CBSE 12वीं सप्लीमेंट्री प्रैक्टिकल परीक्षा 2026: 29 जुलाई से शुरू होंगी प्रयोगी परीक्षाएं, छात्रों के लिए जारी की गए जरूरी दिशा-निर्देश
Digital UP News Desk
नई दिल्ली: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने कक्षा 12वीं की सप्लीमेंट्री प्रैक्टिकल परीक्षा 2026 को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी जारी की है। बोर्ड के अनुसार, सप्लीमेंट्री प्रैक्टिकल परीक्षाओं का आयोजन 29 जुलाई 2026 से किया जाएगा।
यह परीक्षा उन विद्यार्थियों के लिए आयोजित की जा रही है, जिन्हें मुख्य परीक्षा में किसी विषय में सफलता नहीं मिली थी या जिन्हें निर्धारित नियमों के तहत सप्लीमेंट्री परीक्षा में शामिल होने का अवसर मिला है।
बोर्ड ने सभी संबद्ध विद्यालयों, परीक्षा केंद्रों और विद्यार्थियों से समय पर तैयारियां पूरी करने तथा निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है। इसके साथ ही छात्रों को सलाह दी गई है कि वे परीक्षा संबंधी सभी अपडेट अपने विद्यालय और CBSE के आधिकारिक माध्यमों से नियमित रूप से प्राप्त करते रहें।
29 जुलाई से शुरू होगी सप्लीमेंट्री प्रैक्टिकल परीक्षा
CBSE के कार्यक्रम के अनुसार, 12वीं कक्षा की सप्लीमेंट्री प्रैक्टिकल परीक्षाएं 29 जुलाई से प्रारंभ होंगी। जिन विषयों में प्रायोगिक परीक्षा (Practical) अनिवार्य है, उन सभी विषयों के विद्यार्थियों को निर्धारित तिथि पर अपने विद्यालय या आवंटित परीक्षा केंद्र पर उपस्थित होना होगा।
हालांकि, परीक्षा की सटीक तिथि और समय संबंधित विद्यालयों द्वारा छात्रों को अलग-अलग सूचित किए जाएंगे। इसलिए विद्यार्थियों को सलाह दी जाती है कि वे विद्यालय प्रशासन के संपर्क में रहें और किसी भी सूचना को नजरअंदाज न करें।
किन छात्रों को देना होगा प्रैक्टिकल?
सप्लीमेंट्री प्रैक्टिकल परीक्षा मुख्य रूप से उन छात्रों के लिए आयोजित की जाती है। जिन्होंने किसी प्रायोगिक विषय में सप्लीमेंट्री परीक्षा के लिए आवेदन किया है। जिनका प्रैक्टिकल निर्धारित नियमों के अनुसार पुनः आयोजित किया जाना आवश्यक है। जिन विद्यार्थियों को बोर्ड के निर्देशों के अनुसार प्रैक्टिकल परीक्षा में शामिल होना अनिवार्य है। यदि किसी छात्र को अपने विषय को लेकर संशय है, तो उसे तुरंत अपने विद्यालय से संपर्क करना चाहिए।
परीक्षा से पहले पूरी करें सभी तैयारियां
सप्लीमेंट्री परीक्षा में शामिल होने वाले विद्यार्थियों को अंतिम समय की परेशानी से बचने के लिए पहले से सभी तैयारियां पूरी कर लेनी चाहिए। परीक्षा वाले दिन समय पर केंद्र पहुंचना अत्यंत आवश्यक है।
इसके अलावा छात्रों को अपने सभी आवश्यक दस्तावेज, जैसे एडमिट कार्ड, विद्यालय पहचान पत्र (यदि आवश्यक हो), प्रयोगात्मक रिकॉर्ड फाइल, प्रोजेक्ट फाइल, लैब से संबंधित आवश्यक सामग्री (यदि विद्यालय द्वारा निर्देशित हो), अपने साथ अवश्य रखनी चाहिए।
प्रैक्टिकल परीक्षा में किन बातों का रखें ध्यान?
प्रैक्टिकल परीक्षा केवल लिखित ज्ञान का परीक्षण नहीं होती, बल्कि इसमें छात्र की प्रयोगात्मक समझ, विषय की जानकारी और कार्य करने की क्षमता का भी मूल्यांकन किया जाता है।
इसलिए विद्यार्थियों को निम्न बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए। समय से पहले परीक्षा केंद्र पहुंचें। प्रयोगात्मक रिकॉर्ड पूरी तरह अपडेट रखें।परीक्षक के निर्देशों का पालन करें। लैब में अनुशासन बनाए रखें। जल्दबाजी के बजाय सावधानीपूर्वक प्रयोग पूरा करें। उत्तर आत्मविश्वास के साथ प्रस्तुत करें।
रिकॉर्ड फाइल और प्रोजेक्ट की होगी जांच
अधिकांश प्रायोगिक विषयों में रिकॉर्ड बुक और प्रोजेक्ट फाइल का विशेष महत्व होता है। परीक्षक प्रैक्टिकल प्रदर्शन के साथ-साथ रिकॉर्ड फाइल, प्रयोगों की गुणवत्ता और विषय की समझ का भी मूल्यांकन करते हैं।
इसी कारण छात्रों को परीक्षा से पहले अपनी रिकॉर्ड फाइल अच्छी तरह जांच लेनी चाहिए ताकि किसी प्रकार की त्रुटि न रह जाए।
मूल्यांकन प्रक्रिया रहेगी पारदर्शी
CBSE हर वर्ष प्रैक्टिकल परीक्षाओं में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी करता है। इस बार भी बोर्ड ने विद्यालयों को निष्पक्ष और निर्धारित मानकों के अनुसार परीक्षा आयोजित करने के निर्देश दिए हैं।
मूल्यांकन के दौरान छात्रों के प्रदर्शन, प्रयोग करने की क्षमता, रिकॉर्ड कार्य, मौखिक परीक्षा (Viva) और विषय की समझ को ध्यान में रखा जाएगा।
विद्यालयों की जिम्मेदारी भी महत्वपूर्ण
सप्लीमेंट्री प्रैक्टिकल परीक्षा के सफल आयोजन में विद्यालयों की भूमिका भी काफी महत्वपूर्ण होती है। बोर्ड ने सभी स्कूलों से कहा है कि प्रयोगशालाओं की पूरी तैयारी रखें। आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराएं। निर्धारित समय पर परीक्षा आयोजित करें। बोर्ड के दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित करें। परीक्षा रिकॉर्ड सुरक्षित रखें। इससे परीक्षा प्रक्रिया सुचारु रूप से संपन्न हो सकेगी।
छात्रों को घबराने की नहीं, तैयारी करने की जरूरत
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि सप्लीमेंट्री परीक्षा छात्रों को दूसरा अवसर प्रदान करती है। इसलिए इसे दबाव के रूप में नहीं बल्कि अपनी तैयारी सुधारने के अवसर के रूप में देखना चाहिए।
यदि विद्यार्थी नियमित अभ्यास करते हैं और प्रयोगों की प्रक्रिया को अच्छी तरह समझते हैं, तो बेहतर प्रदर्शन की संभावना काफी बढ़ जाती है।
छात्रों को घबराने की नहीं, तैयारी करने की जरूरत
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि सप्लीमेंट्री परीक्षा छात्रों को दूसरा अवसर प्रदान करती है। इसलिए इसे दबाव के रूप में नहीं बल्कि अपनी तैयारी सुधारने के अवसर के रूप में देखना चाहिए।
यदि विद्यार्थी नियमित अभ्यास करते हैं और प्रयोगों की प्रक्रिया को अच्छी तरह समझते हैं, तो बेहतर प्रदर्शन की संभावना काफी बढ़ जाती है।
बोर्ड की वेबसाइट पर रखें नजर
CBSE समय-समय पर परीक्षा से जुड़े आवश्यक निर्देश और सूचनाएं जारी करता है। इसलिए विद्यार्थियों को अपने विद्यालय के साथ-साथ बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर भी नियमित रूप से नजर रखनी चाहिए।
यदि किसी प्रकार का संशोधन, नई सूचना या अतिरिक्त निर्देश जारी किए जाते हैं, तो उनकी जानकारी समय रहते प्राप्त करना छात्रों के लिए लाभदायक रहेगा।
अभिभावकों की भूमिका भी अहम
सप्लीमेंट्री परीक्षा के दौरान अभिभावकों का सहयोग भी छात्रों के आत्मविश्वास को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। अभिभावकों को चाहिए कि वे बच्चों पर अनावश्यक दबाव बनाने के बजाय उन्हें सकारात्मक माहौल दें।
संतुलित दिनचर्या, पर्याप्त नींद, नियमित अध्ययन और मानसिक शांति बेहतर प्रदर्शन में मदद करते हैं।

