PM मोदी ने शुरू किया ‘नशा मुक्त युवा के लिए विकसित भारत संकल्प अभियान’, युवाओं से 100 सप्ताह तक जुड़ने की अपील
रिपोर्ट- अमित सिंह यादव
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को नशा मुक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए ‘नशा मुक्त युवा के लिए विकसित भारत संकल्प अभियान’ का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने देशवासियों, विशेष रूप से युवाओं से आह्वान किया कि वे 100 सप्ताह तक चलने वाले इस विशेष अभियान से सक्रिय रूप से जुड़ें और भारत को नशा मुक्त बनाने के राष्ट्रीय संकल्प में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि यदि भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य हासिल करना है, तो सबसे पहले देश के युवाओं को नशे जैसी गंभीर सामाजिक बुराई से दूर रखना होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वस्थ, जागरूक और जिम्मेदार युवा ही विकसित भारत की सबसे बड़ी ताकत बन सकते हैं।
विकसित भारत का आधार है स्वस्थ और जागरूक युवा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि विकसित भारत का सपना केवल आर्थिक प्रगति तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक ऐसे समाज के निर्माण का लक्ष्य भी है, जहां युवा शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ हों। उन्होंने कहा कि देश का भविष्य युवाओं के हाथों में है और यदि युवा नशे की गिरफ्त में आते हैं, तो इसका सीधा असर परिवार, समाज और राष्ट्र के विकास पर पड़ता है।
उन्होंने कहा कि आज आवश्यकता इस बात की है कि युवाओं को सही दिशा, सकारात्मक सोच और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया जाए। इसके लिए परिवार, विद्यालय, सामाजिक संगठन और सरकार सभी को मिलकर कार्य करना होगा।
नशे के खिलाफ जन आंदोलन बनाने की अपील
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन के दौरान इस अभियान को केवल सरकारी कार्यक्रम न मानने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई तभी सफल होगी, जब यह एक व्यापक जन आंदोलन का रूप लेगी।
उन्होंने देश के नागरिकों से आग्रह किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में लोगों को जागरूक करें, युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों की जानकारी दें और उन्हें खेल, शिक्षा, कौशल विकास तथा सामाजिक गतिविधियों की ओर प्रेरित करें।
प्रधानमंत्री के अनुसार, जब समाज का प्रत्येक व्यक्ति इस अभियान का हिस्सा बनेगा, तभी इसका वास्तविक उद्देश्य पूरा हो सकेगा।
100 सप्ताह तक चलेगा विशेष अभियान
‘नशा मुक्त युवा के लिए विकसित भारत संकल्प अभियान’ को 100 सप्ताह तक चलाने की योजना बनाई गई है। इस दौरान देशभर में विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम, संवाद, रैलियां, कार्यशालाएं, विद्यालय एवं महाविद्यालय स्तर पर विशेष गतिविधियां तथा सामुदायिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
इस अभियान का उद्देश्य केवल नशे के नुकसान बताना नहीं है, बल्कि युवाओं को सकारात्मक जीवन की ओर प्रेरित करना और समाज में जागरूकता का व्यापक वातावरण तैयार करना भी है।
युवाओं को सही दिशा देना समय की सबसे बड़ी जरूरत
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज के दौर में युवाओं के सामने कई अवसर उपलब्ध हैं। ऐसे में यदि उन्हें सही मार्गदर्शन मिले, तो वे देश को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकते हैं। हालांकि, नशे की लत युवाओं की प्रतिभा, शिक्षा, करियर और भविष्य को प्रभावित करती है।
उन्होंने कहा कि युवाओं को सकारात्मक ऊर्जा, आत्मविश्वास और जिम्मेदारी की भावना के साथ आगे बढ़ना चाहिए। इसके लिए परिवार और समाज की भूमिका भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।
जागरूकता ही सबसे प्रभावी उपाय
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि नशे की समस्या से निपटने का सबसे प्रभावी माध्यम जागरूकता है। यदि समय रहते युवाओं को नशे के दुष्परिणामों की जानकारी दी जाए, तो वे इस बुराई से बच सकते हैं।
उन्होंने शिक्षकों, अभिभावकों, सामाजिक संस्थाओं, स्वयंसेवी संगठनों और युवाओं से आग्रह किया कि वे अपने आसपास के लोगों को जागरूक करें तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करें।
इसके साथ ही उन्होंने कहा कि समाज में सकारात्मक माहौल तैयार करना और युवाओं को रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ना इस अभियान की सफलता की कुंजी होगा।
समाज के हर वर्ग की भागीदारी जरूरी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि किसी भी सामाजिक अभियान की सफलता तभी संभव है, जब उसमें समाज के सभी वर्गों की भागीदारी हो। उन्होंने युवाओं, महिलाओं, शिक्षकों, डॉक्टरों, सामाजिक संगठनों, खेल संस्थानों और स्थानीय प्रशासन से मिलकर कार्य करने की अपील की।
उन्होंने कहा कि यदि हर नागरिक अपने स्तर पर कुछ लोगों को भी नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करता है, तो इसका व्यापक सकारात्मक प्रभाव पूरे समाज पर पड़ेगा।
सकारात्मक गतिविधियों से जुड़े युवा
प्रधानमंत्री ने विशेष रूप से युवाओं से आग्रह किया कि वे खेल, योग, सांस्कृतिक गतिविधियों, शिक्षा, नवाचार और कौशल विकास जैसे क्षेत्रों में अपनी ऊर्जा लगाएं। उन्होंने कहा कि सकारात्मक सोच और सक्रिय जीवनशैली युवाओं को नशे जैसी बुराइयों से दूर रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
उन्होंने यह भी कहा कि भारत का युवा दुनिया में अपनी प्रतिभा के लिए जाना जाता है और उसे किसी भी प्रकार की नशे की लत से दूर रहकर राष्ट्र निर्माण में योगदान देना चाहिए।
विकसित भारत के संकल्प को मिलेगी नई मजबूती
प्रधानमंत्री मोदी ने विश्वास जताया कि यदि देश के नागरिक सामूहिक रूप से इस अभियान में भाग लेंगे, तो भारत को नशा मुक्त बनाने का लक्ष्य अवश्य पूरा होगा। उन्होंने कहा कि यह अभियान केवल वर्तमान पीढ़ी के लिए ही नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के बेहतर भविष्य के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।
उन्होंने अपने संबोधन के अंत में एक बार फिर सभी नागरिकों से आग्रह किया कि वे इस अभियान का सक्रिय हिस्सा बनें, अपने आसपास के लोगों को जागरूक करें और नशा मुक्त भारत के निर्माण में अपनी जिम्मेदारी निभाएं।
‘नशा मुक्त युवा के लिए विकसित भारत संकल्प अभियान‘ देश के युवाओं को स्वस्थ, सुरक्षित और जिम्मेदार नागरिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। 100 सप्ताह तक चलने वाला यह अभियान केवल सरकारी प्रयास नहीं, बल्कि सामाजिक सहभागिता पर आधारित एक व्यापक जन आंदोलन बनने की क्षमता रखता है। यदि समाज, परिवार, शिक्षण संस्थान और युवा मिलकर इस अभियान को सफल बनाने का संकल्प लें, तो न केवल नशे जैसी सामाजिक बुराई पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है, बल्कि विकसित भारत के लक्ष्य को भी नई गति मिलेगी। यही संदेश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन के माध्यम से देशवासियों तक पहुंचाया और सभी से इस राष्ट्रीय अभियान में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया।

