फर्रुखाबाद में जमीन विवाद में किसान हत्या का खुलासा, 24 घंटे में दो आरोपी गिरफ्तार
रिपोर्ट- हर्ष वर्मा
फर्रुखाबादः उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले में जमीन विवाद से जुड़ी किसान की हत्या के मामले में कमालगंज थाना पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने घटना का खुलासा करते हुए महज 24 घंटे के भीतर दो नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार, हत्या की वजह पुराना जमीन विवाद और आपसी रंजिश सामने आई है। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने घटना में इस्तेमाल किए गए लकड़ी के डंडे को भी बरामद किया है।
पुलिस की इस कार्रवाई से जहां मृतक परिवार को न्याय की उम्मीद जगी है, वहीं क्षेत्र में कानून व्यवस्था को लेकर पुलिस की सक्रियता भी सामने आई है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
खेत के पास मिला था किसान का शव
जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला फर्रुखाबाद जिले के कमालगंज थाना क्षेत्र के गांव सवासी का है। गांव निवासी किसान हरनाम सिंह की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। उनका शव गांव सवासी और धीरजपुर के बीच खेतों के पास मिला था।
परिजनों ने घटना की सूचना पुलिस को दी थी। इसके बाद कमालगंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। शुरुआती जांच में सामने आया कि किसान के साथ मारपीट की गई थी। इसके बाद पुलिस ने मृतक के परिजनों की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच तेज कर दी।
पुलिस ने तेजी से शुरू की जांच
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधिकारियों ने मामले को जल्द सुलझाने के लिए टीमों का गठन किया। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ ही आसपास के लोगों से पूछताछ की और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई।
जांच के दौरान पुलिस को जमीन विवाद से जुड़े कुछ अहम सुराग मिले। इसके बाद पुलिस ने गांव सवासी निवासी कैलाश चंद्र शर्मा और धीरजपुर निवासी नीलेंद्र उर्फ नारद को हिरासत में लेकर पूछताछ की।
पूछताछ में दोनों आरोपियों ने घटना से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी पुलिस को दी। इसके बाद पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया।
जमीन की कीमत बढ़ने के बाद शुरू हुआ विवाद
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि करीब चार-पांच वर्ष पहले कैलाश चंद्र शर्मा ने अपनी जमीन हरनाम सिंह को कम कीमत पर बेची थी। समय बीतने के बाद जब जमीन की कीमत बढ़ गई तो कैलाश चंद्र उसे वापस लेना चाहते थे।
हालांकि, हरनाम सिंह जमीन वापस करने के लिए तैयार नहीं थे। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद चल रहा था। पुलिस के अनुसार, इसी पुराने विवाद ने धीरे-धीरे रंजिश का रूप ले लिया।
इसके अलावा, घटना से करीब 10 से 15 दिन पहले भी दोनों पक्षों के बीच कहासुनी होने की बात सामने आई थी। पुलिस जांच में यह भी पता चला कि इसी विवाद के चलते आरोपियों ने हरनाम सिंह पर हमला किया।
पूछताछ के बाद पुलिस ने बरामद किया हथियार
पुलिस ने गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल किए गए लकड़ी के डंडे को बरामद कर लिया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, बरामद सामान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है।
फिलहाल दोनों आरोपियों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का कहना है कि मामले में सभी पहलुओं की गहनता से जांच की जा रही है ताकि न्यायिक प्रक्रिया के लिए मजबूत साक्ष्य जुटाए जा सकें।
अपर पुलिस अधीक्षक ने दी मामले की जानकारी
बुधवार को पुलिस लाइन सभागार में अपर पुलिस अधीक्षक गिरीश कुमार ने पूरे मामले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कमालगंज थाना पुलिस ने घटना का सफलतापूर्वक खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
उन्होंने कहा कि पुलिस टीम ने तेजी से कार्रवाई करते हुए आरोपियों तक पहुंच बनाई और घटना में प्रयुक्त डंडा भी बरामद किया। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि मामले में आगे की कार्रवाई नियमानुसार की जा रही है।
पुलिस टीम की भूमिका रही अहम
इस पूरे मामले के खुलासे में कमालगंज थाना पुलिस की टीम की अहम भूमिका रही। गिरफ्तारी करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक राम सहाय सिंह सहित थाना कमालगंज के अन्य पुलिस अधिकारी और कर्मचारी शामिल रहे।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अपराध पर नियंत्रण और पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में इस मामले में भी पुलिस ने समय रहते कार्रवाई कर आरोपियों को गिरफ्तार किया।
क्षेत्र में चर्चा का विषय बना मामला
किसान हरनाम सिंह की हत्या का मामला सामने आने के बाद इलाके में चर्चा का विषय बन गया था। ग्रामीणों के बीच घटना को लेकर चिंता का माहौल था। हालांकि, पुलिस द्वारा जल्द खुलासा किए जाने के बाद लोगों ने राहत महसूस की है।
जमीन से जुड़े विवाद अक्सर लंबे समय तक चलते रहते हैं और कई बार यही विवाद गंभीर घटनाओं का कारण बन जाते हैं। ऐसे मामलों में आपसी बातचीत और कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से समाधान निकालना जरूरी होता है।
फर्रुखाबाद पुलिस की इस कार्रवाई के बाद अब सभी की नजर आगे की कानूनी प्रक्रिया पर है। पुलिस मामले में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है।

