कानपुर देहात में बाल संरक्षण और बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान पर जोर, ब्लॉक स्तरीय बैठक में योजनाओं की समीक्षा

6f65cf3d-62e1-4b2f-ba11-c170cab85e50

रिपोर्ट – विशाल मिश्रा 

कानपुर देहात: जनपद में बच्चों की सुरक्षा, महिलाओं के सशक्तिकरण और सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने के उद्देश्य से ब्लॉक स्तर पर जागरूकता और समीक्षा बैठक आयोजित की गई। जिलाधिकारी कपिल सिंह के निर्देश तथा मुख्य विकास अधिकारी के मार्गदर्शन में जिला प्रोबेशन अधिकारी के नेतृत्व में 21 अक्टूबर 2026 को अकबरपुर ब्लॉक सभागार में ब्लॉक बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति तथा बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना की ब्लॉक टास्कफोर्स की त्रैमासिक बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता प्रभारी खंड विकास अधिकारी हरीश राठौर ने की।

बैठक में बाल संरक्षण, बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा, महिला कल्याण, बाल विवाह की रोकथाम और सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही, संबंधित विभागों के अधिकारियों, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और अन्य कर्मचारियों को निर्देश दिए गए कि वे गांवों में लोगों को योजनाओं के प्रति जागरूक करें तथा पात्र परिवारों तक सहायता पहुंचाना सुनिश्चित करें।

बच्चों की सुरक्षा के लिए मजबूत व्यवस्था बनाने पर जोर

बैठक की शुरुआत में संरक्षण अधिकारी धर्मेंद्र कुमार ओझा ने मिशन वात्सल्य योजना के अंतर्गत ब्लॉक बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति की त्रैमासिक बैठक के उद्देश्य की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए सुरक्षित और सहयोगपूर्ण वातावरण तैयार करना जरूरी है, ताकि प्रत्येक बच्चे को उचित देखभाल, शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाएं और सम्मानजनक जीवन मिल सके।

उन्होंने कहा कि बाल संरक्षण से संबंधित समितियों का गठन गांव, वार्ड और ब्लॉक स्तर पर बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किया गया है। इन समितियों के माध्यम से बच्चों के साथ होने वाले दुर्व्यवहार, हिंसा, शोषण और अन्य जोखिमों की रोकथाम के लिए जागरूकता बढ़ाई जा सकती है।

इसके अलावा, ग्राम बाल कल्याण एवं संरक्षण समितियों को नियमित बैठकें आयोजित करने और परिवारों को बाल अधिकारों के प्रति जागरूक करने के लिए प्रेरित किया गया। अधिकारियों ने कहा कि बच्चों से जुड़ी समस्याओं की पहचान समय रहते करना और जरूरतमंद बच्चों को उचित सहायता उपलब्ध कराना महत्वपूर्ण है।

पॉक्सो अधिनियम और बच्चों की सुरक्षा पर दी जानकारी

बैठक के दौरान बच्चों को यौन शोषण से बचाने के लिए पॉक्सो अधिनियम, 2012 के बारे में जानकारी दी गई। उपस्थित लोगों को बच्चों की सुरक्षा, उनके अधिकारों और सुरक्षित तथा असुरक्षित स्पर्श के बीच अंतर समझाने की आवश्यकता बताई गई।

अधिकारियों ने कहा कि बच्चों को उनकी उम्र के अनुसार सरल भाषा में सुरक्षा संबंधी जानकारी दी जानी चाहिए, ताकि वे किसी असहज स्थिति को पहचान सकें और भरोसेमंद व्यक्ति से सहायता मांग सकें। वहीं, अभिभावकों, शिक्षकों और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी है कि वे बच्चों के व्यवहार में असामान्य बदलाव या किसी जोखिम की स्थिति को गंभीरता से लें।

इसके साथ ही, किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम, 2015 और संबंधित नियमावली के अंतर्गत बच्चों को संरक्षण देने वाली व्यवस्थाओं के बारे में भी जानकारी दी गई। बैठक में केंद्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण, फॉस्टर केयर योजना और प्रवर्तकता कार्यक्रम से संबंधित विषयों पर चर्चा की गई।

मुख्यमंत्री बाल सेवा और कन्या सुमंगला योजना की जानकारी

बाल विकास परियोजना अधिकारी संध्या ने बैठक में मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, निराश्रित महिला पेंशन योजना तथा बच्चों और महिलाओं के लिए संचालित अन्य कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी।

उन्होंने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सुपरवाइजरों को निर्देशित किया कि वे ग्रामीण क्षेत्रों में पात्र परिवारों को योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराएं। इसके साथ ही, जरूरतमंद परिवारों को आवेदन प्रक्रिया समझाने और निर्धारित पात्रता के अनुसार योजनाओं का लाभ दिलाने में सहयोग करें।

बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि योजनाओं की जानकारी केवल कार्यालयों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। इसके बजाय, ग्राम स्तर पर नियमित जागरूकता गतिविधियों के माध्यम से अधिक से अधिक पात्र लोगों तक जानकारी पहुंचाई जानी चाहिए।

महिलाओं की सुरक्षा और आत्मनिर्भरता पर विशेष ध्यान

हब फॉर एंपावरमेंट ऑफ वूमेन योजना के अंतर्गत लेखा सहायक महेंद्र कुमार ने महिलाओं के खिलाफ हिंसा और भेदभाव समाप्त करने के लिए जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता बताई। उन्होंने महिलाओं को सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता से जोड़ने वाले कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया।

इसके अलावा, बाल विवाह की रोकथाम तथा महिला कल्याण विभाग की योजनाओं के बारे में भी जानकारी दी गई। बैठक में मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना और पति की मृत्यु के बाद निराश्रित महिला पेंशन योजना सहित विभिन्न योजनाओं के बारे में बताया गया।

अधिकारियों ने कहा कि महिलाओं और बालिकाओं को उनके अधिकारों की जानकारी देना तथा जरूरत के समय सहायता उपलब्ध कराना सामाजिक सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

हेल्पलाइन नंबरों के प्रति लोगों को किया जागरूक

बैठक के दौरान महिलाओं और बच्चों की सहायता के लिए उपलब्ध हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी भी दी गई। उपस्थित कर्मचारियों और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को इन नंबरों के बारे में गांवों में जागरूकता फैलाने के लिए कहा गया।

प्रमुख हेल्पलाइन नंबर इस प्रकार हैं:

  • 1098: बच्चों की सहायता के लिए चाइल्ड हेल्पलाइन।
  • 112: आपातकालीन सहायता।
  • 181: महिला हेल्पलाइन।
  • 1090: उत्तर प्रदेश में महिलाओं के लिए वूमेन पावर लाइन।

इसके साथ ही, महिला कल्याण और सरकारी योजनाओं से संबंधित जानकारी वाले पंपलेट भी वितरित किए गए, ताकि लोगों को योजनाओं तथा सहायता सेवाओं के बारे में जानकारी मिल सके।

ग्राम स्तर पर नियमित बैठकें करने के निर्देश

बैठक की अध्यक्षता करते हुए प्रभारी खंड विकास अधिकारी हरीश राठौर ने सभी संबंधित विभागों से समन्वय बनाकर काम करने पर जोर दिया। उन्होंने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को निर्देशित किया कि उत्तर प्रदेश सरकार की योजनाओं के प्रति ग्राम स्तर पर लोगों को जागरूक करें और पात्र लाभार्थियों को योजनाओं से जोड़ने में सक्रिय भूमिका निभाएं।

उन्होंने ग्राम बाल कल्याण एवं संरक्षण समितियों की बैठकें नियमित रूप से आयोजित करने तथा बैठकों की तस्वीरें और कार्यवृत्त बाल विकास परियोजना अधिकारी के कार्यालय में जमा कराने के निर्देश भी दिए।

इस पहल का उद्देश्य समितियों की गतिविधियों को नियमित बनाना, योजनाओं की प्रगति पर नजर रखना और बच्चों तथा महिलाओं से संबंधित समस्याओं का समय पर समाधान सुनिश्चित करना है।

कई विभागों के अधिकारी और कर्मचारी रहे मौजूद

बैठक में चिकित्साधिकारी अरविन्द्र कुमार, सहायक बेसिक शिक्षा अधिकारी मनोज कुमार, सहायक पंचायत राज अधिकारी आदित्य कुमार शुक्ला, बाल विकास परियोजना अधिकारी संध्या, संरक्षण अधिकारी धर्मेंद्र कुमार ओझा, श्रम विभाग से रवि कुमार, लेखा सहायक महेंद्र कुमार और सहायक विकास अधिकारी समाज कल्याण प्रिया यादव सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, सुपरवाइजर और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

कुल मिलाकर, अकबरपुर ब्लॉक में आयोजित यह बैठक बच्चों के संरक्षण, महिला सशक्तीकरण और सरकारी योजनाओं के लाभ को गांव-गांव तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण रही। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बाल अधिकारों की सुरक्षा, महिलाओं को सहायता उपलब्ध कराने और पात्र परिवारों को कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने के लिए विभागीय समन्वय तथा नियमित जागरूकता गतिविधियां जारी रखी जाएंगी।

You may have missed