UP Monsoon Update: यूपी के 75 जिलों में बारिश का अलर्ट, कई शहरों में जलभराव, प्रमुख नदियां उफान पर
Digital UP News Desk
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में मानसून ने एक बार फिर जोर पकड़ लिया है। मंगलवार सुबह से राज्य के कई हिस्सों में रुक-रुक कर तेज बारिश का सिलसिला जारी है। नोएडा, मेरठ, गोंडा, सहारनपुर, रायबरेली और अन्य जिलों में हुई बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ है।
कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति बन गई है, जबकि नदियों के जलस्तर में भी तेजी से वृद्धि दर्ज की जा रही है।
इस बीच, भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने प्रदेश के सभी 75 जिलों के लिए बारिश का अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार, 7 जिलों में बहुत भारी बारिश और 53 जिलों में भारी बारिश होने की संभावना है। ऐसे में प्रशासन को सतर्क रहने और नागरिकों को आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
सहारनपुर में दो घंटे की बारिश से कई इलाके जलमग्न
सबसे अधिक असर सहारनपुर में देखने को मिला, जहां तड़के करीब चार बजे शुरू हुई तेज बारिश लगभग दो घंटे तक जारी रही। लगातार हुई वर्षा के कारण शहर की कई प्रमुख सड़कों पर जलभराव हो गया। कई इलाकों में पानी का स्तर इतना बढ़ गया कि लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई।
डीएम कार्यालय परिसर में भी पानी भरने की सूचना मिली। इसके अलावा अधिकारियों के आवास वाले क्षेत्रों में भी जलभराव की स्थिति बनी। शहर की कई कॉलोनियों और बाजारों में पानी जमा होने से लोगों को दैनिक कार्यों में परेशानी का सामना करना पड़ा। कई स्थानों पर दुकानों और मकानों में भी पानी प्रवेश करने की जानकारी सामने आई।
नोएडा, मेरठ और गोंडा समेत कई जिलों में लगातार बारिश
सहारनपुर के अलावा नोएडा, मेरठ, गोंडा और आसपास के जिलों में भी सुबह से रुक-रुक कर बारिश होती रही। बारिश के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे लोगों को उमस से राहत मिली। हालांकि, दूसरी ओर कई स्थानों पर जलभराव और धीमी यातायात व्यवस्था के कारण लोगों को असुविधा भी हुई।
मौसम विभाग का कहना है कि आगामी 24 से 48 घंटों तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश का दौर जारी रह सकता है। इसलिए नागरिकों से मौसम संबंधी ताजा अपडेट पर नजर बनाए रखने की अपील की गई है।
रायबरेली में खेत में मिला सुरंग जैसा गड्ढा
बारिश के बीच रायबरेली से एक अलग मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार, बारिश के बाद एक खेत में बड़ा गड्ढा दिखाई दिया। स्थानीय ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर देखा तो नीचे सुरंग जैसी संरचना नजर आई। इसके बाद प्रशासन को सूचना दी गई।
मौके पर संबंधित अधिकारियों ने पहुंचकर प्रारंभिक जांच शुरू की। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यह संरचना प्राकृतिक कारणों से बनी है या इसके पीछे कोई अन्य वजह है। प्रशासन द्वारा विस्तृत जांच की जा रही है।
वृंदावन में पेड़ गिरने से वाहन क्षतिग्रस्त
लगातार बारिश और तेज हवा के कारण वृंदावन में बांके बिहारी मंदिर के निकट एक पुराना पीपल का पेड़ गिर गया। पेड़ की चपेट में आने से वहां खड़ी दो कारें क्षतिग्रस्त हो गईं। घटना के समय आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल प्रशासन को सूचना दी, जिसके बाद पेड़ हटाने का कार्य शुरू किया गया।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान पुराने पेड़ों तथा कमजोर संरचनाओं के आसपास अनावश्यक रूप से खड़े न हों।
रामपुर में बारिश के दौरान हादसा
रामपुर जिले में बारिश के दौरान एक दुखद घटना सामने आई। जानकारी के अनुसार, घर के बाहर खेल रहे दो बच्चे तेज बहाव वाले नाले में गिर गए। स्थानीय लोगों और राहत दल की मदद से एक बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जबकि दूसरे बच्चे की तलाश के बाद उसका शव बरामद हुआ।
प्रशासन ने लोगों से विशेष रूप से बच्चों को बारिश के दौरान नालों, तालाबों और तेज बहाव वाले क्षेत्रों से दूर रखने की अपील की है।
नदियों का जलस्तर बढ़ा, कई जिलों में बाढ़ जैसी स्थिति
लगातार हो रही बारिश और पहाड़ी क्षेत्रों में वर्षा के कारण प्रदेश की प्रमुख नदियों गंगा, यमुना, घाघरा और सरयू का जलस्तर बढ़ रहा है। इससे कई जिलों में बाढ़ जैसी स्थिति बनने लगी है।
लखीमपुर खीरी में शारदा नदी के कटान से बड़ी मात्रा में कृषि भूमि प्रभावित हुई है। किसानों के अनुसार, नदी के कटाव से गन्ने की फसल को नुकसान पहुंचा है। वहीं बलिया जिले में सरयू नदी का पानी कुछ गांवों तक पहुंच गया है। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों की निगरानी बढ़ा दी है और जरूरत पड़ने पर राहत एवं बचाव की व्यवस्था करने की तैयारी की है।
मौसम विभाग ने जारी की एडवाइजरी
भारत मौसम विज्ञान विभाग ने नागरिकों को सलाह दी है कि भारी बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें। जलभराव वाले क्षेत्रों में वाहन सावधानी से चलाएं और बिजली के खंभों तथा खुले तारों से दूरी बनाए रखें।
इसके अलावा किसानों को भी मौसम के पूर्वानुमान के अनुसार कृषि कार्यों की योजना बनाने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने स्थानीय अधिकारियों को संभावित जलभराव वाले क्षेत्रों की निगरानी और राहत व्यवस्था मजबूत रखने के निर्देश दिए हैं।
प्रशासन अलर्ट मोड में
प्रदेश के विभिन्न जिलों में जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। नगर निकायों को जलनिकासी व्यवस्था दुरुस्त रखने तथा संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी करने को कहा गया है।
इसके साथ ही, स्वास्थ्य विभाग और विद्युत विभाग की टीमें भी आवश्यक सेवाओं को सुचारु बनाए रखने के लिए तैयार रखी गई हैं। यदि कहीं जलभराव या अन्य आपात स्थिति उत्पन्न होती है तो तत्काल राहत कार्य शुरू किए जाएंगे।
नागरिकों के लिए जरूरी सावधानियां
बारिश के मौसम में कुछ सामान्य सावधानियां अपनाकर जोखिम को कम किया जा सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, मौसम खराब होने पर अनावश्यक रूप से घर से बाहर निकलने से बचना चाहिए। जलभराव वाले मार्गों से गुजरते समय सतर्क रहें और तेज बहाव वाले नालों या नदियों के किनारे जाने से बचें।
यदि प्रशासन किसी क्षेत्र के लिए चेतावनी जारी करे, तो उसका पालन करना सभी के हित में है। साथ ही मौसम विभाग की आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें और अफवाहों से बचें।
अलर्ट जारी
उत्तर प्रदेश में मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है। प्रदेश के अधिकांश जिलों में बारिश का सिलसिला जारी है और मौसम विभाग ने सभी 75 जिलों के लिए अलर्ट जारी किया है। कई शहरों में जलभराव, नदियों का बढ़ता जलस्तर और कुछ स्थानों पर हुई घटनाएं प्रशासन के लिए चुनौती बनी हुई हैं।
ऐसे में अगले कुछ दिनों तक मौसम की स्थिति पर नजर रखना और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करना आवश्यक होगा। यदि वर्षा का यह क्रम जारी रहता है, तो कुछ क्षेत्रों में स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो सकती है। इसलिए सतर्कता और समय पर तैयारी ही सबसे प्रभावी उपाय मानी जा रही है।

