कानपुर में नवरात्रि नवमी पर पुलिस अधिकारियों ने आयोजित किया भंडारा, श्रद्धालुओं को बांटा प्रसाद

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रिपोर्ट – सुहैल अंसारी

कानपुर नगर। शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर कानपुर नगर में पुलिस अधिकारियों ने सेवा, समर्पण और सामाजिक सद्भाव का संदेश दिया। सोमवार, 19 अक्टूबर 2026 को नवरात्रि की नवमी तिथि के अवसर पर कमिश्नरेट कानपुर नगर के थाना स्वरूपनगर क्षेत्र में डीसीपी कार्यालय के समीप भंडारे का आयोजन किया गया। इस दौरान श्रद्धालुओं और वहां मौजूद लोगों को प्रसाद वितरित किया गया। आयोजन के माध्यम से धार्मिक आस्था के साथ-साथ समाज सेवा और आपसी भाईचारे की भावना को प्रोत्साहित करने का प्रयास किया गया।

नवरात्रि नवमी पर आयोजित हुआ भंडारा

नवरात्रि का पर्व देशभर में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस दौरान मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा-अर्चना की जाती है। विशेष रूप से नवमी तिथि पर मंदिरों में पूजा-पाठ, हवन, कन्या पूजन और भंडारे जैसे धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इसी परंपरा के अंतर्गत कानपुर नगर में पुलिस अधिकारियों की सहभागिता से भंडारे का आयोजन किया गया।

थाना स्वरूपनगर क्षेत्र में डीसीपी कार्यालय के समीप आयोजित इस कार्यक्रम में श्रद्धालुओं और अन्य उपस्थित लोगों को प्रसाद वितरित किया गया। धार्मिक अवसर पर आयोजित इस सेवा कार्यक्रम ने समाज में सहयोग और सद्भाव की भावना को आगे बढ़ाने का संदेश दिया।

पुलिस उपायुक्त अतुल श्रीवास्तव और डॉ. अर्चना सिंह रहे मौजूद

इस आयोजन में पुलिस उपायुक्त सेंट्रल श्री अतुल श्रीवास्तव और अपर पुलिस उपायुक्त सेंट्रल डॉ. अर्चना सिंह ने सहभागिता की। दोनों अधिकारियों ने भंडारे के आयोजन में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरण की प्रक्रिया में भाग लिया।

इसके अतिरिक्त सहायक पुलिस आयुक्त स्वरूपनगर श्री मंजय सिंह तथा एसीपी सीसामऊ श्री आनंद कुमार ओझा भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की सहभागिता से आयोजन का महत्व और बढ़ गया। इस अवसर पर पुलिस अधिकारियों ने धार्मिक पर्व के दौरान सेवा और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को प्रोत्साहित करने में भागीदारी निभाई।

सेवा और समर्पण का दिया संदेश

नवरात्रि जैसे धार्मिक पर्व केवल पूजा-अर्चना तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ये समाज में सेवा, सहयोग, करुणा और आपसी सद्भाव को मजबूत करने का अवसर भी प्रदान करते हैं। भंडारे के माध्यम से लोगों को प्रसाद वितरित करना इसी भावना का प्रतीक माना जाता है।

कानपुर नगर में आयोजित इस कार्यक्रम के जरिए धार्मिक आस्था और सामाजिक सेवा के बीच समन्वय का संदेश दिया गया। ऐसे आयोजन लोगों को एक-दूसरे के करीब लाने और सामाजिक एकता को बढ़ावा देने में सहायक हो सकते हैं। इसके साथ ही, धार्मिक अवसरों पर जरूरतमंदों और श्रद्धालुओं की सेवा करने की परंपरा को भी प्रोत्साहन मिलता है।

सामाजिक सद्भाव को प्रोत्साहित करने की पहल

पुलिस विभाग की भूमिका कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ समुदाय के साथ बेहतर संवाद स्थापित करने की भी होती है। सामाजिक और धार्मिक अवसरों पर पुलिस अधिकारियों की सहभागिता जनसंपर्क को मजबूत करने तथा नागरिकों के बीच सहयोग की भावना विकसित करने में सहायक हो सकती है।

इसी क्रम में स्वरूपनगर क्षेत्र में आयोजित भंडारा धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक सहभागिता का उदाहरण बना। कार्यक्रम में पुलिस अधिकारियों की उपस्थिति ने यह संदेश दिया कि सामाजिक सद्भाव और जनसेवा सामुदायिक जीवन के महत्वपूर्ण अंग हैं।

हालांकि, इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य नवरात्रि की नवमी तिथि पर श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित करना और सेवा की भावना को प्रोत्साहित करना रहा। इस प्रकार धार्मिक पर्व के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम ने समर्पण, सहयोग और भाईचारे के मूल्यों को रेखांकित किया।

नवरात्रि के समापन अवसर पर सेवा भावना का महत्व

नवरात्रि की नवमी तिथि को विशेष धार्मिक महत्व प्राप्त है। इस दिन श्रद्धालु मां दुर्गा की पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि और कल्याण की कामना करते हैं। कई स्थानों पर कन्या पूजन, हवन, भंडारे और प्रसाद वितरण के माध्यम से पर्व मनाया जाता है।

कानपुर नगर में डीसीपी कार्यालय के समीप आयोजित भंडारा भी इसी धार्मिक परंपरा का हिस्सा रहा। पुलिस उपायुक्त सेंट्रल अतुल श्रीवास्तव, अपर पुलिस उपायुक्त सेंट्रल डॉ. अर्चना सिंह, सहायक पुलिस आयुक्त स्वरूपनगर मंजय सिंह और एसीपी सीसामऊ आनंद कुमार ओझा की सहभागिता इस कार्यक्रम का प्रमुख पक्ष रही।

कुल मिलाकर, नवरात्रि की नवमी पर आयोजित इस भंडारे ने सेवा, समर्पण और सामाजिक सद्भाव का संदेश दिया। श्रद्धालुओं और उपस्थित लोगों को प्रसाद वितरित कर धार्मिक पर्व की भावना को साझा किया गया। इस तरह कानपुर नगर में आयोजित कार्यक्रम ने जनसेवा और आपसी सहयोग के महत्व को रेखांकित किया।