजार का चालान होने पर सड़क पर लेटा ई-रिक्शा चालक, फफूंद चौराहे पर लगा जाम

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रिपोर्ट – अंजुमन तिवारी 

औरैया: दिबियापुर थाना क्षेत्र के फफूंद चौराहे पर मंगलवार को ई-रिक्शा चालक के 14 हजार रुपये के चालान के विरोध में सड़क पर लेटकर प्रदर्शन करने का मामला सामने आया। चालक के इस विरोध के चलते चौराहे पर कुछ समय के लिए यातायात बाधित हो गया और वाहनों की लंबी कतार लग गई। बताया गया कि करीब आधे घंटे तक राहगीरों और वाहन चालकों को जाम की स्थिति का सामना करना पड़ा।

घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और चालक को समझाकर सड़क से हटाया। इसके बाद यातायात व्यवस्था को सामान्य कराया गया। वहीं, थाना प्रभारी ने ई-रिक्शा का चालान किस ट्रैफिक सिपाही द्वारा किए जाने की जांच कराने की बात कही है। जांच के बाद ही चालान से जुड़े पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

14 हजार रुपये के चालान का संदेश पहुंचने के बाद वापस पहुंचा चालक

जानकारी के मुताबिक, दिबियापुर थाना क्षेत्र में थाने के पीछे रहने वाला अंकित ई-रिक्शा चलाकर परिवार का भरण-पोषण करता है। बताया गया कि वह अपनी पत्नी के लिए दवा लेने जा रहा था। इसी दौरान फफूंद चौराहे के पास मौजूद एक ट्रैफिक सिपाही ने उसके ई-रिक्शा का चालान कर दिया।

कुछ समय बाद जब चालान से संबंधित संदेश अंकित के मोबाइल फोन पर पहुंचा तो उसमें 14 हजार रुपये की राशि दर्ज थी। इतनी बड़ी रकम का चालान देखकर चालक वापस फफूंद चौराहे पर पहुंच गया। उसने चालान की कार्रवाई को लेकर अपनी नाराजगी जताई और पुलिसकर्मी से मामले के संबंध में जानकारी लेने का प्रयास किया।

सड़क पर लेटकर जताया विरोध

अंकित का कहना था कि वह आर्थिक रूप से कमजोर परिवार से है और 14 हजार रुपये की चालान राशि उसके लिए काफी बड़ी है। इसी बात को लेकर उसने चौराहे पर सड़क पर लेटकर विरोध शुरू कर दिया।

चालक के सड़क पर लेटने के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जुटने लगी। कुछ लोगों ने उसकी परेशानी को समझते हुए उसके समर्थन में अपनी बात रखी, जबकि यातायात बाधित होने के कारण वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

देखते ही देखते फफूंद चौराहे पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित होने लगी। सड़क पर ई-रिक्शा चालक के प्रदर्शन के कारण दोनों ओर वाहनों की कतार लग गई। इससे राहगीरों और स्थानीय लोगों को भी कुछ समय तक परेशानी हुई।

करीब आधे घंटे तक बनी रही जाम की स्थिति

प्रदर्शन के कारण फफूंद चौराहे पर करीब आधे घंटे तक यातायात प्रभावित रहा। चौराहे से गुजरने वाले वाहनों को आगे बढ़ने में परेशानी हुई। इस दौरान मौके पर मौजूद लोगों ने पुलिस से मामले को जल्द सुलझाने की मांग की।

स्थिति को देखते हुए पुलिस ने मौके पर पहुंचकर चालक से बातचीत की। पुलिस अधिकारियों ने उसे समझाने का प्रयास किया और सड़क से हटने के लिए कहा। इसके बाद चालक सड़क से हट गया और यातायात को सामान्य कराने की प्रक्रिया शुरू की गई।

पुलिस के हस्तक्षेप के बाद धीरे-धीरे चौराहे पर वाहनों की आवाजाही सामान्य हो गई। हालांकि, कुछ समय तक घटना को लेकर मौके पर लोगों के बीच चर्चा होती रही।

थाना प्रभारी ने जांच का दिया भरोसा

मामले की जानकारी मिलने के बाद थाना प्रभारी सत्यप्रकाश भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने चालक से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली और स्थिति को शांत कराया। इस दौरान चालक की पत्नी मीना देवी भी मौके पर मौजूद थीं।

थाना प्रभारी ने बताया कि ई-रिक्शा का चालान किस ट्रैफिक सिपाही द्वारा किया गया है, इसकी जांच कराई जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच के बाद ही चालान की कार्रवाई और उससे जुड़े अन्य तथ्यों की वास्तविक स्थिति सामने आएगी।

इससे फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि 14 हजार रुपये का चालान किन नियमों के उल्लंघन के आधार पर किया गया था। पुलिस जांच के बाद इस संबंध में स्थिति साफ होने की उम्मीद है।

परिवार की आर्थिक स्थिति को लेकर चालक ने जताई चिंता

अंकित ने अपनी आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए कहा कि इतनी बड़ी राशि का चालान उसके लिए गंभीर आर्थिक परेशानी पैदा कर सकता है। एक ई-रिक्शा चालक के तौर पर परिवार का खर्च चलाने वाले अंकित ने कार्रवाई पर अपनी आपत्ति जताई।

हालांकि, यातायात नियमों के उल्लंघन की स्थिति में चालान की कार्रवाई संबंधित कानून और नियमों के अनुसार की जाती है। इसलिए इस मामले में भी यह जांच महत्वपूर्ण है कि वाहन चालक के खिलाफ किन धाराओं या नियमों के तहत कार्रवाई की गई और चालान की राशि किस आधार पर निर्धारित हुई।

यही वजह है कि पुलिस की ओर से मामले की जांच की बात कही गई है। जांच के बाद ही यह पता चल सकेगा कि चालान की प्रक्रिया निर्धारित नियमों के अनुसार हुई थी या नहीं।

चौराहे पर जुटी भीड़ से बढ़ी परेशानी

चालक के सड़क पर लेटने के बाद वहां मौजूद लोगों की संख्या बढ़ने लगी। इसके चलते यातायात व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव पड़ा। सड़क पर वाहनों की कतार लगने से स्थानीय लोगों और राहगीरों को भी कुछ समय के लिए परेशानी का सामना करना पड़ा।

ऐसे मामलों में विरोध प्रदर्शन के साथ-साथ यातायात व्यवस्था प्रभावित होने की स्थिति भी सामने आती है। इसलिए पुलिस के सामने प्राथमिक चुनौती प्रदर्शन कर रहे व्यक्ति को समझाने के साथ ही सड़क पर यातायात बहाल करने की होती है।

फफूंद चौराहे पर भी पुलिस ने बातचीत के जरिए स्थिति को नियंत्रित किया और चालक को सड़क से हटाया। इसके बाद यातायात व्यवस्था को दोबारा सुचारु किया गया।

पुलिस जांच के बाद स्पष्ट होगी पूरी स्थिति

फिलहाल इस पूरे मामले में पुलिस जांच महत्वपूर्ण है। थाना प्रभारी की ओर से चालान की कार्रवाई की जांच कराने की बात कही गई है। जांच में चालान से जुड़े दस्तावेज, कार्रवाई की परिस्थितियों और संबंधित ट्रैफिक कर्मी की भूमिका की जानकारी सामने आ सकती है।

इसके अलावा यह भी देखा जाएगा कि ई-रिक्शा चालक के खिलाफ किस यातायात नियम के उल्लंघन में चालान किया गया था और 14 हजार रुपये की राशि किस आधार पर बनी।

जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि चालान की कार्रवाई नियमों के अनुसार थी या इसमें किसी स्तर पर कोई गलती हुई। फिलहाल पुलिस ने चालक को समझाकर सड़क से हटाया है और यातायात को सामान्य कर दिया गया है।

घटना बनी स्थानीय चर्चा का विषय

फफूंद चौराहे पर ई-रिक्शा चालक के सड़क पर लेटकर विरोध करने की घटना के बाद यह मामला स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया। एक ओर जहां चालक ने बड़ी चालान राशि को लेकर अपनी परेशानी जताई, वहीं दूसरी ओर सड़क पर प्रदर्शन के कारण आम लोगों को भी जाम का सामना करना पड़ा।

ऐसे में अब सभी की नजर पुलिस की जांच पर है। जांच के बाद ही चालान और पूरे घटनाक्रम से जुड़े तथ्य सामने आएंगे। फिलहाल पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित कर लिया है और चौराहे पर यातायात सामान्य रूप से संचालित हो रहा है।

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