ब्रज के 57 गांवों में चलेगा विशेष स्वच्छता अभियान: जानिए किस दिन नोडल अधिकारियों की निगरानी में होगी सफाई
रिपोर्ट – योगेश भारद्वाज
मथुरा: ब्रज क्षेत्र को स्वच्छ, सुंदर और प्लास्टिक मुक्त बनाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने व्यापक स्तर पर विशेष स्वच्छता अभियान शुरू किया है। ‘हम सबने यह ठाना है, ब्रज को स्वच्छ बनाना है’ महाअभियान के तहत जनपद के 57 ग्राम पंचायतों में प्रत्येक शनिवार विशेष स्वच्छता अभियान और श्रमदान कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
इस पहल का उद्देश्य केवल सफाई तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीणों, विद्यार्थियों और स्थानीय संस्थाओं की भागीदारी से स्वच्छता को जनआंदोलन का स्वरूप देना भी है।
जिलाधिकारी सीपी सिंह के निर्देश पर 10 प्रमुख तीर्थ एवं पर्यटन स्थलों तथा 47 प्रमुख पर्यटन मार्गों से जुड़ी ग्राम पंचायतों में 57 नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। ये अधिकारी अभियान की नियमित निगरानी करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि सभी निर्धारित गतिविधियां प्रभावी ढंग से संचालित हों।
तीर्थ और पर्यटन स्थलों को स्वच्छ रखने पर विशेष जोर
ब्रज क्षेत्र देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए आस्था का प्रमुख केंद्र है। इसी कारण प्रशासन ने सबसे पहले उन गांवों को अभियान से जोड़ा है, जो प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों से जुड़े हुए हैं।
मुख्य विकास अधिकारी डॉ. पूजा गुप्ता ने बताया कि अभियान के तहत कॉलेजों के विद्यार्थियों, स्वयं सहायता समूहों, ग्रामीणों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। ग्राम पंचायतों में डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण, प्लास्टिक कचरे का पृथक्करण और व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम भी संचालित किए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि स्वच्छता अभियान को केवल एक दिन का कार्यक्रम न बनाकर नियमित व्यवस्था के रूप में विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है।
प्रत्येक शनिवार होगा श्रमदान
अभियान के अंतर्गत 22 जून से लगातार चार सप्ताह तक प्रत्येक शनिवार विशेष श्रमदान कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इस दौरान ग्रामीण, विद्यार्थी, पंचायत प्रतिनिधि और संबंधित विभागों के अधिकारी मिलकर सार्वजनिक स्थलों, मंदिरों के आसपास, प्रमुख मार्गों और ग्राम क्षेत्रों की सफाई करेंगे।
इसके अलावा लोगों को यह भी समझाया जाएगा कि स्वच्छता केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का दायित्व भी है। प्रशासन का मानना है कि जनभागीदारी के बिना किसी भी स्वच्छता अभियान को स्थायी सफलता नहीं मिल सकती।
जैविक और प्लास्टिक कचरे का होगा अलग-अलग प्रबंधन
अभियान की एक प्रमुख विशेषता कचरे का वैज्ञानिक प्रबंधन भी है। मुख्य विकास अधिकारी ने बताया कि सफाई अभियान के दौरान एकत्रित जैविक कचरे से कम्पोस्ट तैयार किया जाएगा। वहीं प्लास्टिक अपशिष्ट को अलग करके पुनर्चक्रण (रिसाइक्लिंग) के लिए भेजा जाएगा।
कचरे के निस्तारण के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि स्रोत स्तर पर कचरे का पृथक्करण ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की सबसे प्रभावी प्रक्रिया है।
घर-घर जाकर चलाया जा रहा जागरूकता अभियान
अभियान केवल सार्वजनिक स्थलों की सफाई तक सीमित नहीं है। ग्राम पंचायतों के लोगों ने घर-घर जाकर लोगों को प्लास्टिक कचरे के पृथक्करण के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
प्रशासन की ओर से परिवारों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से सहमति पत्र भी भरवाए जा रहे हैं, ताकि वे अपने स्तर पर प्लास्टिक और अन्य कचरे को अलग-अलग एकत्रित करें।
ग्रामीणों को यह भी बताया जा रहा है कि प्लास्टिक प्रदूषण का प्रभाव केवल पर्यावरण पर ही नहीं, बल्कि मानव स्वास्थ्य और पशुओं पर भी पड़ता है।
डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण व्यवस्था होगी मजबूत
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अभियान के दौरान ग्राम पंचायतों में डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।
कूड़ेदानों की नियमित सफाई, समय पर कचरा उठान और सार्वजनिक स्थलों पर स्वच्छता बनाए रखने के लिए संबंधित अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
इसके परिणामस्वरूप गांवों में नियमित सफाई व्यवस्था मजबूत होगी और कचरे के अनियंत्रित फैलाव पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।
प्लास्टिक बैंक की होगी स्थापना
ब्रज को प्लास्टिक मुक्त बनाने के उद्देश्य से ग्राम पंचायतों में प्लास्टिक बैंक स्थापित किए जाएंगे। इन प्लास्टिक बैंकों में ग्रामीण अपने घरों से निकले प्लास्टिक कचरे को जमा कर सकेंगे। बाद में इस कचरे को वैज्ञानिक तरीके से रिसाइक्लिंग के लिए भेजा जाएगा।
प्रमुख सार्वजनिक स्थानों पर “प्लास्टिक मुक्त ब्रज” और “मेरी प्लास्टिक-मेरी जिम्मेदारी” जैसे संदेश भी प्रदर्शित किए जा रहे हैं, ताकि लोगों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाई जा सके।
नियमों का उल्लंघन करने वालों पर होगी कार्रवाई
अभियान को प्रभावी बनाने के लिए प्रशासन ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के नियमों को सख्ती से लागू करने का निर्णय भी लिया है।
इसके तहत ग्राम पंचायतों में स्वच्छता शुल्क के निर्धारण और वसूली की व्यवस्था लागू की जाएगी। सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा फैलाने वालों के विरुद्ध आर्थिक दंड लगाने का भी प्रावधान किया जाएगा।
प्रशासन का मानना है कि जागरूकता और नियमों का प्रभावी पालन दोनों साथ-साथ चलेंगे, तभी स्वच्छता अभियान के स्थायी परिणाम सामने आएंगे।
नोडल अधिकारी करेंगे नियमित निगरानी
जिलाधिकारी सीपी सिंह ने सभी नामित नोडल अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे संबंधित विभागों, स्टेकहोल्डर्स, जिला विद्यालय निरीक्षक और खंड शिक्षा अधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर अभियान का शत-प्रतिशत क्रियान्वयन सुनिश्चित करें।
प्रत्येक सप्ताह अभियान की प्रगति रिपोर्ट गूगल फॉर्म के माध्यम से मुख्य विकास अधिकारी को भेजी जाएगी। इससे अभियान की नियमित समीक्षा की जा सकेगी और आवश्यकता पड़ने पर सुधारात्मक कदम भी उठाए जाएंगे।
स्वच्छ ब्रज की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
ब्रज की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को देखते हुए स्वच्छता का विशेष महत्व है। प्रशासन का मानना है कि यदि स्थानीय नागरिक, विद्यार्थी और विभिन्न विभाग मिलकर इस अभियान को आगे बढ़ाते हैं, तो ब्रज क्षेत्र को स्वच्छ और प्लास्टिक मुक्त बनाने का लक्ष्य अधिक प्रभावी ढंग से हासिल किया जा सकता है।
यह अभियान केवल सफाई तक सीमित नहीं है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, जनभागीदारी और जिम्मेदार नागरिकता को बढ़ावा देने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण पहल है। यदि ग्रामीण स्तर पर इस मॉडल को सफलतापूर्वक लागू किया जाता है, तो भविष्य में इसे अन्य क्षेत्रों के लिए भी प्रेरणादायक उदाहरण बनाया जा सकता है।

