गोंडा से स्केटिंग करते देवा शरीफ पहुंच रहा युवक, तिरंगा लेकर मांग रहा अमन-चैन की दुआ
रिपोर्ट – महेंद्र सिंह
बाराबंकी: उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में स्थित प्रसिद्ध हाजी वारिस अली शाह की दरगाह देवा शरीफ में इन दिनों देवा मेला चल रहा है। मेले में देश के अलग-अलग हिस्सों से जायरीन पहुंच रहे हैं और दरगाह पर चादर चढ़ाकर अमन-चैन, खुशहाली और आपसी भाईचारे की दुआ मांग रहे हैं। इसी बीच गोंडा से स्केटिंग करते हुए देवा शरीफ की ओर जा रहा एक युवक लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। हाथ में तिरंगा लेकर अपनी यात्रा पूरी कर रहे इस युवक का अनोखा अंदाज राहगीरों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।
युवक की यात्रा न केवल लोगों का ध्यान खींच रही है, बल्कि शांति, सद्भाव और राष्ट्रीय एकता का संदेश भी दे रही है। सड़क पर स्केटिंग करते हुए आगे बढ़ रहे युवक को देखकर लोग उसकी सराहना कर रहे हैं। खास बात यह है कि जहां अधिकांश जायरीन कार, बस, बाइक और अन्य साधनों से दरगाह पहुंचते हैं, वहीं यह युवक स्केटिंग के जरिए अपनी मंजिल की ओर बढ़ रहा है।
देवा मेले में आस्था और भाईचारे का संदेश
बाराबंकी का देवा शरीफ धार्मिक आस्था और सांप्रदायिक सद्भाव के लिए जाना जाता है। यहां स्थित हाजी वारिस अली शाह की दरगाह पर हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु और जायरीन पहुंचते हैं। देवा मेले के दौरान क्षेत्र में विशेष रौनक देखने को मिलती है। दूर-दराज से आने वाले लोग दरगाह पर चादर चढ़ाते हैं और अपनी मन्नतें पूरी होने की कामना करते हैं।
इसी धार्मिक माहौल के बीच गोंडा से स्केटिंग करते हुए देवा शरीफ पहुंचने की कोशिश कर रहा युवक लोगों के बीच खास पहचान बना रहा है। उसके हाथ में लहराता तिरंगा इस यात्रा को और भी खास बना रहा है। युवक का यह प्रयास लोगों को आकर्षित करने के साथ-साथ देश की एकता और अखंडता का संदेश भी देता दिखाई दे रहा है।
दरअसल, देवा शरीफ जैसे धार्मिक स्थलों पर विभिन्न समुदायों के लोग श्रद्धा के साथ पहुंचते हैं। ऐसे में युवक की यात्रा को आपसी प्रेम, भाईचारे और शांति की भावना से जोड़कर देखा जा रहा है।
हाजी वारिस अली शाह की दरगाह पर चादर चढ़ाने की इच्छा
युवक ने बताया कि वह हाजी वारिस अली शाह की दरगाह पर चादर चढ़ाने के लिए देवा शरीफ जा रहा है। इसके साथ ही उसकी इच्छा देश में अमन-चैन और खुशहाली के लिए दुआ मांगने की है। वह देवा मेले को देखने और वहां के धार्मिक माहौल का अनुभव करने के उद्देश्य से भी इस यात्रा पर निकला है।
युवक का कहना है कि उसकी यात्रा का उद्देश्य केवल दरगाह तक पहुंचना नहीं, बल्कि शांति और सद्भाव की भावना को भी सामने लाना है। हालांकि, उसकी यात्रा की दूरी, स्केटिंग शुरू करने का सटीक समय और रास्ते में तय किए गए पड़ावों के संबंध में विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
इसके बावजूद, स्केटिंग के जरिए दरगाह तक पहुंचने का उसका प्रयास लोगों के लिए कौतूहल का विषय बना हुआ है। सड़क से गुजरने वाले लोग उसे तिरंगा लेकर आगे बढ़ते देखते हैं तो उसकी हौसला अफजाई करते नजर आते हैं।
तिरंगे के साथ यात्रा बनी चर्चा का विषय
राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा देश की एकता, सम्मान और गौरव का प्रतीक है। ऐसे में युवक का तिरंगा लेकर स्केटिंग करना उसकी यात्रा को एक अलग पहचान दे रहा है। उसका यह अंदाज लोगों को आकर्षित करने के साथ-साथ देश के प्रति सम्मान और सामाजिक सद्भाव की भावना को भी उजागर करता है।
आज के दौर में जब समाज में आपसी समझ, सहयोग और भाईचारे को मजबूत करने की आवश्यकता महसूस की जाती है, तब इस तरह की यात्राएं सकारात्मक संदेश देने का माध्यम बन सकती हैं। युवक अपनी आस्था के साथ राष्ट्रीय ध्वज लेकर आगे बढ़ रहा है और देश में शांति कायम रहने की कामना कर रहा है।
हालांकि, किसी भी लंबी सड़क यात्रा के दौरान सुरक्षा का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। स्केटिंग करने वाले व्यक्ति को यातायात नियमों का पालन करना चाहिए और सुरक्षित मार्ग का चयन करना चाहिए, ताकि यात्रा के दौरान उसे किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
आस्था, राष्ट्रीय एकता और सद्भाव का संगम
गोंडा से देवा शरीफ तक स्केटिंग करते हुए पहुंचने का युवक का प्रयास धार्मिक आस्था और राष्ट्रीय भावना के संगम के रूप में सामने आ रहा है। एक ओर वह हाजी वारिस अली शाह की दरगाह पर चादर चढ़ाने की इच्छा लेकर आगे बढ़ रहा है, वहीं दूसरी ओर तिरंगे के माध्यम से देश के प्रति सम्मान का भाव भी प्रदर्शित कर रहा है।
देवा मेले में आने वाले जायरीन के बीच उसकी यात्रा चर्चा का विषय बनी हुई है। लोग उसके अनोखे प्रयास को देखकर उत्सुकता जता रहे हैं और उसकी मंजिल तक सुरक्षित पहुंचने की कामना कर रहे हैं।
कुल मिलाकर, गोंडा से स्केटिंग करते हुए देवा शरीफ की ओर बढ़ रहे इस युवक की यात्रा लोगों का ध्यान खींच रही है। उसकी आस्था, तिरंगे के प्रति सम्मान और देश में अमन-चैन की दुआ इस यात्रा को खास बना रही है। अब देखना होगा कि युवक अपनी इस अनोखी यात्रा को पूरा कर कब दरगाह पहुंचता है और चादर चढ़ाकर देश की खुशहाली के लिए दुआ मांगता है।

