Broad Peak Avalanche: ब्रॉड पीक हिमस्खलन में पर्वतारोही निर्मल पुरजा समेत 10 की मौत, नेपाल ने जताया गहरा शोक
Digital UP News Desk
नेपालः नेपाल और अंतरराष्ट्रीय पर्वतारोहण जगत के लिए एक अत्यंत दुखद खबर सामने आई है। दुनिया की 12वीं सबसे ऊंची चोटी ब्रॉड पीक (Broad Peak) पर आए भीषण हिमस्खलन में विश्व प्रसिद्ध पर्वतारोही निर्मल पुरजा ‘निम्सदाई’ सहित उनकी 10 सदस्यीय टीम की मृत्यु हो गई। नेपाल के विदेश मंत्रालय ने इस घटना की आधिकारिक पुष्टि करते हुए बताया कि अब तक दो नेपाली शेरपाओं के शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि अन्य सदस्यों की तलाश और शवों को सुरक्षित वापस लाने का अभियान लगातार जारी है।
यह हादसा न केवल नेपाल बल्कि वैश्विक पर्वतारोहण समुदाय के लिए भी एक बड़ी क्षति माना जा रहा है। निर्मल पुरजा अपनी असाधारण उपलब्धियों और साहसिक अभियानों के कारण पूरी दुनिया में सम्मानित नाम थे। उनके निधन से पर्वतारोहण जगत में शोक की लहर दौड़ गई है।
6,600 मीटर की ऊंचाई पर हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, यह दुर्घटना 30 जुलाई 2026 को उस समय हुई जब अभियान दल ब्रॉड पीक पर कैंप-2 से कैंप-3 की ओर बढ़ रहा था। लगभग 6,600 मीटर की ऊंचाई पर अचानक भीषण हिमस्खलन आ गया। इसके बाद पूरी टीम से संपर्क टूट गया और बचाव दल ने तत्काल खोज अभियान शुरू किया।
हालांकि मौसम और ऊंचाई की कठिन परिस्थितियों के कारण राहत एवं बचाव कार्य बेहद चुनौतीपूर्ण रहा। इसके बावजूद पाकिस्तानी एजेंसियों और नेपाली बचाव दल ने लगातार अभियान जारी रखा।
नेपाल सरकार ने की आधिकारिक पुष्टि
नेपाल के विदेश मंत्रालय ने जारी बयान में कहा कि ब्रॉड पीक पर हुई इस दुखद घटना में अभियान में शामिल सभी पर्वतारोहियों की मृत्यु हो गई है। मंत्रालय ने बताया कि अब तक दो नेपाली पर्वतारोहियों के शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि अन्य लापता सदस्यों की खोज जारी है।
मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि इस अभियान में शामिल पर्वतारोही अनुभवी थे और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पर्वतारोहण अभियानों का व्यापक अनुभव रखते थे। इसके बावजूद प्रकृति की अप्रत्याशित परिस्थितियों के सामने यह अभियान असफल रहा।
निर्मल पुरजा के साथ कौन-कौन थे अभियान में शामिल
नेपाल सरकार के अनुसार, इस अंतरराष्ट्रीय अभियान का नेतृत्व प्रसिद्ध पर्वतारोही निर्मल पुरजा ‘निम्सदाई’ कर रहे थे। उनके साथ नेपाली पर्वतारोही पुर बहादुर गुरुंग ‘युक्ता’, किली पेम्बा शेरपा ‘किलु’, निमा शेरपा, नवांग थिंडू शेरपा और ग्यालु शेरपा भी शामिल थे।
इसके अलावा विभिन्न देशों के कई अनुभवी पर्वतारोही भी इस अभियान का हिस्सा थे। सभी सदस्य कठिन पर्वतारोहण अभियानों का अनुभव रखते थे, लेकिन अचानक आए हिमस्खलन ने पूरी टीम को अपनी चपेट में ले लिया।
दो शव बरामद, अन्य की तलाश जारी
बचाव दल ने अब तक नेपाली पर्वतारोही पुर बहादुर गुरुंग ‘युक्ता’ और ग्यालु शेरपा के शव बरामद कर लिए हैं। वहीं अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।
नेपाल सरकार ने बताया कि इस्लामाबाद स्थित नेपाली दूतावास पाकिस्तानी प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर शवों को सम्मानपूर्वक उनके परिजनों तक पहुंचाने की प्रक्रिया पूरी कर रहा है। इसके साथ ही अन्य पर्वतारोहियों की खोज के लिए भी अभियान लगातार चलाया जा रहा है।
पाकिस्तानी और नेपाली बचाव दल की सराहना
नेपाल के विदेश मंत्रालय ने दुर्गम और जोखिमपूर्ण परिस्थितियों में चलाए जा रहे राहत अभियान की सराहना की है। मंत्रालय के अनुसार, हादसे की सूचना मिलते ही पाकिस्तानी एजेंसियों और नेपाली विशेषज्ञों ने संयुक्त रूप से खोज एवं बचाव अभियान शुरू कर दिया था।
उच्च हिमालयी क्षेत्र में अत्यधिक बर्फ, खराब मौसम और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद बचाव दल लगातार अपने मिशन में जुटा हुआ है। नेपाल सरकार ने इस अभियान में शामिल सभी अधिकारियों और पर्वतारोहण विशेषज्ञों के साहस और समर्पण की प्रशंसा की।
संपर्क टूटने के बाद बढ़ी थी चिंता
इस घटना से पहले एडवेंचर ग्रुप एलीट एक्सपेड ने भी जानकारी दी थी कि हिमस्खलन के बाद पूरी टीम से संपर्क टूट गया है। 43 वर्षीय निर्मल पुरजा अपनी टीम का नेतृत्व कर रहे थे और अभियान निर्धारित योजना के अनुसार आगे बढ़ रहा था।
हालांकि गुरुवार दोपहर अचानक आए हिमस्खलन के बाद टीम का किसी भी सदस्य से संपर्क नहीं हो पाया। इसके बाद राहत अभियान तेज किया गया, लेकिन बाद में नेपाल सरकार ने सभी पर्वतारोहियों के निधन की पुष्टि कर दी।
निर्मल पुरजा की उपलब्धियां हमेशा रहेंगी याद
निर्मल पुरजा को आधुनिक पर्वतारोहण के सबसे प्रेरणादायक चेहरों में गिना जाता था। उन्होंने बेहद कम समय में दुनिया की 14 सबसे ऊंची चोटियों को फतह कर अंतरराष्ट्रीय पहचान बनाई थी। उनकी उपलब्धियों ने हजारों युवाओं को पर्वतारोहण के लिए प्रेरित किया।
उनकी कार्यशैली, अनुशासन और साहस के कारण उन्हें दुनिया भर में सम्मान प्राप्त था। पर्वतारोहण समुदाय का मानना है कि उनके योगदान को लंबे समय तक याद रखा जाएगा।
प्रधानमंत्री ने व्यक्त किया शोक
नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह ने निर्मल पुरजा और उनकी टीम के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने अपने शोक संदेश में कहा कि पर्वत कई पर्वतारोहियों को अपनी चोटियों तक पहुंचने का गौरव देते हैं, लेकिन कभी-कभी वे उन्हें हमेशा के लिए अपने पास भी रोक लेते हैं।
उन्होंने आगे कहा कि ऐसे साहसी पर्वतारोही अपने समर्पण, साहस और उपलब्धियों के कारण इतिहास में हमेशा अमर रहते हैं। प्रधानमंत्री ने दिवंगत पर्वतारोहियों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए बचाव अभियान में लगे सभी दलों की सराहना भी की।
पर्वतारोहण जगत के लिए बड़ी क्षति
ब्रॉड पीक हिमस्खलन ने एक बार फिर यह याद दिलाया है कि पर्वतारोहण जितना रोमांचकारी है, उतना ही चुनौतीपूर्ण और जोखिमपूर्ण भी है। अनुभवी पर्वतारोही भी मौसम और प्राकृतिक परिस्थितियों के सामने असहाय हो सकते हैं।
निर्मल पुरजा और उनकी टीम का योगदान पर्वतारोहण के इतिहास में हमेशा याद रखा जाएगा। वहीं नेपाल सरकार और पाकिस्तानी एजेंसियां संयुक्त रूप से बचाव अभियान को अंतिम चरण तक पहुंचाने का प्रयास कर रही हैं। पूरे विश्व का पर्वतारोहण समुदाय इस दुखद घटना पर शोक व्यक्त कर रहा है और दिवंगत पर्वतारोहियों को श्रद्धांजलि अर्पित कर रहा है।
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