कानपुर में फरार वारंटी अभियुक्त गिरफ्तार, घर के बाहर से जीआरपी ने दबोचा
रिपोर्ट – डिजिटल उप्रन्यूज़
कानपुर, 23 अक्टूबर 2026। कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन की राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) ने फरार चल रहे एक वारंटी अभियुक्त को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। पुलिस ने आरोपी गुलजार उर्फ आंशू को उसके घर के बाहर से गिरफ्तार किया। आरोपी लंबे समय से फरार चल रहा था और उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस तथा स्थानीय स्तर पर सूचनाएं जुटाकर लगातार प्रयास कर रही थी। पुलिस के अनुसार, आरोपी के खिलाफ अलग-अलग जनपदों में दो दर्जन से अधिक मुकदमे दर्ज हैं।
यह कार्रवाई रेलवे क्षेत्र में चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने, अपराधियों की धरपकड़ करने और न्यायालय से जारी वारंटों का पालन सुनिश्चित करने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई। गिरफ्तारी के बाद पुलिस आरोपी से पूछताछ कर आवश्यक विधिक कार्रवाई कर रही है।
जीआरपी कानपुर सेंट्रल की टीम को मिली सफलता
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, पुलिस अधीक्षक रेलवे प्रयागराज प्रशांत वर्मा की लगातार निगरानी और निर्देशन में रेलवे क्षेत्र में अपराध नियंत्रण के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में पुलिस उपाधीक्षक कानपुर शेषमणि उपाध्याय ने संबंधित अधिकारियों और थाना प्रभारियों को फरार वारंटी अभियुक्तों की गिरफ्तारी तथा चोरी की घटनाओं की रोकथाम के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए थे।
इन निर्देशों के अनुपालन में जीआरपी कानपुर सेंट्रल की टीम सक्रिय रूप से काम कर रही थी। प्रभारी निरीक्षक ओम नारायण सिंह के नेतृत्व में पुलिस ने फरार आरोपियों की जानकारी जुटाने और न्यायालय से जारी वारंटों के निष्पादन के लिए प्रयास तेज किए।
इसी अभियान के दौरान पुलिस टीम को गुलजार उर्फ आंशू के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस ने उपलब्ध इलेक्ट्रॉनिक और स्थानीय सूचनाओं के आधार पर आरोपी की तलाश जारी रखी। आखिरकार, 23 अक्टूबर 2026 को पुलिस टीम ने उसे उसके घर के बाहर से गिरफ्तार कर लिया।
न्यायालय से जारी था गैर-जमानती वारंट
पुलिस के अनुसार, गुलजार उर्फ आंशू पुत्र स्वर्गीय गुलाम वाजिदपुर, जाजमऊ, कानपुर नगर का निवासी है। उसकी उम्र लगभग 34 वर्ष बताई गई है। वह वर्तमान में जाजमऊ थाना क्षेत्र के अंतर्गत आता है, जबकि पहले उसका क्षेत्र चकेरी थाना क्षेत्र में था।
आरोपी के खिलाफ संबंधित मामले में कानपुर नगर के माननीय न्यायालय एसीजेएसडी-5 से गैर-जमानती वारंट (एनबीडब्ल्यू) जारी हुआ था। इसी वारंट के अनुपालन में जीआरपी कानपुर सेंट्रल की टीम उसकी तलाश कर रही थी।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी काफी समय से गिरफ्तारी से बच रहा था। इसलिए उसकी गिरफ्तारी के लिए टीम को इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों से जानकारी जुटाने के साथ-साथ जमीनी स्तर पर भी प्रयास करने पड़े। सूचना की पुष्टि और आवश्यक कार्रवाई के बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
गैर-जमानती वारंट का निष्पादन न्यायालय की प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसे मामलों में पुलिस की जिम्मेदारी होती है कि संबंधित व्यक्ति को कानून के अनुसार गिरफ्तार कर न्यायालय की प्रक्रिया में प्रस्तुत किया जाए।
आरोपी पर दो दर्जन से अधिक मुकदमे दर्ज होने की जानकारी
जीआरपी की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार अभियुक्त के खिलाफ अलग-अलग जनपदों में दो दर्जन से अधिक मुकदमे पंजीकृत हैं। हालांकि, उपलब्ध सूचना में इन मामलों की प्रकृति, संबंधित धाराओं, मुकदमों के विवरण और उनमें वर्तमान कानूनी स्थिति का विस्तृत ब्योरा नहीं दिया गया है।
इसलिए प्रत्येक मामले की स्थिति को अलग-अलग न्यायिक रिकॉर्ड और पुलिस की आधिकारिक जानकारी के आधार पर ही समझा जा सकता है। किसी व्यक्ति के खिलाफ मुकदमे दर्ज होना और किसी मामले में दोषसिद्ध होना अलग-अलग कानूनी स्थितियां हैं। ऐसे में आरोपी से जुड़े मामलों का अंतिम निष्कर्ष न्यायालय की प्रक्रिया के अनुसार ही निर्धारित होगा।
पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर रही है और संबंधित मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है। वारंट से जुड़े मामले में आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के साथ ही पुलिस उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी।
रेलवे क्षेत्र में अपराध नियंत्रण पर जोर
रेलवे स्टेशन और ट्रेनों में यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना जीआरपी की प्रमुख जिम्मेदारियों में शामिल है। यात्रियों के सामान की चोरी, संदिग्ध गतिविधियों और अन्य आपराधिक घटनाओं की रोकथाम के लिए पुलिस समय-समय पर अभियान चलाती है। इसके अतिरिक्त, न्यायालय से जारी वारंटों के आधार पर फरार आरोपियों की गिरफ्तारी भी पुलिस की प्राथमिकताओं में शामिल रहती है।
कानपुर सेंट्रल एक महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशन है, जहां बड़ी संख्या में यात्री आवागमन करते हैं। ऐसे में रेलवे परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना विशेष महत्व रखता है। इसके लिए पुलिस को सूचना तंत्र मजबूत करने, संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने और अन्य संबंधित इकाइयों के साथ समन्वय स्थापित करने की आवश्यकता होती है।
गुलजार उर्फ आंशू की गिरफ्तारी को जीआरपी कानपुर सेंट्रल की इसी अभियानात्मक कार्रवाई का हिस्सा माना जा रहा है। पुलिस अधिकारियों के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान का उद्देश्य अपराधियों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करना और रेलवे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाना है।
पूछताछ के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई
फिलहाल, गिरफ्तारी के बाद पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है। आगे की कार्रवाई संबंधित न्यायालय के आदेशों, उपलब्ध अभिलेखों और मामले से जुड़े तथ्यों के आधार पर की जाएगी। पुलिस की ओर से आरोपी के खिलाफ दर्ज अन्य मुकदमों के संबंध में विस्तृत जानकारी सामने आने पर ही उनकी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
कुल मिलाकर, जीआरपी कानपुर सेंट्रल की टीम ने न्यायालय से जारी गैर-जमानती वारंट के अनुपालन में लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस का कहना है कि अपराध नियंत्रण और वारंटियों की गिरफ्तारी के लिए अभियान जारी रहेगा।

