कानपुर सेंट्रल पर 13.65 किलो गांजा बरामद, जीआरपी ने आरोपी को किया गिरफ्तार
रिपोर्ट – हरी शंकर शर्मा
कानपुर: कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन पर मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे चेकिंग अभियान के दौरान जीआरपी और आरपीएफ की संयुक्त टीम को बड़ी सफलता मिली। टीम ने स्टेशन के कैंट साइड स्थित सुलभ शौचालय के पीछे पीपल के पेड़ के नीचे से एक संदिग्ध व्यक्ति को गिरफ्तार किया। तलाशी के दौरान उसके पास मौजूद ट्रॉली बैग से 13 किलो 650 ग्राम गांजा बरामद किया गया। जीआरपी के अनुसार बरामद गांजे की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत 15 लाख रुपये से अधिक है।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान विनय कुमार शर्मा (36 वर्ष) पुत्र ध्रुव शंकर शर्मा, निवासी ग्राम रामा छपरा, थाना दुरौधा, जिला सिवान, बिहार के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह गांजा उड़ीसा से लेकर आया था और इसे आनंद विहार, दिल्ली ले जाने के लिए ट्रेन का इंतजार कर रहा था।
पुलिस महानिदेशक रेलवे के निर्देश पर चेकिंग अभियान
पुलिस के अनुसार, पुलिस महानिदेशक रेलवे प्रकाश डी. के निर्देश पर रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में संदिग्ध गतिविधियों तथा मादक पदार्थों की तस्करी पर प्रभावी नियंत्रण के लिए चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन पर जीआरपी और आरपीएफ की टीम लगातार निगरानी कर रही थी।
इसी अभियान के दौरान कानपुर सेंट्रल स्टेशन के सर्कुलेटिंग एरिया में कैंट साइड स्थित सुलभ शौचालय के पीछे पीपल के पेड़ के नीचे एक व्यक्ति संदिग्ध अवस्था में दिखाई दिया। टीम ने उसकी गतिविधियों पर नजर रखी और पूछताछ के बाद उसके सामान की जांच की।
तलाशी के दौरान आरोपी के पास मौजूद ट्रॉली बैग से गांजा बरामद हुआ। इसके बाद पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर बरामद मादक पदार्थ का वजन कराया। वजन करने पर कुल 13 किलो 650 ग्राम गांजा पाया गया।
15 लाख रुपये से अधिक बताई गई कीमत
जीआरपी पुलिस के मुताबिक बरामद गांजे की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 15 लाख रुपये से अधिक बताई गई है। बरामदगी के बाद पुलिस ने मादक पदार्थ को कब्जे में ले लिया और आरोपी के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी गांजा कहां से लेकर आया था और इसे दिल्ली में किस व्यक्ति तक पहुंचाया जाना था। इसके साथ ही तस्करी के इस नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है।
उड़ीसा से गांजा लाकर दिल्ली जाने की तैयारी
प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी विनय कुमार शर्मा ने पुलिस को बताया कि वह गांजा उड़ीसा से लेकर आया था। इसके बाद वह इसे लेकर आनंद विहार, दिल्ली जाने वाली ट्रेन का इंतजार कर रहा था।
हालांकि, पुलिस आरोपी के इस बयान की भी जांच कर रही है। जांच के दौरान यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि गांजा उसे किस माध्यम से मिला और उसके पीछे कोई संगठित तस्करी नेटवर्क सक्रिय है या नहीं।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक आरोपी से पूछताछ के आधार पर आगे की जांच की जा रही है। साथ ही उसके संपर्क में रहने वाले लोगों और संभावित सहयोगियों की जानकारी भी जुटाई जा रही है।
दूसरे जिलों और राज्यों से भी जुटाई जा रही जानकारी
जीआरपी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी के आपराधिक इतिहास की जानकारी भी जुटाई जा रही है। इसके लिए अन्य जनपदों और राज्यों से संपर्क कर आवश्यक जानकारी प्राप्त की जा रही है।
पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपी पहले किसी मादक पदार्थ की तस्करी या अन्य आपराधिक गतिविधि में शामिल रहा है या नहीं। यदि जांच में अन्य लोगों की भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
इस तरह पुलिस की जांच का दायरा अब बरामदगी और आरोपी की गिरफ्तारी से आगे बढ़कर पूरे नेटवर्क तक पहुंचने की दिशा में है।
जीआरपी और आरपीएफ की संयुक्त कार्रवाई
इस कार्रवाई को थाना जीआरपी कानपुर सेंट्रल और आरपीएफ पोस्ट कानपुर सेंट्रल की संयुक्त टीम ने अंजाम दिया। दोनों सुरक्षा एजेंसियों की टीम रेलवे स्टेशन परिसर में चेकिंग अभियान चला रही थी।
पुलिस के अनुसार, संयुक्त टीम ने संदिग्ध व्यक्ति की पहचान करने के बाद उसके सामान की जांच की। ट्रॉली बैग से गांजा बरामद होने के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।
रेलवे स्टेशन पर मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए इस तरह की चेकिंग आगे भी जारी रखने की बात कही गई है। अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा के साथ-साथ अवैध गतिविधियों पर नजर रखना भी प्राथमिकता है।
इन पुलिस अधिकारियों की रही भूमिका
कार्रवाई में ओम नारायण सिंह, प्रभारी निरीक्षक थाना जीआरपी कानपुर सेंट्रल, सिद्धनाथ पाटीदार, प्रभारी आरपीएफ पोस्ट कानपुर सेंट्रल, अमित कुमार चौधरी, प्रभारी सीआईबी विंग आरपीएफ पोस्ट कानपुर सेंट्रल, एसआई विनोद कुमार यादव, जीआरपी झींझक चौकी प्रभारी अर्पित तिवारी तथा जीआरपी गोविंदपुरी चौकी प्रभारी धीरेन्द्र प्रताप सिंह सहित पुलिस बल मौजूद रहा।
संयुक्त टीम की कार्रवाई के बाद आरोपी को आवश्यक कानूनी प्रक्रिया के तहत पुलिस अभिरक्षा में लिया गया। वहीं, बरामद गांजे को भी नियमानुसार कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
रेलवे स्टेशनों पर बढ़ाई जा रही निगरानी
कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन पर बड़ी संख्या में यात्रियों की आवाजाही होती है। ऐसे में सुरक्षा एजेंसियों की ओर से संदिग्ध गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जाती है। इसके अलावा स्टेशन के अलग-अलग हिस्सों और सर्कुलेटिंग एरिया में समय-समय पर चेकिंग अभियान चलाया जाता है।
मादक पदार्थों की तस्करी पर रोक लगाने के लिए जीआरपी और आरपीएफ की संयुक्त कार्रवाई को इसी अभियान का हिस्सा बताया गया है। अधिकारियों के निर्देश पर संदिग्ध सामान की जांच और संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ की जा रही है।
तस्करी नेटवर्क की जांच पर फोकस
फिलहाल पुलिस की प्राथमिकता मामले में शामिल अन्य संभावित लोगों की जानकारी जुटाना है। आरोपी से पूछताछ के आधार पर यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि गांजा उड़ीसा से किस माध्यम से कानपुर पहुंचा और दिल्ली में इसकी सप्लाई कहां की जानी थी।
इसके साथ ही पुलिस आरोपी के मोबाइल संपर्क, यात्रा से संबंधित जानकारी और उसके संभावित नेटवर्क की जांच कर सकती है। जांच के आधार पर आगे और कार्रवाई होने की संभावना है।
कुल मिलाकर, कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन पर जीआरपी और आरपीएफ की संयुक्त टीम ने 13 किलो 650 ग्राम गांजा बरामद कर एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक बरामद मादक पदार्थ की कीमत 15 लाख रुपये से अधिक है। अब जांच एजेंसियां इस मामले से जुड़े अन्य लोगों और आरोपी के आपराधिक इतिहास की जानकारी जुटाने में लगी हैं।

