कानपुर के घाटमपुर में कुष्मांडा देवी मंदिर का शौचालय हुआ बदहाल, महीनों से मरम्मत का इंतजार

d78c311c-4f49-4ea5-be60-598ce9352da8

रिपोर्ट – सर्वेश सोनू शर्मा 

कानपुर: घाटमपुर स्थित प्रसिद्ध सिद्धपीठ मां कुष्मांडा देवी मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्या सामने आई है। मंदिर परिसर में नगर पालिका द्वारा बनवाया गया सुलभ शौचालय पिछले कई महीनों से खराब स्थिति में पड़ा है। शौचालय के पुरुष मूत्रालय का हिस्सा क्षतिग्रस्त होने के साथ-साथ परिसर में गंदगी और मलबा जमा है। ऐसे में मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

स्थानीय लोगों और दर्शनार्थियों का कहना है कि मां कुष्मांडा देवी मंदिर में रोजाना बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। विशेष अवसरों और त्योहारों के दौरान यहां आने वाले लोगों की संख्या और बढ़ जाती है। इसके बावजूद शौचालय जैसी जरूरी जनसुविधा की लंबे समय से मरम्मत नहीं होने से लोगों में नाराजगी है।

महीनों से खराब पड़ा है सुलभ शौचालय

स्थानीय लोगों के अनुसार, मंदिर परिसर में मौजूद सुलभ शौचालय का पुरुष मूत्रालय लंबे समय से खराब है। इसके कई हिस्से क्षतिग्रस्त बताए जा रहे हैं। वहीं, शौचालय की सीटों की स्थिति भी ठीक नहीं है।

रखरखाव के अभाव में शौचालय परिसर में गंदगी और मलबा जमा हो गया है। इसके कारण वहां साफ-सफाई की स्थिति भी खराब बताई जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नियमित सफाई और मरम्मत नहीं होने से समस्या लगातार बढ़ती जा रही है।

श्रद्धालुओं का कहना है कि मंदिर जैसे धार्मिक स्थल पर साफ-सफाई और स्वच्छता की व्यवस्था बेहतर होना जरूरी है। खासतौर पर ऐसे स्थान पर जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग दर्शन के लिए पहुंचते हैं, वहां सार्वजनिक शौचालय की नियमित देखरेख आवश्यक है।

श्रद्धालुओं को हो रही परेशानी

मां कुष्मांडा देवी मंदिर में दूर-दराज के क्षेत्रों से भी श्रद्धालु पहुंचते हैं। इनमें बुजुर्गों के अलावा परिवार के साथ आने वाले लोग भी शामिल होते हैं। ऐसे में सार्वजनिक शौचालय की खराब स्थिति लोगों के लिए परेशानी का कारण बन रही है।

स्थानीय लोगों के मुताबिक, शौचालय की बदहाल स्थिति के कारण श्रद्धालुओं को वैकल्पिक व्यवस्था तलाशनी पड़ती है। वहीं, मंदिर परिसर के आसपास गंदगी रहने से भी लोगों को असुविधा होती है।

श्रद्धालुओं का कहना है कि धार्मिक स्थल पर आने वाले लोगों को साफ और व्यवस्थित जनसुविधाएं मिलनी चाहिए। इसके लिए संबंधित विभाग को समय-समय पर निरीक्षण कर जरूरी मरम्मत और सफाई करानी चाहिए।

दुर्गंध से भी परेशान हैं लोग

शौचालय की सफाई और रखरखाव नहीं होने के कारण आसपास दुर्गंध की समस्या भी बनी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मंदिर परिसर में आने-जाने वाले लोगों को कई बार असुविधा का सामना करना पड़ता है।

विशेष रूप से शौचालय के आसपास जमा गंदगी और मलबे के कारण वातावरण प्रभावित होने की बात कही जा रही है। मंदिर परिसर में दर्शन और पूजा के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालु स्वच्छ वातावरण की अपेक्षा करते हैं।

ऐसे में लोगों की मांग है कि शौचालय की तत्काल सफाई कराई जाए और क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत कराकर उसे दोबारा उपयोग के योग्य बनाया जाए।

नगर पालिका प्रशासन पर उठ रहे सवाल

सुलभ शौचालय नगर पालिका द्वारा बनवाया गया है। ऐसे में स्थानीय लोगों ने नगर पालिका प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि सार्वजनिक सुविधा का निर्माण होने के बाद उसकी नियमित देखरेख भी संबंधित विभाग की जिम्मेदारी है।

लोगों के मुताबिक, यदि शौचालय में लंबे समय से खराबी है तो उसकी मरम्मत समय रहते होनी चाहिए थी। कई महीनों तक समस्या बने रहने से यह सवाल उठता है कि संबंधित अधिकारियों की ओर से स्थल का नियमित निरीक्षण किया जा रहा है या नहीं।

हालांकि, नगर पालिका प्रशासन की ओर से इस मामले में आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। इसलिए शौचालय की वर्तमान स्थिति और शिकायतों पर विभाग की ओर से क्या कार्रवाई की गई है, यह स्पष्ट होना अभी बाकी है।

शिकायत के बावजूद समाधान नहीं होने का आरोप

स्थानीय नागरिकों और श्रद्धालुओं का आरोप है कि शौचालय की खराब स्थिति को लेकर कई बार जिम्मेदार अधिकारियों से शिकायत की गई। इसके बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया।

लोगों का कहना है कि यदि समय रहते मरम्मत करा दी जाती तो स्थिति इतनी खराब नहीं होती। अब शौचालय के क्षतिग्रस्त हिस्सों के साथ सफाई व्यवस्था को भी दुरुस्त करने की जरूरत है।

स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि शिकायत का संज्ञान लेकर मौके का निरीक्षण कराया जाए। इसके बाद शौचालय की स्थिति के अनुसार मरम्मत, सफाई और रखरखाव की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

त्योहारों से पहले मरम्मत की मांग

आगामी त्योहारों और धार्मिक आयोजनों को देखते हुए मंदिर परिसर की सुविधाओं को लेकर चिंता और बढ़ गई है। त्योहारों के दौरान सामान्य दिनों की तुलना में श्रद्धालुओं की संख्या काफी बढ़ सकती है।

ऐसे में खराब शौचालय के कारण आने वाले दिनों में परेशानी और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि त्योहारों से पहले शौचालय की मरम्मत और सफाई का काम पूरा किया जाना चाहिए।

इसके साथ ही मंदिर परिसर में पेयजल, साफ-सफाई और अन्य आवश्यक जनसुविधाओं का भी निरीक्षण कराया जाना चाहिए, ताकि श्रद्धालुओं को बेहतर व्यवस्था मिल सके।

बुजुर्ग श्रद्धालुओं के लिए जरूरी सुविधा

मंदिर में आने वाले बुजुर्ग श्रद्धालुओं के लिए सार्वजनिक शौचालय जैसी सुविधा विशेष रूप से महत्वपूर्ण होती है। लंबी दूरी तय करके मंदिर पहुंचने वाले लोगों को यदि आवश्यक सुविधाएं नहीं मिलती हैं तो उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ता है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि मंदिर परिसर में आने वाले हर श्रद्धालु को साफ-सुथरी और सुरक्षित जनसुविधा मिलनी चाहिए। इसलिए प्रशासन को इस समस्या को केवल सफाई से जुड़ा मामला न मानकर श्रद्धालुओं की सुविधा से जोड़कर देखना चाहिए।

मंदिर की व्यवस्था सुधारने की मांग

स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि मंदिर परिसर में खराब पड़े सुलभ शौचालय की जल्द से जल्द मरम्मत कराई जाए। इसके अलावा नियमित सफाई के लिए भी जिम्मेदारी तय की जाए।

लोगों का कहना है कि केवल एक बार सफाई कराने से समस्या का समाधान नहीं होगा। सार्वजनिक शौचालय की नियमित सफाई, पानी की उपलब्धता और समय-समय पर मरम्मत की व्यवस्था जरूरी है।

यदि नगर पालिका की ओर से नियमित निरीक्षण की व्यवस्था की जाती है तो भविष्य में इस तरह की समस्या को समय रहते दूर किया जा सकता है।

प्रशासन की कार्रवाई का इंतजार

घाटमपुर के मां कुष्मांडा देवी मंदिर परिसर में सुलभ शौचालय की बदहाल स्थिति को लेकर स्थानीय नागरिकों और श्रद्धालुओं की नाराजगी सामने आई है। लोगों ने नगर पालिका प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।

अब देखना होगा कि नगर पालिका प्रशासन इस शिकायत का संज्ञान लेकर कब तक मरम्मत और सफाई की कार्रवाई शुरू करता है। श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए शौचालय को जल्द ठीक कराना जरूरी माना जा रहा है।

मंदिर एक प्रमुख धार्मिक स्थल है और यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। इसलिए साफ-सफाई और बुनियादी सुविधाओं की बेहतर व्यवस्था से न केवल लोगों को राहत मिलेगी, बल्कि मंदिर परिसर की व्यवस्था भी अधिक सुचारु हो सकेगी।

You may have missed