शेयर बाजार में जोरदार तेजी: सेंसेक्स 1000 अंक उछलकर 75 हजार के पार, रिलायंस में 6.7% की बढ़त

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Digital UP News

मुंबई: भारतीय शेयर बाजार में सोमवार, 2 नवंबर 2026 को सप्ताह की शुरुआत शानदार तेजी के साथ हुई। कारोबार शुरू होते ही निवेशकों में खरीदारी का उत्साह दिखाई दिया और बीएसई सेंसेक्स ने करीब 1000 अंकों की छलांग लगाकर 75 हजार का महत्वपूर्ण स्तर पार कर लिया। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 50 भी 23,300 के पार पहुंच गया। बाजार में आई इस तेजी से निवेशकों की संपत्ति में भी बड़ा इजाफा हुआ। खास बात यह रही कि रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में लगभग 6.7 प्रतिशत तक की बढ़त दर्ज की गई। इसके अलावा टाटा स्टील, एनटीपीसी और मारुति सुजुकी जैसे बड़े शेयरों में भी अच्छी खरीदारी देखने को मिली।

सेंसेक्स और निफ्टी में दिखी मजबूती

सोमवार को कारोबार के शुरुआती घंटों में ही शेयर बाजार ने मजबूत रुख दिखाया। बीएसई सेंसेक्स ने पिछले कारोबारी सत्र के मुकाबले तेजी के साथ शुरुआत की और कुछ ही समय में 75 हजार के स्तर को पार कर गया। सुबह के कारोबार में सेंसेक्स 1000 अंकों से अधिक की तेजी के साथ दिन के ऊपरी स्तर पर पहुंचा। दूसरी ओर निफ्टी 50 में भी एक प्रतिशत से अधिक की बढ़त दर्ज की गई और यह 23,300 के स्तर के ऊपर कारोबार करता दिखाई दिया।

बाजार के प्रमुख सूचकांकों में आई इस तेजी ने निवेशकों का भरोसा मजबूत किया। हालांकि, अलग-अलग समय पर बाजार के आंकड़ों में बदलाव होता रहा। सुबह करीब 9:42 बजे सेंसेक्स 75,404 अंक के आसपास और निफ्टी 23,304 के करीब कारोबार कर रहा था। बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच यह तेजी निवेशकों के लिए सप्ताह की सकारात्मक शुरुआत लेकर आई।

रिलायंस इंडस्ट्रीज ने संभाली बाजार की कमान

सोमवार की तेजी में मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज सबसे प्रमुख शेयरों में शामिल रही। कंपनी के शेयरों में लगभग 6 से 6.7 प्रतिशत तक की बढ़त देखने को मिली। बाजार में रिलायंस के शेयरों में खरीदारी की बड़ी वजह कंपनी के मजबूत तिमाही नतीजे रहे। कंपनी ने जुलाई से सितंबर की अवधि में रिकॉर्ड तिमाही मुनाफा दर्ज किया। इसके बाद निवेशकों ने शेयर में खरीदारी बढ़ा दी।

रिपोर्टों के अनुसार, रिलायंस इंडस्ट्रीज का जुलाई-सितंबर तिमाही का शुद्ध लाभ सालाना आधार पर लगभग 33.8 प्रतिशत बढ़कर 29,550 करोड़ रुपये पहुंच गया। कंपनी के ऑयल-टू-केमिकल्स कारोबार में बेहतर मार्जिन और दूरसंचार कारोबार के प्रदर्शन ने भी नतीजों को मजबूती दी। परिणामस्वरूप रिलायंस के शेयरों में आई तेजी ने सेंसेक्स को ऊपर ले जाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

टाटा स्टील, एनटीपीसी और मारुति में भी खरीदारी

रिलायंस के साथ-साथ कई अन्य बड़ी कंपनियों के शेयरों में भी तेजी रही। टाटा स्टील के शेयरों में लगभग 4 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। वहीं एनटीपीसी के शेयर करीब 3 प्रतिशत से अधिक मजबूत हुए। मारुति सुजुकी के शेयरों में भी लगभग 2.5 से 2.8 प्रतिशत तक की तेजी देखने को मिली।

इसके अतिरिक्त बैंकिंग, मेटल, ऑयल एंड गैस और ऑटो सेक्टर के कई शेयरों में भी खरीदारी का रुझान रहा। बाजार के व्यापक रुख से संकेत मिला कि तेजी केवल चुनिंदा कंपनियों तक सीमित नहीं रही, बल्कि कई प्रमुख क्षेत्रों के शेयरों में निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी। हालांकि, सभी शेयरों में तेजी नहीं रही। कुछ कंपनियों के शेयर गिरावट के साथ भी कारोबार करते दिखाई दिए।

आखिर बाजार में तेजी की प्रमुख वजह क्या रही?

शेयर बाजार में आई तेजी के पीछे कई कारण माने जा रहे हैं। सबसे प्रमुख वजह रिलायंस इंडस्ट्रीज सहित बड़ी कंपनियों के बेहतर तिमाही नतीजे हैं। जब कंपनियों का मुनाफा और कारोबार उम्मीद से बेहतर रहता है, तो निवेशकों का भरोसा बढ़ता है। इसी वजह से मजबूत नतीजे देने वाली कंपनियों के शेयरों में खरीदारी देखने को मिली।

दूसरी ओर, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में नरमी ने भी भारतीय शेयर बाजार को सहारा दिया। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा कच्चे तेल के आयात से पूरा करता है। इसलिए तेल की कीमतों में कमी से देश के आयात बिल और महंगाई के दबाव को लेकर चिंताओं में कुछ राहत मिल सकती है। इससे निवेशकों की धारणा सकारात्मक हुई।

इसके अलावा पश्चिम एशिया में तनाव कम होने और ईरान तथा कतर के बीच जारी बातचीत से भी बाजार को उम्मीद मिली। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में आई नरमी और विदेशी निवेश से जुड़े सकारात्मक संकेतों ने घरेलू बाजार के माहौल को बेहतर बनाने में मदद की।

निवेशकों की संपत्ति में भी हुआ इजाफा

शेयर बाजार में तेजी का सीधा असर बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों के कुल बाजार पूंजीकरण पर भी पड़ा। शुरुआती कारोबार के दौरान कंपनियों के बाजार मूल्य में कई लाख करोड़ रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की गई। फॉर्च्यून इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, पहले घंटे में निवेशकों की संपत्ति में लगभग 5.42 लाख करोड़ रुपये का इजाफा हुआ और बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण करीब 480.76 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया।

आगे बाजार की चाल पर रहेगी निवेशकों की नजर

फिलहाल शेयर बाजार में तेजी ने निवेशकों को राहत दी है, लेकिन बाजार की दिशा कई घरेलू और वैश्विक कारकों पर निर्भर करेगी। आने वाले दिनों में कंपनियों के तिमाही नतीजे, कच्चे तेल की कीमतें, विदेशी निवेशकों की गतिविधियां, रुपये की चाल और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम बाजार को प्रभावित कर सकते हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार, तेजी के माहौल में भी निवेशकों को जल्दबाजी में फैसले लेने से बचना चाहिए। किसी भी शेयर में निवेश करने से पहले कंपनी की वित्तीय स्थिति, कारोबार और जोखिम को समझना जरूरी है। बाजार में उतार-चढ़ाव सामान्य प्रक्रिया है, इसलिए केवल एक दिन की तेजी को भविष्य के प्रदर्शन की गारंटी नहीं माना जाना चाहिए।

कुल मिलाकर, 2 नवंबर को भारतीय शेयर बाजार में आई तेजी ने सप्ताह की शुरुआत को उत्साहजनक बना दिया। सेंसेक्स का 75 हजार के पार पहुंचना, निफ्टी का 23,300 के ऊपर जाना और रिलायंस, टाटा स्टील, एनटीपीसी तथा मारुति जैसे शेयरों में बढ़त बाजार के लिए सकारात्मक संकेत रहे। अब निवेशकों की नजर इस बात पर रहेगी कि आने वाले कारोबारी सत्रों में यह तेजी कितनी कायम रह पाती है।

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