कानपुर: गोविंद नगर पुलिस ने 315 बोर तमंचा व कारतूस के साथ युवक को गिरफ्तार, आयुध अधिनियम में केस दर्ज

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रिपोर्ट- विक्की रघुवंशी 

कानपुर। कमिश्नरेट कानपुर नगर पुलिस द्वारा अपराध और अवैध हथियारों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत गोविंद नगर थाना पुलिस को एक महत्वपूर्ण सफलता मिली है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक युवक को 315 बोर के एक देशी तमंचे और एक जिंदा कारतूस के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपी के खिलाफ आयुध अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर उसे न्यायालय के समक्ष पेश करने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई शहर में कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने और अवैध हथियारों की उपलब्धता पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने की दिशा में चलाए जा रहे विशेष अभियान का हिस्सा है। इसी क्रम में संदिग्ध गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है, जिससे अपराध की संभावनाओं को समय रहते रोका जा सके।

वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में हुई कार्रवाई

पुलिस द्वारा जारी जानकारी के मुताबिक, यह अभियान पुलिस आयुक्त, कमिश्नरेट कानपुर नगर के निर्देश पर संचालित किया जा रहा है। अभियान की निगरानी पुलिस उपायुक्त दक्षिण, अपर पुलिस उपायुक्त दक्षिण तथा सहायक पुलिस आयुक्त बाबूपुरवा के निर्देशन में की गई।

इसके अतिरिक्त, थाना गोविंद नगर के प्रभारी निरीक्षक के निकट पर्यवेक्षण में रेलवे कॉलोनी चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक उपेंद्र विक्रम राय एवं पुलिस टीम ने संदिग्ध व्यक्ति की जांच के दौरान आरोपी को हिरासत में लिया। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से एक 315 बोर का देशी तमंचा और एक जिंदा कारतूस बरामद किया गया।

आरोपी की पहचान

पुलिस ने गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान कुशल सिंह उर्फ कौशल (26 वर्ष) पुत्र राकेश सिंह उर्फ लाला सिंह के रूप में की है। वह ग्राम इन्द्रपाल सिंह का डेरा, मजरा सरकंडी, थाना असोथर, जनपद फतेहपुर का निवासी बताया गया है।

गिरफ्तारी के बाद आरोपी के खिलाफ गोविंद नगर थाना में मु0अ0सं0 240/2026 के तहत धारा 3/25 आयुध अधिनियम में मुकदमा दर्ज किया गया। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है।

अवैध हथियारों के खिलाफ लगातार अभियान

कमिश्नरेट पुलिस का कहना है कि शहर में अवैध हथियारों की रोकथाम के लिए नियमित रूप से विशेष अभियान संचालित किए जा रहे हैं। इस अभियान के अंतर्गत संदिग्ध व्यक्तियों की जांच, वाहन चेकिंग और संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी की जा रही है।

पुलिस अधिकारियों का मानना है कि ऐसे अभियानों से अवैध हथियारों की आवाजाही पर प्रभावी अंकुश लगाने में मदद मिलती है। साथ ही इससे अपराधियों में कानून का भय भी बना रहता है।

आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड

पुलिस द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी के विरुद्ध पहले भी विभिन्न मामलों में मुकदमे दर्ज रहे हैं। इनमें फतेहपुर जनपद के अलग-अलग थानों में दर्ज मामले शामिल हैं। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार आरोपी के खिलाफ पूर्व में गंभीर धाराओं से संबंधित प्रकरण दर्ज होने की जानकारी भी सामने आई है।

हालांकि, यह उल्लेखनीय है कि किसी भी व्यक्ति के विरुद्ध दर्ज मुकदमे न्यायिक प्रक्रिया का हिस्सा होते हैं और अंतिम निर्णय सक्षम न्यायालय द्वारा ही किया जाता है। वर्तमान मामले में भी आरोपी के विरुद्ध विधिक कार्रवाई नियमानुसार आगे बढ़ाई जा रही है।

बरामदगी का विवरण

पुलिस ने आरोपी के कब्जे से निम्न वस्तुएं बरामद कीं—

  • एक देशी तमंचा (315 बोर)
  • एक जिंदा कारतूस (315 बोर)

बरामदगी के बाद हथियार को कब्जे में लेकर आवश्यक विधिक औपचारिकताएं पूरी की गईं।

कार्रवाई करने वाली पुलिस टीम

इस कार्रवाई में निम्न पुलिसकर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही—

  • उपनिरीक्षक उपेंद्र विक्रम राय, चौकी प्रभारी रेलवे कॉलोनी, थाना गोविंद नगर
  • उपनिरीक्षक विक्रांत चौधरी, चौकी प्रभारी सीटीआई, थाना गोविंद नगर
  • उपनिरीक्षक रीतेश कुमार साहू, थाना गोविंद नगर
  • कांस्टेबल विष्णु कुमार, थाना गोविंद नगर

पुलिस अधिकारियों ने टीम की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई की सराहना की है।

कानून व्यवस्था को मजबूत बनाने पर जोर

कमिश्नरेट पुलिस का कहना है कि अपराध नियंत्रण और नागरिक सुरक्षा उनकी प्राथमिकता है। इसलिए शहर में अवैध हथियारों की तस्करी, आपराधिक गतिविधियों और कानून-व्यवस्था प्रभावित करने वाले तत्वों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।

इसके साथ ही पुलिस ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि किसी संदिग्ध व्यक्ति, अवैध हथियार या आपराधिक गतिविधि की जानकारी मिले तो तत्काल स्थानीय पुलिस को सूचित करें। नागरिकों के सहयोग से अपराध नियंत्रण को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।

पुलिस का मानना है कि कानून के दायरे में रहकर की जाने वाली ऐसी कार्रवाई समाज में सुरक्षा की भावना को मजबूत करती है। वहीं, न्यायिक प्रक्रिया के तहत आरोपी के अधिकारों का भी पूरा सम्मान किया जाता है और मामले का अंतिम निर्णय न्यायालय द्वारा किया जाएगा।

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