बहराइच में ओवरलोड बालू ट्रकों के खिलाफ हुए ग्रामीण, नंदवल में घंटों काटा बवाल – जानिए क्या प्रशासन ने क्या किया?

38a745ff-0c1a-461d-b1bd-74d9d4103e6d

बहराइच: उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले के नंदवल क्षेत्र में ओवरलोड बालू ट्रकों के संचालन के विरोध में ग्रामीणों ने सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने बालू से लदे ट्रकों का आवागमन रोक दिया, जिससे क्षेत्र में कई घंटों तक यातायात प्रभावित रहा। ग्रामीणों का आरोप है कि लगातार चल रहे ओवरलोड ट्रकों के कारण सड़कें पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं और धूल व गड्ढों की वजह से लोगों का दैनिक आवागमन कठिन हो गया है।

प्रदर्शन की सूचना मिलते ही पुलिस, परिवहन विभाग और राजस्व विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। इसके अलावा कैसरगंज क्षेत्र के समाजवादी पार्टी विधायक आनंद यादव भी घटनास्थल पर पहुंचे और ग्रामीणों से बातचीत की। अधिकारियों ने स्थिति को शांत कराते हुए सड़क निर्माण और ओवरलोड वाहनों की जांच का आश्वासन दिया, जिसके बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ और यातायात सामान्य हो सका।

खराब सड़क को लेकर ग्रामीणों में बढ़ा आक्रोश

ग्रामीणों का कहना है कि वजीरगंज से खदान तक लगभग 15 किलोमीटर लंबा मार्ग बालू खनन शुरू होने के बाद काफी खराब हो गया है। उनके अनुसार भारी और ओवरलोड ट्रकों के लगातार आवागमन से सड़क जगह-जगह टूट चुकी है। कई स्थानों पर बड़े गड्ढे बन गए हैं, जिससे दोपहिया और चारपहिया वाहनों के साथ-साथ पैदल चलने वालों को भी कठिनाई का सामना करना पड़ता है।

इसके साथ ही सड़क पर उड़ने वाली धूल से आसपास के गांवों के लोगों को भी परेशानी हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि धूल के कारण दृश्यता कम हो जाती है और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की आशंका भी बनी रहती है। इसी वजह से लोगों ने प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने के लिए शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया।

ट्रकों का आवागमन रोक कर जताया विरोध

प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने कुछ समय के लिए बालू से लदे ट्रकों का आवागमन रोक दिया। इससे सड़क पर वाहनों की लंबी कतार लग गई और क्षेत्र में जाम की स्थिति बन गई। हालांकि प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा और स्थानीय प्रशासन के पहुंचने के बाद ग्रामीणों से वार्ता शुरू हुई।

ग्रामीणों ने अधिकारियों के सामने अपनी समस्याएं विस्तार से रखीं। उन्होंने मांग की कि सड़क की तत्काल मरम्मत कराई जाए तथा ओवरलोड वाहनों के संचालन पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित किया जाए।

सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे अधिकारी

स्थिति की जानकारी मिलने पर पुलिस बल के साथ एआरटीओ, नायब तहसीलदार तथा अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी शिकायतें सुनीं और संबंधित विभागों से आवश्यक कार्रवाई कराने का भरोसा दिया।

इसी दौरान परिवहन विभाग की टीम ने सड़क पर चल रहे कई वाहनों की जांच की। जांच के दौरान नियमों का उल्लंघन करने वाले कई ओवरलोड ट्रकों का चालान भी किया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि आगे भी ऐसे वाहनों के खिलाफ नियमित अभियान चलाया जाएगा।

सड़क निर्माण का दिया आश्वासन

प्रदर्शन के दौरान अधिकारियों ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि सड़क की स्थिति का निरीक्षण कराया जाएगा और संबंधित विभाग के माध्यम से आवश्यक मरम्मत एवं निर्माण कार्य शुरू कराने के लिए प्रस्ताव तैयार किया जाएगा।

उन्होंने यह भी कहा कि यदि कहीं ओवरलोड वाहनों के कारण सड़क को नुकसान पहुंचा है तो उसकी तकनीकी जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही परिवहन विभाग को ओवरलोडिंग रोकने के लिए नियमित जांच अभियान चलाने के निर्देश दिए जाएंगे।

विधायक आनंद यादव ने भी सुनी ग्रामीणों की समस्याएं

कैसरगंज से समाजवादी पार्टी के विधायक आनंद यादव भी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों से बातचीत की। उन्होंने ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीर बताते हुए प्रशासन से शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने की मांग की।

उन्होंने कहा कि सड़कें ग्रामीण क्षेत्रों की जीवनरेखा होती हैं। यदि सड़कें क्षतिग्रस्त होंगी तो शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और आवागमन सभी प्रभावित होंगे। इसलिए सड़क की मरम्मत और ओवरलोड वाहनों पर नियंत्रण प्राथमिकता के आधार पर किया जाना चाहिए।

ग्रामीणों ने दी आगे भी आंदोलन की चेतावनी

ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा कि यदि सड़क निर्माण का कार्य जल्द शुरू नहीं हुआ और ओवरलोड ट्रकों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो वे दोबारा आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।

हालांकि प्रशासन द्वारा दिए गए आश्वासन के बाद लोगों ने तत्काल के लिए अपना प्रदर्शन समाप्त कर दिया और सड़क पर लगा जाम भी खुलवा दिया। इसके बाद यातायात धीरे-धीरे सामान्य हो गया।

ओवरलोडिंग पर लगातार उठते रहे हैं सवाल

यातायात विशेषज्ञों का मानना है कि निर्धारित क्षमता से अधिक भार लेकर चलने वाले वाहनों से सड़कों की गुणवत्ता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। इसके अलावा ऐसे वाहन यातायात सुरक्षा के लिए भी चुनौती बन सकते हैं। इसलिए परिवहन नियमों के अनुसार वाहनों का संचालन और नियमित जांच आवश्यक मानी जाती है।

यदि सड़कों की समय-समय पर मरम्मत और ओवरलोड वाहनों पर निगरानी रखी जाए तो ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन की सुविधाएं बेहतर हो सकती हैं और सार्वजनिक संसाधनों की भी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है।

अब देखना होगा आगे

बहराइच में ओवरलोड बालू ट्रकों के विरोध में हुआ प्रदर्शन ग्रामीणों की लंबे समय से चली आ रही समस्याओं को सामने लेकर आया है। सड़क की खराब स्थिति, धूल और ओवरलोड वाहनों को लेकर लोगों ने प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग की है।

फिलहाल अधिकारियों ने सड़क निर्माण, जांच और ओवरलोड वाहनों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया है, जिसके बाद प्रदर्शन समाप्त हो गया। अब स्थानीय लोगों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन अपने आश्वासन को कितनी जल्दी अमल में लाता है और क्षेत्र की सड़क तथा यातायात व्यवस्था में कितना सुधार होता है।

You may have missed