बरसाना में अवैध निर्माण पर विकास प्राधिकरण की बड़ी कार्रवाई, दो निर्माणाधीन परिसर किये गए सीलबंद
रिपोर्ट – योगेश भारद्वाज
मथुरा: धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण बरसाना क्षेत्र में अनाधिकृत निर्माण के खिलाफ मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण ने कार्रवाई की है। प्राधिकरण की टीम ने बिना स्वीकृत मानचित्र के निर्माण कराए जा रहे दो निर्माणाधीन परिसरों को सीलबंद कर दिया। अधिकारियों के मुताबिक, दोनों स्थानों पर निर्माण से संबंधित स्वीकृत दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए थे। इसके अलावा नोटिस जारी किए जाने के बावजूद निर्माण कार्य जारी रखा गया, जिसके बाद नियमानुसार सीलिंग की कार्रवाई की गई।
प्राधिकरण की इस कार्रवाई के बाद बरसाना क्षेत्र में बिना अनुमति या स्वीकृत मानचित्र के निर्माण कराने वालों में चिंता बढ़ गई है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अनाधिकृत निर्माण के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने वाले निर्माणकर्ताओं पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
राधा बाग रोपवे रोड पर 700 वर्ग मीटर में हो रहा था निर्माण
प्राधिकरण के अनुसार, बरसाना के राधा बाग रोपवे रोड पर अमित नामक व्यक्ति द्वारा करीब 700 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में निर्माण कराया जा रहा था। यहां भूतल के अलावा प्रथम, द्वितीय और तृतीय तल का निर्माण प्रस्तावित या निर्माणाधीन पाया गया।
निरीक्षण के दौरान प्राधिकरण की टीम ने संबंधित पक्ष से निर्माण से जुड़े स्वीकृत मानचित्र और अन्य वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा। अधिकारियों के मुताबिक, मौके पर ऐसा कोई स्वीकृत मानचित्र प्रस्तुत नहीं किया गया, जिससे निर्माण की वैधता की पुष्टि हो सके।
इसके बाद प्राधिकरण की ओर से संबंधित पक्ष को नोटिस जारी किया गया। नोटिस में निर्माण से संबंधित स्वीकृत दस्तावेज उपलब्ध कराने और निर्माण कार्य रोकने के निर्देश दिए गए थे।
हालांकि, अधिकारियों के अनुसार नोटिस जारी होने के बाद भी निर्माण कार्य बंद नहीं किया गया। इसके बाद प्राधिकरण ने मामले को गंभीरता से लेते हुए नियमानुसार कार्रवाई आगे बढ़ाई।
कामा रोड पर भी मिला अनाधिकृत निर्माण
इसी तरह बरसाना के कामा रोड स्थित मोहिनी निकुंज के पास नहर की पटरी पर भी निर्माण कार्य किए जाने की जानकारी सामने आई। प्राधिकरण के अनुसार, संजू द्वारा करीब 400 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में बेसमेंट, भूतल और प्रथम तल का निर्माण कराया जा रहा था।
निरीक्षण के दौरान इस निर्माण के लिए भी स्वीकृत मानचित्र उपलब्ध नहीं पाया गया। प्राधिकरण ने संबंधित पक्ष को कार्रवाई से पहले नोटिस जारी कर आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने और निर्माण कार्य रोकने के निर्देश दिए थे।
अधिकारियों के मुताबिक, नोटिस के बावजूद न तो स्वीकृत मानचित्र या वैध दस्तावेज प्रस्तुत किए गए और न ही निर्माण कार्य बंद किया गया। इसके बाद प्राधिकरण की ओर से दोनों मामलों में नियमानुसार कार्रवाई करने का निर्णय लिया गया।
नोटिस के बाद भी निर्माण जारी रखने पर कार्रवाई
विकास प्राधिकरण की कार्रवाई में सबसे महत्वपूर्ण तथ्य यह रहा कि दोनों निर्माण स्थलों पर नोटिस जारी किए जाने के बाद भी निर्माण कार्य जारी रहने की बात अधिकारियों ने कही है।
प्राधिकरण के अनुसार, किसी भी निर्माण के लिए निर्धारित नियमों और मानकों का पालन करना आवश्यक है। यदि संबंधित व्यक्ति या संस्था को निर्माण कराना है तो उसे पहले निर्धारित प्रक्रिया के तहत मानचित्र स्वीकृत कराना होता है। स्वीकृति के बिना निर्माण किए जाने की स्थिति में प्राधिकरण कार्रवाई कर सकता है।
दोनों मामलों में नोटिस के बावजूद निर्माण कार्य बंद नहीं होने पर प्राधिकरण ने सीलिंग की कार्रवाई की। अधिकारियों का कहना है कि इस कार्रवाई का उद्देश्य अनाधिकृत निर्माण को आगे बढ़ने से रोकना है।
19 अगस्त को दोनों परिसरों पर हुई सीलिंग
मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण के अनुसार, उत्तर प्रदेश नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम, 1973 की धारा 28क(1) के तहत कार्रवाई की गई। इसी क्रम में 19 अगस्त 2026 को दोनों निर्माणाधीन परिसरों को सीलबंद किया गया।
प्राधिकरण की टीम ने कार्रवाई के दौरान यह सुनिश्चित किया कि सीलिंग के बाद निर्माण कार्य को आगे नहीं बढ़ाया जा सके। अधिकारियों ने बताया कि निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत दोनों स्थलों पर कार्रवाई की गई है।
प्राधिकरण की ओर से की गई इस कार्रवाई को क्षेत्र में अनाधिकृत निर्माण पर नियंत्रण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे ऐसे लोगों को भी संदेश गया है जो बिना आवश्यक अनुमति के निर्माण कराने का प्रयास कर रहे हैं।
धार्मिक और पर्यटन क्षेत्र होने के कारण महत्वपूर्ण है बरसाना
बरसाना ब्रज क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण धार्मिक और पर्यटन स्थल है। यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं। ऐसे में क्षेत्र में निर्माण गतिविधियों को नियोजित तरीके से संचालित करना प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।
विकास प्राधिकरण का कहना है कि बरसाना में भवन निर्माण के दौरान निर्धारित मानकों का पालन कराया जाना जरूरी है। इससे क्षेत्र का नियोजित विकास सुनिश्चित किया जा सकता है और भविष्य में अनियोजित निर्माण से उत्पन्न होने वाली समस्याओं को भी रोका जा सकता है।
धार्मिक और पर्यटन महत्व वाले क्षेत्रों में सड़क, जल निकासी, पार्किंग, सुरक्षा और अन्य बुनियादी सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए निर्माण गतिविधियों का संचालन जरूरी होता है। इसलिए प्राधिकरण की ओर से स्वीकृत मानचित्र के बिना किए जा रहे निर्माणों पर नजर रखी जा रही है।
अवैध निर्माण के खिलाफ अभियान जारी रहेगा
मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि अनाधिकृत निर्माण के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। अधिकारियों के मुताबिक, क्षेत्र में ऐसे निर्माणों को चिह्नित किया जा रहा है, जहां निर्धारित नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है।
प्राधिकरण के अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि किसी भी भवन या व्यावसायिक परिसर का निर्माण शुरू करने से पहले आवश्यक स्वीकृतियां प्राप्त कर ली जाएं। इससे बाद में होने वाली कानूनी कार्रवाई और आर्थिक नुकसान से बचा जा सकता है।
साथ ही, निर्माणकर्ताओं को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि स्वीकृत मानचित्र के अनुरूप ही निर्माण कार्य किया जाए। स्वीकृति से अलग निर्माण किए जाने की स्थिति में भी प्राधिकरण कार्रवाई कर सकता है।
प्राधिकरण के उपाध्यक्ष के निर्देशन में कार्रवाई
अधिकारियों के अनुसार, मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण की यह कार्रवाई उपाध्यक्ष लक्ष्मी नागप्पन के निर्देशन में की गई। प्राधिकरण का कहना है कि क्षेत्र में नियोजित विकास और भवन निर्माण से जुड़े निर्धारित मानकों का पालन कराना प्राथमिकता है।
अधिकारियों ने कहा कि किसी भी व्यक्ति को बिना आवश्यक अनुमति के निर्माण करने की छूट नहीं दी जाएगी। यदि जांच के दौरान निर्माण अनाधिकृत पाया जाता है तो संबंधित नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
प्राधिकरण की कार्रवाई से यह भी स्पष्ट किया गया है कि पहले नोटिस देकर संबंधित पक्ष को अपना पक्ष रखने और आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने का अवसर दिया जा रहा है। इसके बाद भी यदि नियमों का पालन नहीं किया जाता है तो कार्रवाई की जा सकती है।
आगे भी हो सकती है कार्रवाई
दो निर्माणाधीन परिसरों को सीलबंद किए जाने के बाद अब प्राधिकरण की नजर क्षेत्र में अन्य निर्माण गतिविधियों पर भी है। अधिकारियों ने संकेत दिया है कि आने वाले दिनों में ऐसे निर्माणों को चिह्नित किया जा सकता है, जो बिना स्वीकृत मानचित्र या आवश्यक अनुमति के किए जा रहे हैं।
बरसाना में लगातार बढ़ती निर्माण गतिविधियों के बीच प्राधिकरण की कार्रवाई को नियोजित विकास के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वहीं, स्थानीय लोगों और निर्माणकर्ताओं के लिए भी यह संकेत है कि भवन निर्माण से पहले सभी आवश्यक कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करना जरूरी है।
फिलहाल 19 अगस्त को की गई कार्रवाई के तहत दो निर्माणाधीन परिसरों को सीलबंद किया गया है। प्राधिकरण ने साफ किया है कि अनाधिकृत निर्माण के मामलों में नियमों के अनुसार कार्रवाई जारी रहेगी।

