कानपुर के DCP पश्चिम ने की मासिक अपराध गोष्ठी, कानून-व्यवस्था, साइबर सुरक्षा और महिला सुरक्षा पर दिए सख्त निर्देश

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कानपुर: शहर के पश्चिम जोन में अपराध नियंत्रण को और अधिक प्रभावी बनाने तथा कानून-व्यवस्था को मजबूत रखने के उद्देश्य से मंगलवार (14 जुलाई 2026) को पुलिस उपायुक्त (पश्चिम) एस.एम. कासिम आबिदी की अध्यक्षता में मासिक अपराध गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस बैठक में पश्चिम जोन के सभी थाना प्रभारियों, अपर पुलिस उपायुक्त (पश्चिम) तथा सभी सहायक पुलिस आयुक्तों (ACP) ने भाग लिया। बैठक के दौरान लंबित विवेचनाओं, वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी, महिला सुरक्षा, साइबर अपराधों की रोकथाम और जन सुरक्षा से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से समीक्षा की गई।

बैठक की शुरुआत पश्चिम जोन की वर्तमान कानून-व्यवस्था और अपराध की स्थिति की समीक्षा से हुई। पुलिस उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और प्रत्येक थाना प्रभारी को अपने क्षेत्र में अपराध नियंत्रण के लिए सक्रिय एवं परिणामोन्मुख कार्यशैली अपनानी होगी। उन्होंने कहा कि प्रभावी पुलिसिंग का उद्देश्य केवल अपराध होने के बाद कार्रवाई करना नहीं, बल्कि अपराध की संभावनाओं को समय रहते रोकना भी है।

लंबित विवेचनाओं के शीघ्र निस्तारण पर विशेष जोर

बैठक के दौरान पुलिस उपायुक्त ने थानों में लंबित विवेचनाओं की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक मामले का निष्पक्ष, गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध तरीके से निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही यह भी कहा कि विवेचना में अनावश्यक देरी से न्याय प्रक्रिया प्रभावित होती है, इसलिए प्रत्येक प्रकरण की नियमित निगरानी की जाए।

इसके अतिरिक्त उन्होंने वांछित एवं फरार अभियुक्तों की शीघ्र गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गंभीर अपराधों में शामिल आरोपियों की गिरफ्तारी से कानून के प्रति लोगों का विश्वास और अधिक मजबूत होता है। इसलिए सभी थाना प्रभारी अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित अभियान चलाकर अपराधियों पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करें।

प्रभावी पैरवी से दोषियों को दिलाई जाए सजा

बैठक में केवल गिरफ्तारी तक ही सीमित रहने के बजाय न्यायालय में प्रभावी पैरवी पर भी विशेष बल दिया गया। पुलिस उपायुक्त ने निर्देश दिया कि विवेचना अधिकारी अभियोजन पक्ष के साथ बेहतर समन्वय बनाए रखें ताकि न्यायालय में मजबूत साक्ष्य प्रस्तुत किए जा सकें और दोषियों को समय पर सजा मिल सके।

उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण विवेचना और प्रभावी पैरवी से ही अपराधियों के विरुद्ध मजबूत कानूनी कार्रवाई संभव है, जिससे समाज में कानून का सम्मान बढ़ता है और अपराधियों में कानून का भय भी बना रहता है।

माल मुकदमाती के निस्तारण में तेजी लाने के निर्देश

बैठक में थानों में लंबित माल मुकदमाती की स्थिति की भी समीक्षा की गई। पुलिस उपायुक्त ने निर्देश दिए कि जब्त किए गए सामान और अन्य माल मुकदमाती का नियमानुसार शीघ्र निस्तारण किया जाए। उन्होंने कहा कि समय पर निस्तारण से न्यायिक प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहती है और प्रशासनिक कार्यों में भी गति आती है।

महिला सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता

बैठक के दौरान महिला एवं बालिका सुरक्षा को विशेष प्राथमिकता दी गई। पुलिस उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए कि महिलाओं से जुड़े सभी मामलों का संवेदनशीलता, गंभीरता और समयबद्ध तरीके से निस्तारण किया जाए। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में पीड़ित पक्ष को आवश्यक सहयोग प्रदान करना पुलिस की जिम्मेदारी है।

साथ ही थाना प्रभारियों को निर्देशित किया गया कि महिला सुरक्षा संबंधी शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई की जाए तथा प्रत्येक प्रकरण की नियमित समीक्षा भी की जाए। उन्होंने कहा कि महिलाओं में सुरक्षा का विश्वास बढ़ाना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारियों में शामिल है।

एससी/एसटी अधिनियम के मामलों की हुई समीक्षा

बैठक में सहायक पुलिस आयुक्त स्तर पर लंबित विवेचनाओं, विशेष रूप से अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (SC/ST) अधिनियम के अंतर्गत दर्ज मामलों की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि इन मामलों में सभी कानूनी प्रावधानों का पालन करते हुए निष्पक्ष और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

पुलिस उपायुक्त ने कहा कि ऐसे मामलों में संवेदनशीलता बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। इसलिए प्रत्येक अधिकारी यह सुनिश्चित करे कि किसी भी शिकायत के निस्तारण में अनावश्यक विलंब न हो।

साइबर अपराधों के विरुद्ध तकनीकी निगरानी बढ़ाने के निर्देश

डिजिटल माध्यमों के बढ़ते उपयोग के साथ साइबर अपराधों में भी वृद्धि देखने को मिल रही है। इसे ध्यान में रखते हुए बैठक में साइबर अपराध नियंत्रण पर विशेष चर्चा की गई। पुलिस उपायुक्त ने निर्देश दिए कि नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) तथा प्रतिबिंब पोर्टल से प्राप्त सभी शिकायतों और तकनीकी इनपुट पर तत्काल कार्रवाई की जाए।

उन्होंने कहा कि साइबर अपराधों में समय सबसे महत्वपूर्ण होता है। यदि शिकायत पर तुरंत कार्रवाई की जाए तो कई मामलों में पीड़ित की आर्थिक हानि को कम किया जा सकता है तथा आरोपियों तक शीघ्र पहुंचा जा सकता है।

साइबर हेल्पलाइन 1930 के व्यापक प्रचार पर रहेगा जोर

बैठक में साइबर हेल्पलाइन 1930 के व्यापक प्रचार-प्रसार पर भी विशेष बल दिया गया। पुलिस उपायुक्त ने निर्देश दिए कि थाना स्तर पर जनजागरूकता अभियान चलाकर नागरिकों को ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाव के उपाय बताए जाएं।

उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति के साथ ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी होती है तो उसे बिना देरी किए हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज करानी चाहिए। समय पर शिकायत मिलने से संबंधित एजेंसियों को त्वरित कार्रवाई करने में सुविधा होती है।

थाना प्रभारियों को सक्रिय पुलिसिंग अपनाने के निर्देश

बैठक के दौरान सभी थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित गश्त, संदिग्ध व्यक्तियों की निगरानी और संवेदनशील स्थानों पर विशेष सतर्कता बनाए रखने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही स्थानीय नागरिकों के साथ बेहतर संवाद स्थापित करने तथा सामुदायिक पुलिसिंग को मजबूत बनाने पर भी जोर दिया गया।

पुलिस उपायुक्त ने कहा कि पुलिस और आमजन के बीच विश्वास का संबंध जितना मजबूत होगा, अपराध नियंत्रण उतना ही प्रभावी होगा। इसलिए प्रत्येक थाना प्रभारी जनता की शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर समाधान सुनिश्चित करे।

कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सतर्क रहने के निर्देश

बैठक के अंत में पुलिस उपायुक्त (पश्चिम) एस.एम. कासिम आबिदी ने सभी अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों का पूरी निष्ठा और पारदर्शिता के साथ निर्वहन करे तथा अपराध नियंत्रण, महिला सुरक्षा, साइबर सुरक्षा और जनसुनवाई को सर्वोच्च प्राथमिकता दे।

उन्होंने यह भी कहा कि समयबद्ध कार्रवाई, प्रभावी विवेचना और जनसहभागिता के माध्यम से ही सुरक्षित एवं व्यवस्थित समाज का निर्माण संभव है। इसी उद्देश्य के साथ पश्चिम जोन की पुलिस टीम आगे भी समन्वित और सक्रिय रूप से कार्य करती रहेगी, ताकि नागरिकों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जा सके और कानून के शासन को और अधिक मजबूत बनाया जा सके।

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