दिल्ली के नरेला में नकली दवा नेटवर्क का खुलासा, बड़ी मात्रा में संदिग्ध दवाएं और सप्लीमेंट बरामद
Digital UP News Desk
नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के आउटर नॉर्थ जिले के नरेला इलाके में नकली दवा, सप्लीमेंट और इंजेक्शन के कथित बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है।
मामले में दिल्ली और हरियाणा ड्रग कंट्रोल विभाग की संयुक्त कार्रवाई के दौरान बड़ी मात्रा में संदिग्ध दवाइयां, इंजेक्शन, टैबलेट और अन्य मेडिकल सामग्री बरामद की गई है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई हरियाणा के सोनीपत जिले के कुंडली क्षेत्र में मिली एक शिकायत के आधार पर शुरू हुई जांच के बाद की गई।
हरियाणा ड्रग कंट्रोल विभाग को जांच के दौरान कुछ महत्वपूर्ण सुराग मिले, जिसके बाद दिल्ली में संभावित ठिकानों पर कार्रवाई की गई।
शिकायत के बाद शुरू हुई जांच
जानकारी के मुताबिक, हरियाणा के कुंडली इलाके में नकली दवाओं और संदिग्ध मेडिकल उत्पादों को लेकर शिकायत सामने आई थी। इसके बाद हरियाणा ड्रग कंट्रोल विभाग ने मामले की जांच शुरू की और कुछ स्थानों पर छापेमारी भी की।
हालांकि, कार्रवाई की भनक लगने के बाद आरोपियों के कथित रूप से सामान हटाकर दूसरे स्थान पर छिपाने की बात सामने आई है। जांच एजेंसियों के अनुसार, संदिग्ध सामग्री को दिल्ली के नरेला स्थित मनसा देवी अपार्टमेंट के बी-ब्लॉक की दूसरी मंजिल पर स्थित एक किराए के मकान में रखा गया था।
दिल्ली-हरियाणा टीम ने की संयुक्त कार्रवाई
हरियाणा ड्रग कंट्रोल विभाग को जब इस ठिकाने की जानकारी मिली, तो इसकी सूचना दिल्ली ड्रग कंट्रोल विभाग और स्थानीय पुलिस को दी गई। इसके बाद दोनों राज्यों की संबंधित एजेंसियों ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की।
छापेमारी के दौरान टीमों को बड़ी संख्या में संदिग्ध मेडिकल सामग्री मिली। इसमें सप्लीमेंट, इंजेक्शन, टैबलेट और अन्य प्रकार की दवाएं शामिल हैं। बरामद सामान को कब्जे में लेकर उसकी सूची तैयार की जा रही है।
बरामद सामग्री की जांच जारी
फिलहाल जांच एजेंसियों ने बरामद सामग्री को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष जारी नहीं किया है। अधिकारियों के अनुसार, अभी यह पुष्टि नहीं हुई है कि बरामद सभी दवाएं पूरी तरह नकली हैं या फिर इनमें से कुछ अन्य श्रेणी की संदिग्ध सामग्री है।
इसकी वास्तविक स्थिति का पता जांच और लैब रिपोर्ट आने के बाद ही चल पाएगा। इसलिए फिलहाल अधिकारियों द्वारा बरामद सामान को संदिग्ध श्रेणी में रखा गया है और उसकी गुणवत्ता एवं वैधता की जांच की जा रही है।
कई जगहों पर चल रही जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए हरियाणा ड्रग कंट्रोल विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियां लगातार जांच कर रही हैं। पिछले दो दिनों से अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी और पूछताछ की कार्रवाई जारी है।
जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि यह नेटवर्क कितना बड़ा है और इसमें कितने लोग शामिल हो सकते हैं। इसके अलावा, यह भी जांच की जा रही है कि संदिग्ध दवाओं की सप्लाई कहां-कहां की जाती थी और इसके पीछे कौन लोग सक्रिय थे।
पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी एजेंसियां
जांच अधिकारियों का मुख्य उद्देश्य इस कथित नेटवर्क से जुड़े सभी लोगों तक पहुंचना है। इसके लिए बरामद दस्तावेजों, मेडिकल सामग्री, सप्लाई चैन और अन्य जानकारी का विश्लेषण किया जा रहा है।
इसके साथ ही एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि क्या इस मामले में किसी अन्य राज्य या शहर से भी कनेक्शन जुड़ा हुआ है। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
दवाओं की गुणवत्ता और सुरक्षा को लेकर सतर्कता जरूरी
दवाएं सीधे लोगों के स्वास्थ्य से जुड़ी होती हैं, इसलिए इनके निर्माण, बिक्री और वितरण में नियमों का पालन बेहद जरूरी होता है। विशेषज्ञों के अनुसार, बिना जांच-परख के किसी भी दवा या सप्लीमेंट का उपयोग स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है।
यही कारण है कि ड्रग कंट्रोल विभाग समय-समय पर अवैध और नियमों के विरुद्ध संचालित गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई करता रहता है।
अधिकारियों की जांच के बाद सामने आएगी पूरी स्थिति
फिलहाल इस मामले में संबंधित विभागों की जांच जारी है। बरामद सामग्री की लैब जांच, दस्तावेजों की पड़ताल और संबंधित लोगों से पूछताछ के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि पूरा मामला किस स्तर तक फैला हुआ है।
जांच एजेंसियां इस बात पर भी ध्यान दे रही हैं कि यदि कोई अवैध गतिविधि सामने आती है तो उससे जुड़े सभी जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सके।
दिल्ली के नरेला इलाके में संदिग्ध दवाओं और सप्लीमेंट के कथित नेटवर्क का खुलासा स्वास्थ्य सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, बरामद सामग्री के नकली होने की आधिकारिक पुष्टि अभी जांच रिपोर्ट आने के बाद ही होगी।
फिलहाल दिल्ली और हरियाणा की संबंधित एजेंसियां पूरे मामले की जांच कर रही हैं और कथित नेटवर्क की सभी कड़ियों को जोड़ने का प्रयास जारी है।

