बिजनौर में मूसलाधार बारिश से नदी-नाले उफान पर, आधा दर्जन गांव प्रभावित – पढ़िए खस्ता-ए-हाल
रिपोर्ट – ताबिश मिर्जा
बिजनौर: उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ है। लगातार बारिश के चलते जिले के कई नदी-नाले उफान पर हैं और जलस्तर बढ़ने से आसपास के इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी गई है। कई स्थानों पर सड़कों पर जलभराव की स्थिति बन गई है, जबकि करीब आधा दर्जन गांव बारिश और बढ़ते पानी से प्रभावित बताए जा रहे हैं।
बढ़ापुर और नजीबाबाद क्षेत्र से होकर गुजरने वाली नदियों का जलस्तर भी बढ़ा है। प्रशासन के अनुसार, कुछ नदियां खतरे के निशान के करीब बह रही हैं। ऐसे में नदी और नालों के आसपास रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। वहीं, जिला प्रशासन पूरे हालात पर नजर बनाए हुए है।
लगातार बारिश से बिगड़े हालात
बिजनौर में पिछले कुछ समय से बारिश का सिलसिला जारी है। पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही बारिश का असर मैदानी इलाकों में भी दिखाई दे रहा है। लगातार पानी आने के कारण नदी-नालों का जलस्तर बढ़ गया है।
इसके अलावा कई इलाकों में सड़कें पानी से भर गई हैं। जलभराव के कारण स्थानीय लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गांवों में भी बारिश के पानी के कारण सामान्य गतिविधियां प्रभावित हुई हैं।
स्थानीय स्तर पर लोगों को जलभराव वाले रास्तों से गुजरने से बचने की सलाह दी जा रही है। प्रशासन की टीमें भी प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति पर नजर रख रही हैं।
आधा दर्जन गांव बारिश से प्रभावित
लगातार बारिश और बढ़ते जलस्तर के कारण जिले के करीब आधा दर्जन गांव प्रभावित बताए जा रहे हैं। इन गांवों में बारिश का पानी पहुंचने के कारण लोगों की परेशानियां बढ़ी हैं।
कुछ स्थानों पर लोगों के घरों के आसपास पानी जमा हो गया है। वहीं, ग्रामीण क्षेत्रों में संपर्क मार्गों पर भी जलभराव देखने को मिला है। इससे ग्रामीणों के दैनिक आवागमन पर असर पड़ा है।
प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति का आकलन किया जा रहा है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि जलस्तर और बारिश की स्थिति पर लगातार नजर रखी जाए तथा आवश्यकता पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने की व्यवस्था की जाए।
बढ़ापुर और नजीबाबाद में बढ़ा जलस्तर
बढ़ापुर और नजीबाबाद क्षेत्र में नदियों का जलस्तर बढ़ने से प्रशासन की चिंता भी बढ़ी है। बताया जा रहा है कि दोनों क्षेत्रों की नदियां खतरे के निशान के करीब बह रही हैं।
हालांकि, प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। नदी के आसपास रहने वाले लोगों से अपील की गई है कि वे किसी भी स्थिति में नदी के किनारे न जाएं और बच्चों को भी जलभराव तथा तेज बहाव वाले स्थानों से दूर रखें।
बारिश के दौरान नदी-नालों का जलस्तर अचानक बढ़ सकता है। इसलिए प्रशासन ने लोगों से मौसम और स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी सूचनाओं पर ध्यान देने की अपील की है।
घरों और सड़कों पर दिखा बारिश का पानी
बिजनौर के कई इलाकों में लगातार बारिश के कारण घरों और सड़कों के आसपास पानी दिखाई दे रहा है। जलभराव के चलते स्थानीय लोगों को अपने रोजमर्रा के काम करने में कठिनाई हो रही है।
कई जगहों पर लोगों को पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है। वहीं, निचले इलाकों में पानी जमा होने की स्थिति अधिक गंभीर बताई जा रही है।
नगर और ग्रामीण क्षेत्रों में जल निकासी व्यवस्था को लेकर भी प्रशासनिक स्तर पर निगरानी की जा रही है। संबंधित विभागों को आवश्यकता के अनुसार जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए जा रहे हैं।
डीएम ने संभाली कमान
बिजनौर की जिलाधिकारी जसजीत कौर लगातार बारिश और बढ़ते जलस्तर की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। उन्होंने गंगा बैराज सहित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया है।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों से क्षेत्र की मौजूदा स्थिति के बारे में जानकारी ली जा रही है। साथ ही प्रभावित इलाकों में आवश्यक व्यवस्थाओं की समीक्षा की जा रही है।
जिला प्रशासन का प्रयास है कि बारिश के कारण उत्पन्न किसी भी स्थिति से समय रहते निपटा जा सके। इसके लिए संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
गंगा बैराज पर भी निगरानी
बिजनौर में गंगा बैराज महत्वपूर्ण स्थानों में शामिल है। बारिश और पहाड़ी क्षेत्रों से पानी आने के कारण यहां भी जलस्तर पर नजर रखी जा रही है।
प्रशासनिक अधिकारी बैराज और आसपास के क्षेत्रों की स्थिति की लगातार जानकारी ले रहे हैं। जलस्तर में होने वाले बदलाव के आधार पर आवश्यक कदम उठाए जा सकते हैं।
इसके साथ ही गंगा और अन्य नदियों के आसपास रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। लोगों से कहा गया है कि वे जलस्तर बढ़ने की स्थिति में नदी के आसपास जाने से बचें।
प्रशासन ने जारी की अपील
जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बारिश के दौरान नदी, नाले और तेज बहाव वाले स्थानों के पास न जाएं। खासकर बच्चों और बुजुर्गों को ऐसे क्षेत्रों से दूर रखने की सलाह दी गई है।
इसके अलावा लोगों से यह भी कहा गया है कि यदि किसी इलाके में पानी का स्तर तेजी से बढ़ रहा है तो वे प्रशासन को इसकी सूचना दें और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थान की ओर चले जाएं।
प्रशासन की ओर से संभावित जलभराव वाले क्षेत्रों पर निगरानी रखी जा रही है। साथ ही स्थानीय अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में स्थिति की जानकारी लगातार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
पहाड़ी बारिश का मैदानी क्षेत्रों पर असर
बिजनौर की भौगोलिक स्थिति ऐसी है कि पहाड़ी क्षेत्रों में होने वाली तेज बारिश का प्रभाव जिले के मैदानी क्षेत्रों पर भी पड़ सकता है। पहाड़ों से पानी आने के कारण नदियों और नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है।
इसी वजह से जिले में बारिश के दौरान नदी-नालों के जलस्तर पर विशेष नजर रखी जाती है। वर्तमान स्थिति में भी प्रशासन इसी दिशा में लगातार निगरानी कर रहा है।
हालांकि, स्थानीय स्तर पर लोगों से सावधानी बरतने की अपील की गई है, ताकि किसी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।
जलभराव से आवागमन प्रभावित
बारिश के कारण कई सड़कों पर पानी भरने से यातायात भी प्रभावित हुआ है। ग्रामीण क्षेत्रों में संपर्क मार्गों पर जलभराव के कारण लोगों को आने-जाने में परेशानी हो रही है।
यदि बारिश का दौर आगे भी जारी रहता है तो जलभराव की स्थिति बढ़ सकती है। ऐसे में प्रशासन की ओर से संवेदनशील इलाकों की निगरानी और जल निकासी व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
स्थानीय लोगों को भी अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम की स्थिति को ध्यान में रखते हुए घर से निकलने की सलाह दी गई है।
सतर्कता और बचाव पर जोर
फिलहाल बिजनौर में बारिश और नदी-नालों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। जिलाधिकारी की ओर से प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया जा रहा है और संबंधित अधिकारियों से लगातार जानकारी ली जा रही है।
प्रशासन का मुख्य जोर लोगों की सुरक्षा और प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक व्यवस्थाएं बनाए रखने पर है। वहीं, लोगों से भी सहयोग करने और प्रशासन की अपील का पालन करने को कहा गया है।
बिजनौर में लगातार हो रही बारिश ने एक बार फिर जलभराव और नदी-नालों के बढ़ते जलस्तर को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है। हालांकि, प्रशासन की निगरानी जारी है और फिलहाल प्राथमिकता प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

