कानपुर में ‘किरा डिकोर’ का उद्घाटन, कैबिनेट मंत्री राकेश सचान ने ‘मानस रावण’ पुस्तक का किया विमोचन
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कानपुर: शहर के बर्रा-2 क्षेत्र में बैंक ऑफ बड़ौदा के पास हस्तनिर्मित लग्जरी होम डेकोर शोरूम ‘किरा डिकोर’ का उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में साहित्य और हस्तकला का अनूठा संगम देखने को मिला। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री राकेश सचान मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए, जबकि किदवई नगर के विधायक महेश त्रिवेदी विशिष्ट अतिथि के तौर पर मौजूद रहे। इस दौरान दोनों अतिथियों ने लेखिका आकृति द्विवेदी द्वारा लिखित पुस्तक ‘मानस रावण’ का विमोचन भी किया।
कार्यक्रम में शोरूम के शुभारंभ के साथ ही पुस्तक विमोचन को लेकर भी उत्साह देखने को मिला। एक ओर जहां हस्तनिर्मित सजावटी वस्तुओं के नए शोरूम की शुरुआत हुई, वहीं दूसरी ओर ‘मानस रावण’ पुस्तक के माध्यम से रावण के व्यक्तित्व, उसकी महत्वाकांक्षाओं और उससे जुड़े विभिन्न पहलुओं को सामने रखने का प्रयास किया गया।
कैबिनेट मंत्री और विधायक ने किया पुस्तक का विमोचन
कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री राकेश सचान और विशिष्ट अतिथि विधायक महेश त्रिवेदी मंच पर पहुंचे। इसके बाद दोनों अतिथियों ने लेखिका आकृति द्विवेदी की पुस्तक ‘मानस रावण’ का विमोचन किया। इस अवसर पर साहित्य और रचनात्मक लेखन से जुड़े विषयों पर भी ध्यान केंद्रित रहा।
आकृति द्विवेदी द्वारा लिखी गई इस पुस्तक में रावण के व्यक्तित्व, उसकी महानता, महत्वाकांक्षाओं और जीवन से जुड़े विभिन्न पहलुओं का वर्णन किया गया है। पुस्तक का उद्देश्य रावण के चरित्र को अलग-अलग दृष्टिकोणों से समझने और पाठकों के सामने उसके व्यक्तित्व के विभिन्न पक्षों को प्रस्तुत करने का प्रयास करना है।
रामायण की परंपरा में रावण एक ऐसा पात्र है, जिसके व्यक्तित्व को लेकर साहित्य, कला और लोक परंपराओं में विभिन्न प्रकार की व्याख्याएं मिलती हैं। इसी संदर्भ में ‘मानस रावण’ पुस्तक पाठकों को उसके चरित्र और उससे जुड़े विचारों पर चिंतन करने का अवसर दे सकती है।
हस्तनिर्मित वस्तुओं से सजेगा ‘किरा डिकोर’
बर्रा-2 में शुरू किया गया ‘किरा डिकोर’ हस्तनिर्मित लग्जरी होम डेकोर उत्पादों पर केंद्रित शोरूम है। यहां घर की सजावट से संबंधित आकर्षक वस्तुओं में हस्तकला का इस्तेमाल किया गया है। शोरूम की ऑनर आकृति द्विवेदी के मुताबिक, यहां उपलब्ध सजावटी वस्तुओं को तैयार करने में रचनात्मकता और हाथों से किए जाने वाले काम को प्राथमिकता दी गई है।
आजकल घरों को आकर्षक और अलग पहचान देने के लिए लोग सजावटी उत्पादों का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में हस्तनिर्मित वस्तुएं उन लोगों के लिए एक विकल्प बन सकती हैं, जो अपने घर को पारंपरिक कला और आधुनिक सजावट के मेल से सजाना चाहते हैं।
इसके अतिरिक्त, हस्तनिर्मित उत्पादों के माध्यम से स्थानीय कौशल और रचनात्मकता को भी बढ़ावा मिल सकता है। मशीनों से तैयार होने वाली वस्तुओं के बीच हाथ से बनाई गई सजावटी चीजें अपनी विशिष्ट बनावट और कलात्मकता के कारण अलग पहचान रखती हैं।
‘किरा डिकोर’ की शुरुआत इसी दिशा में एक प्रयास के रूप में देखी जा रही है। हालांकि, शोरूम में उपलब्ध उत्पादों की श्रेणियों, कीमतों और अन्य सुविधाओं की विस्तृत जानकारी शोरूम प्रबंधन से प्राप्त की जा सकती है।
महिलाओं को रोजगार के लिए प्रेरित करने की पहल
शोरूम की ऑनर आकृति द्विवेदी ने बताया कि वह अपने इस कार्य के माध्यम से अन्य बेरोजगार महिलाओं को भी हस्तकला और होम डेकोर के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना चाहती हैं। उनका प्रयास है कि महिलाएं अपनी रचनात्मक क्षमता का उपयोग करके रोजगार के अवसर तलाश सकें और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में कदम बढ़ाएं।
दरअसल, हस्तकला आधारित काम महिलाओं के लिए स्वरोजगार का एक संभावित माध्यम बन सकता है। सजावटी वस्तुओं को तैयार करने, उनकी डिजाइनिंग, पैकेजिंग और बिक्री जैसे कार्यों में कौशल विकसित करके महिलाएं छोटे स्तर पर अपना काम शुरू कर सकती हैं। इसके लिए प्रशिक्षण, बाजार तक पहुंच और उत्पादों की गुणवत्ता भी महत्वपूर्ण होती है।
आकृति द्विवेदी की योजना में महिलाओं को इस क्षेत्र के लिए प्रोत्साहित करने की बात विशेष रूप से उल्लेखनीय रही। यदि इस तरह की पहल के माध्यम से महिलाओं को प्रशिक्षण और काम के अवसर मिलते हैं, तो इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार को बढ़ावा देने में मदद मिल सकती है।
हालांकि, भविष्य में कितनी महिलाओं को इस पहल से जोड़ा जाएगा और रोजगार के कितने अवसर उपलब्ध होंगे, इसकी जानकारी अभी सामने नहीं आई है। इसके बावजूद, महिला स्वरोजगार को प्रोत्साहित करने का उनका संकल्प कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण पक्ष रहा।
साहित्य, कला और उद्यमिता का संगम
‘किरा डिकोर’ के उद्घाटन और ‘मानस रावण’ पुस्तक के विमोचन ने कार्यक्रम को दो अलग-अलग रचनात्मक क्षेत्रों से जोड़ा। एक तरफ हस्तनिर्मित होम डेकोर के माध्यम से कला को व्यवसाय से जोड़ने की पहल की गई, वहीं दूसरी तरफ पुस्तक के जरिए साहित्यिक अभिव्यक्ति को मंच मिला।
इस तरह का आयोजन स्थानीय स्तर पर रचनात्मक कार्यों, उद्यमिता और साहित्य को प्रोत्साहित करने का अवसर प्रदान करता है। विशेष रूप से महिलाओं द्वारा शुरू किए गए व्यवसाय और उनके लेखन कार्य को सामने लाना अन्य लोगों को भी अपने कौशल और रुचि के अनुसार आगे बढ़ने की प्रेरणा दे सकता है।
कार्यक्रम में आज अखबार के वरिष्ठ पत्रकार मिथिला शरण दुबे, वर्ड खबर न्यूज से मनोज शुक्ला और राम किशोर सिंह सहित अन्य लोग मौजूद रहे। अतिथियों की उपस्थिति में शोरूम के उद्घाटन और पुस्तक विमोचन का कार्यक्रम संपन्न हुआ।
कानपुर में स्थानीय उद्यमिता को बढ़ावा देने की उम्मीद
कानपुर औद्योगिक और व्यावसायिक गतिविधियों के लिए जाना जाता है। ऐसे में हस्तनिर्मित उत्पादों पर केंद्रित नए शोरूम की शुरुआत स्थानीय ग्राहकों को सजावटी वस्तुओं के लिए एक नया विकल्प दे सकती है। साथ ही, यदि महिलाओं को इस क्षेत्र में प्रशिक्षण और काम के अवसर मिलते हैं, तो यह पहल स्वरोजगार की दिशा में भी उपयोगी साबित हो सकती है।
कुल मिलाकर, बर्रा-2 में ‘किरा डिकोर’ का उद्घाटन केवल एक नए होम डेकोर शोरूम की शुरुआत तक सीमित नहीं रहा। कार्यक्रम में ‘मानस रावण’ पुस्तक का विमोचन और महिलाओं को रोजगार के लिए प्रेरित करने की आकृति द्विवेदी की पहल भी चर्चा का हिस्सा बनी। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि शोरूम के माध्यम से हस्तकला को बाजार में किस तरह स्थान मिलता है और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की योजना किस रूप में आगे बढ़ती है।

