इटावा: आजम खान की रिहाई के तुरंत बाद ED की कार्रवाई पर भड़के शिवपाल यादव, बोले- ऐसी सरकार को हटाना होगा

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रिपोर्ट – रोहित सिंह चौहान 

इटावा: उत्तर प्रदेश के इटावा जिले की जसवंतनगर विधानसभा में आयोजित कवि सम्मेलन के कार्यक्रम में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल सिंह यादव ने केंद्र और प्रदेश सरकार पर जमकर निशाना साधा। रामलीला मैदान में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे शिवपाल यादव ने सपा नेता मोहम्मद आजम खान की जेल से रिहाई के तुरंत बाद प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई पर नाराजगी जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के इशारे पर विपक्ष के नेताओं को परेशान किया जा रहा है और उन्हें जेल में रखा जा रहा है।

शिवपाल यादव ने कहा कि देश में संकट का माहौल है और विपक्ष के नेताओं को जेलों में ठूंस दिया गया है। उन्होंने कहा कि कवियों और साहित्यकारों ने अपनी कलम के माध्यम से ऐसे हालात का विरोध किया है। उनके मुताबिक, लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए ऐसी परिस्थितियों के खिलाफ आवाज उठाना जरूरी है।

आजम खान की रिहाई के बाद ED की कार्रवाई पर उठाए सवाल

शिवपाल सिंह यादव ने सपा के वरिष्ठ नेता आजम खान का मुद्दा उठाते हुए कहा कि वह झूठे मुकदमों में जेल में बंद थे। जब वह जमानत पर जेल से बाहर आ रहे थे, तभी प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारियों ने उन्हें हिरासत में ले लिया।

उन्होंने इस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार के इशारे पर ऐसा किया जा रहा है। शिवपाल यादव ने कहा कि ऐसी सरकार के खिलाफ आवाज उठानी पड़ेगी और उसे हटाने के लिए लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष करना होगा। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश की जनता ने अब बदलाव का मन बना लिया है।

गौरतलब है कि 31 अक्टूबर 2026 को आजम खान रामपुर जेल से रिहा हुए थे। हालांकि, जेल से बाहर आने के कुछ ही समय बाद ईडी ने उन्हें जौहर विश्वविद्यालय से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में हिरासत में ले लिया। इस घटनाक्रम को लेकर समाजवादी पार्टी के नेताओं ने सरकार और जांच एजेंसी की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं।

सरकार पर लोकतंत्र और संविधान की अनदेखी का आरोप

शिवपाल यादव ने अपने संबोधन में प्रदेश सरकार की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार लोकतंत्र और संविधान की भावना के अनुरूप काम नहीं कर रही है। साथ ही उन्होंने न्यायालय के आदेशों और निर्णयों के सम्मान को लेकर भी अपनी बात रखी।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में अब राजनीतिक माहौल बदल रहा है। छात्र, महिलाएं, नौजवान और व्यापारी सभी परेशान हैं। शिवपाल यादव के अनुसार, समाज के अलग-अलग वर्गों में सरकार के प्रति नाराजगी है और जनता आगामी विधानसभा चुनाव में इसका जवाब देगी।

उन्होंने कार्यकर्ताओं और आम लोगों से लोकतांत्रिक तरीके से सरकार की नीतियों का विरोध करने की अपील भी की।

एमएलसी चुनाव में धांधली का लगाया आरोप

प्रेस और राजनीतिक चर्चाओं में एमएलसी चुनाव का मुद्दा भी लगातार उठ रहा है। जसवंतनगर के कवि सम्मेलन में शिवपाल यादव ने विधान परिषद चुनाव के नतीजों को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए।

उन्होंने दावा किया कि एमएलसी चुनाव में सरकार के इशारे पर शासन और प्रशासन ने निष्पक्ष तरीके से चुनाव नहीं होने दिया। शिवपाल यादव ने कहा कि यदि चुनाव पूरी तरह निष्पक्ष होते तो समाजवादी पार्टी सभी 11 सीटों पर जीत हासिल कर सकती थी।

उन्होंने विशेष रूप से गोरखपुर और मेरठ का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि इन स्थानों पर बेईमानी के जरिए भाजपा के प्रत्याशी जीते हैं। वहीं, आगरा में समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी आकाश अग्रवाल को जीत के लिए काफी संघर्ष करना पड़ा।

शिवपाल यादव ने चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि शासन और प्रशासन की भूमिका निष्पक्ष होनी चाहिए। हालांकि, चुनाव में धांधली को लेकर लगाए गए ये आरोप समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव के अपने दावे हैं।

2027 में अखिलेश यादव के नेतृत्व में सरकार बनाने का दावा

अपने संबोधन में शिवपाल सिंह यादव ने आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर भी बड़ा बयान दिया। उन्होंने दावा किया कि समाजवादी पार्टी राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के नेतृत्व में प्रदेश में सरकार बनाने जा रही है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता ने वर्तमान सरकार को लेकर अपना मन बना लिया है। छात्र, महिलाएं, नौजवान और व्यापारी समेत समाज के कई वर्ग परेशान हैं। ऐसे में आगामी चुनाव में समाजवादी पार्टी जनता के मुद्दों को लेकर मैदान में उतरेगी।

शिवपाल यादव ने कार्यकर्ताओं को संगठन मजबूत करने और जनता के बीच पहुंचकर उनकी समस्याओं को उठाने का संदेश भी दिया।

2027 के टिकट पर क्या बोले शिवपाल यादव?

विधानसभा चुनाव में प्रत्याशियों के चयन को लेकर पूछे गए सवाल पर शिवपाल सिंह यादव ने स्पष्ट किया कि टिकट वितरण का निर्णय पार्टी का राष्ट्रीय नेतृत्व करेगा।

उन्होंने कहा कि किसे टिकट देना है और किसे चुनाव लड़ाना है, इसका फैसला पार्टी का राष्ट्रीय नेतृत्व करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी के प्रत्याशियों की जीत के आधार पर ही सरकार बनाने का रास्ता तैयार होगा।

उनके इस बयान को आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों और संगठन में प्रत्याशियों के चयन को लेकर पार्टी की रणनीति के संदर्भ में देखा जा रहा है।

कवि सम्मेलन के मंच से साहित्यकारों की भूमिका पर भी बोले

जसवंतनगर के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में आयोजित अखिल भारतीय कवि सम्मेलन में देश के विभिन्न हिस्सों से आए कवियों ने अपनी रचनाएं प्रस्तुत कीं। इस कार्यक्रम में शिवपाल सिंह यादव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।

कवि सम्मेलन में साहित्य, समाज और मौजूदा परिस्थितियों से जुड़े विषयों पर काव्य प्रस्तुतियां हुईं। शिवपाल यादव ने अपने संबोधन में कवियों और साहित्यकारों की भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि जब देश और समाज के सामने संकट की स्थिति आती है तो साहित्यकार अपनी कलम के माध्यम से आवाज उठाते हैं।

उन्होंने कहा कि कवियों और साहित्यकारों ने हमेशा अन्याय के खिलाफ अपनी रचनाओं के जरिए विरोध दर्ज कराया है। समाज को जागरूक करने में साहित्य की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।

इटावा से शिवपाल यादव ने दिया 2027 का राजनीतिक संदेश

जसवंतनगर के रामलीला मैदान से शिवपाल सिंह यादव ने अपने संबोधन में आजम खान की ईडी हिरासत, एमएलसी चुनाव और प्रदेश सरकार की नीतियों को लेकर कई सवाल उठाए। साथ ही उन्होंने 2027 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी की सरकार बनने का दावा किया।

उनके पूरे संबोधन में विपक्ष की भूमिका, लोकतंत्र, संविधान और चुनावी प्रक्रिया जैसे मुद्दे प्रमुख रहे। अब देखना होगा कि समाजवादी पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों में इन मुद्दों को किस तरह जनता के बीच उठाती है।

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