कानपुर देहात जिला अस्पताल को CSR से मिला 30 KVA जनरेटर, रक्तदान शिविर का भी हुआ शुभारंभ
रिपोर्ट – विशाल मिश्रा
कानपुर देहात: अकबरपुर स्थित स्वायत्तशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय एवं जिला चिकित्सालय में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई। फ्रंटियर एलाय स्टील्स के सहयोग से कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) के तहत जिला चिकित्सालय को 30 KVA क्षमता का जनरेटर उपलब्ध कराया गया। जिलाधिकारी कपिल सिंह ने मुख्य अतिथि के रूप में फीता काटकर जनरेटर का उद्घाटन किया। इस अवसर पर अस्पताल परिसर में रक्तदान शिविर का भी शुभारंभ किया गया।
कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों और औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारी निभाने पर जोर दिया। वहीं, ‘रक्तदान महादान’ का संदेश देते हुए लोगों से स्वैच्छिक रक्तदान के लिए आगे आने की अपील की गई।
जिला अस्पताल की विद्युत व्यवस्था होगी मजबूत
जिला चिकित्सालय में लगाए गए 30 KVA जनरेटर का उद्देश्य अस्पताल की विद्युत व्यवस्था को सुदृढ़ करना है। अस्पताल जैसी आवश्यक सेवा वाली जगह पर बिजली की निर्बाध उपलब्धता बेहद महत्वपूर्ण होती है। विशेष रूप से आपातकालीन सेवाओं, जांच, उपचार और अन्य चिकित्सकीय व्यवस्थाओं के संचालन में बिजली की भूमिका अहम रहती है।
इस अवसर पर जिलाधिकारी कपिल सिंह ने कहा कि CSR के माध्यम से उपलब्ध कराया गया जनरेटर जिला चिकित्सालय की व्यवस्थाओं को मजबूत करने में उपयोगी साबित होगा। उन्होंने अस्पताल प्रशासन को निर्देश दिए कि विद्युत व्यवस्था समेत मरीजों से जुड़ी सभी आवश्यक सेवाओं को सुचारु रखा जाए।
कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक श्रद्धा नरेंद्र पाण्डेय, मुख्य विकास अधिकारी विधान जायसवाल, मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अमरीश गुप्ता और मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. जय गोविंद सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।
रक्तदान शिविर का भी हुआ शुभारंभ
जनरेटर के उद्घाटन के बाद जिला चिकित्सालय परिसर में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। स्माल इंडस्ट्रीज एवं मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन के सौजन्य से आयोजित इस शिविर का जिलाधिकारी कपिल सिंह, पुलिस अधीक्षक श्रद्धा नरेंद्र पाण्डेय और मुख्य विकास अधिकारी विधान जायसवाल ने शुभारंभ किया।
शिविर की शुरुआत मुख्य विकास अधिकारी विधान जायसवाल और मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अमरीश गुप्ता ने स्वयं रक्तदान करके की। इससे कार्यक्रम में मौजूद लोगों को स्वैच्छिक रक्तदान के प्रति सकारात्मक संदेश मिला।
अधिकारियों ने कहा कि रक्त की उपलब्धता मरीजों के उपचार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। दुर्घटना के मामलों, प्रसव के दौरान आवश्यकता पड़ने, गंभीर बीमारी से जूझ रहे मरीजों और अन्य चिकित्सा परिस्थितियों में रक्त की जरूरत पड़ सकती है। ऐसे में स्वैच्छिक रक्तदान से रक्त भंडार को पर्याप्त बनाए रखने में मदद मिलती है।
डीएम कपिल सिंह ने बताया रक्तदान का महत्व
जिलाधिकारी कपिल सिंह ने कहा कि रक्तदान महादान है। किसी जरूरतमंद व्यक्ति के लिए दिया गया रक्त बेहद महत्वपूर्ण हो सकता है। उन्होंने स्वस्थ लोगों से स्वैच्छिक रक्तदान के लिए आगे आने की अपील की।
उन्होंने कहा कि सामाजिक और औद्योगिक संगठनों के सहयोग से आयोजित होने वाले रक्तदान शिविर रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करने में मददगार हैं। इसलिए ऐसे आयोजनों में समाज के अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी जरूरी है।
जिलाधिकारी ने लोगों से रक्तदान को लेकर मौजूद भ्रांतियों को दूर करने और योग्य लोगों को स्वैच्छिक रक्तदान के लिए प्रेरित करने का भी आह्वान किया।
एसपी ने युवाओं से रक्तदान की अपील की
पुलिस अधीक्षक श्रद्धा नरेंद्र पाण्डेय ने रक्तदान को मानवता की सेवा का महत्वपूर्ण माध्यम बताया। उन्होंने कहा कि स्वैच्छिक रक्तदान किसी जरूरतमंद मरीज के लिए उपयोगी हो सकता है।
उन्होंने विशेष रूप से युवाओं और आमजन से अपील की कि वे बिना किसी संकोच के स्वैच्छिक रक्तदान के लिए आगे आएं। साथ ही उन्होंने कहा कि समाज में रक्तदान को लेकर जागरूकता बढ़ाना सभी की साझा जिम्मेदारी है।
पुलिस अधीक्षक के अनुसार, रक्तदान से जुड़ी सकारात्मक जानकारी लोगों तक पहुंचाना जरूरी है, ताकि स्वस्थ और पात्र लोग इस सामाजिक पहल से जुड़ सकें।
सीडीओ और प्राचार्य ने किया रक्तदान
मुख्य विकास अधिकारी विधान जायसवाल ने कहा कि रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ व्यक्ति द्वारा किया गया स्वैच्छिक रक्तदान जरूरत के समय किसी दूसरे व्यक्ति के लिए उपयोगी साबित हो सकता है।
उन्होंने रक्तदान से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने और अधिक से अधिक लोगों को नियमित स्वैच्छिक रक्तदान के लिए प्रेरित करने पर जोर दिया।
वहीं, मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अमरीश गुप्ता ने भी रक्तदान शिविर में हिस्सा लेकर रक्तदान किया। अधिकारियों और चिकित्सकों की भागीदारी से शिविर में मौजूद लोगों को भी रक्तदान के लिए प्रोत्साहन मिला।
डीएम ने अस्पताल की व्यवस्थाओं का लिया जायजा
कार्यक्रम के बाद जिलाधिकारी कपिल सिंह ने जिला चिकित्सालय का निरीक्षण कर मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही चिकित्सा सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने अस्पताल में बिजली, स्वच्छता, दवाओं, जांच और उपचार सहित विभिन्न व्यवस्थाओं की समीक्षा की।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अस्पताल में मरीजों को किसी तरह की परेशानी न हो। इसके लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं लगातार दुरुस्त रखी जाएं। साथ ही उन्होंने चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ को मरीजों के प्रति संवेदनशील रवैया अपनाने के निर्देश दिए।
इसके अलावा जिलाधिकारी ने अस्पताल में भर्ती मरीजों से मुलाकात की और उनके स्वास्थ्य तथा उपचार के बारे में जानकारी ली। उन्होंने मरीजों को फल भी वितरित किए और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
मरीजों को बेहतर सुविधा देने के निर्देश
जिलाधिकारी ने मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य को निर्देशित किया कि सभी मरीजों को बेहतर, गुणवत्तापूर्ण और संवेदनशील चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि अस्पताल में आने वाले मरीजों और उनके परिजनों की समस्याओं को गंभीरता से सुना जाए और उनका यथासंभव समाधान किया जाए।
उन्होंने अस्पताल की व्यवस्थाओं को नियमित रूप से बेहतर बनाए रखने पर जोर दिया। साथ ही बिजली जैसी बुनियादी व्यवस्था को मजबूत करने के लिए उपलब्ध कराए गए जनरेटर का उचित रखरखाव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
CSR के जरिए स्वास्थ्य सेवाओं को सहयोग
जिला चिकित्सालय को CSR के माध्यम से मिला 30 KVA जनरेटर औद्योगिक क्षेत्र और स्वास्थ्य विभाग के बीच सहयोग का उदाहरण है। इस तरह की पहल से सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों की आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने में सहायता मिल सकती है।
कार्यक्रम में औद्योगिक संगठन के सदस्य हरदीप राखरा, फ्रंटियर एलाय स्टील्स से मनु भाटिया, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक महिला डॉ. वंदना सिंह सहित मेडिकल कॉलेज, स्वास्थ्य विभाग और औद्योगिक संगठन के अन्य अधिकारी एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
कुल मिलाकर, अकबरपुर जिला चिकित्सालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान एक ओर अस्पताल की विद्युत व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 30 KVA जनरेटर की सुविधा मिली, वहीं दूसरी ओर रक्तदान शिविर के माध्यम से सामाजिक जागरूकता का संदेश दिया गया। अधिकारियों ने स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने और मरीजों को सुविधाजनक उपचार उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।

