मुरादाबाद: मेधावी छात्रा उदिति शर्मा बनीं एक दिन की थाना प्रभारी, संभाली जनसुनवाई और यातायात व्यवस्था की कमान
रिपोर्ट -मो. अरशद
मुरादाबाद: उत्तर प्रदेश में महिलाओं और बालिकाओं को सशक्त बनाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे मिशन शक्ति अभियान के तहत मुरादाबाद के कुन्दरकी थाने में एक प्रेरणादायक पहल देखने को मिली। यहां हाईस्कूल बोर्ड परीक्षा में शानदार प्रदर्शन करने वाली मेधावी छात्रा उदिति शर्मा को एक दिन के लिए थाना प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी गई। इस दौरान उदिति ने न केवल जनसुनवाई की, बल्कि थाना परिसर का निरीक्षण कर पुलिस की कार्यप्रणाली को भी करीब से समझा। इसके साथ ही उन्होंने यातायात नियमों के प्रति लोगों को जागरूक करते हुए अपनी नेतृत्व क्षमता का परिचय दिया।
पुलिस की जिम्मेदारी संभालने का यह अवसर उदिति शर्मा के लिए खास रहा। एक दिन की थाना प्रभारी के रूप में उन्होंने जिस आत्मविश्वास और गंभीरता के साथ अपनी भूमिका निभाई, वह अन्य छात्राओं के लिए भी प्रेरणादायक है। इस पहल के माध्यम से बालिकाओं को यह समझने का अवसर मिला कि प्रशासनिक जिम्मेदारियां किस प्रकार निभाई जाती हैं और समाज में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस किस तरह कार्य करती है।
हाईस्कूल परीक्षा में शानदार प्रदर्शन कर बढ़ाया जिले का मान
उदिति शर्मा ने वर्ष 2026 की हाईस्कूल बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए मुरादाबाद जिले में नौवां स्थान प्राप्त किया था। इसके अलावा उन्होंने जिले के राजकीय विद्यालयों में प्रथम स्थान हासिल किया। वहीं, उत्तर प्रदेश के राजकीय विद्यालयों की सूची में छठा स्थान प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया।
उनकी इस उपलब्धि ने न केवल परिवार और विद्यालय का गौरव बढ़ाया, बल्कि अन्य विद्यार्थियों को भी मेहनत और लगन के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। इसी प्रतिभा और उपलब्धि को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से मिशन शक्ति फेज-6.0 के अंतर्गत उन्हें एक दिन के लिए थाना प्रभारी की जिम्मेदारी निभाने का अवसर प्रदान किया गया।
यह पहल केवल सम्मान तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसके माध्यम से छात्रा को नेतृत्व, निर्णय लेने की क्षमता और जनसेवा की जिम्मेदारियों को समझने का व्यावहारिक अनुभव भी मिला।
जनसुनवाई कर शिकायतों के निस्तारण के दिए निर्देश
एक दिवसीय थाना प्रभारी की भूमिका संभालने के बाद उदिति शर्मा ने थाने में पहुंचने वाले फरियादियों की शिकायतें सुनीं। उन्होंने शिकायतकर्ताओं की समस्याओं को समझा और संबंधित पुलिसकर्मियों को प्रार्थना-पत्रों के निस्तारण के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
जनसुनवाई के इस अनुभव से छात्रा को यह समझने का अवसर मिला कि आम नागरिकों की समस्याओं को सुनना, उनकी बातों को गंभीरता से लेना और नियमानुसार समाधान की दिशा में कार्रवाई करना पुलिस की जिम्मेदारियों का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
इसके साथ ही उन्होंने थाने में आने वाले लोगों के प्रति संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के महत्व को भी समझा। इस तरह मिशन शक्ति की यह गतिविधि बालिकाओं को केवल अधिकारों के प्रति जागरूक करने तक सीमित नहीं रही, बल्कि उन्हें प्रशासनिक व्यवस्था और जनसेवा से जोड़ने का भी माध्यम बनी।
मिशन शक्ति कार्यालय से मालखाने तक किया निरीक्षण
जनसुनवाई के बाद उदिति शर्मा ने कुन्दरकी थाने के विभिन्न हिस्सों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मिशन शक्ति कार्यालय, मालखाना, हवालात, महिला बैरक, भोजनालय और थाना परिसर का जायजा लिया। साथ ही संबंधित अभिलेखों का अवलोकन कर पुलिस व्यवस्था से जुड़ी प्रक्रियाओं को समझा।
थाने के अलग-अलग विभागों का निरीक्षण करने से उन्हें पुलिसकर्मियों के कार्यों, अभिलेखों के रखरखाव और थाने के दैनिक संचालन के बारे में जानकारी मिली। इसके अलावा महिला सुरक्षा से संबंधित व्यवस्थाओं को समझने का अवसर भी प्राप्त हुआ।
पुलिस व्यवस्था से प्रत्यक्ष रूप से परिचित कराने का यह प्रयास छात्राओं में प्रशासनिक संस्थाओं के प्रति समझ विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा सकता है। इससे उन्हें यह जानने में मदद मिलती है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस को किस प्रकार की जिम्मेदारियां निभानी पड़ती हैं।
गूलर तिराहे पर वाहन चालकों को किया जागरूक
थाने के निरीक्षण के बाद उदिति शर्मा ने यातायात जागरूकता की कमान भी संभाली। वह कुन्दरकी कस्बे के गूलर तिराहे पर पहुंचीं, जहां उन्होंने वाहन चालकों को यातायात नियमों का पालन करने के लिए जागरूक किया।
उन्होंने दोपहिया वाहन चालकों को हेलमेट पहनने और चारपहिया वाहन चालकों को सीट बेल्ट लगाने का संदेश दिया। इसके साथ ही निर्धारित गति सीमा में वाहन चलाने और सड़क पर यातायात नियमों का पालन करने की अपील की।
उदिति ने लोगों को समझाया कि यातायात नियमों का पालन करना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। हेलमेट और सीट बेल्ट का उपयोग सुरक्षित यात्रा के लिए महत्वपूर्ण है। वहीं, निर्धारित गति सीमा में वाहन चलाने से सड़क पर अनुशासन बनाए रखने में मदद मिलती है।
इस गतिविधि के माध्यम से छात्रा ने सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया। साथ ही यह संदेश भी दिया कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए युवा पीढ़ी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
बाजार में पैदल गश्त कर स्वच्छता और व्यवस्था का दिया संदेश
यातायात जागरूकता अभियान के बाद उदिति शर्मा ने कस्बे के बाजार में पैदल गश्त की। इस दौरान उन्होंने दुकानदारों से साफ-सफाई बनाए रखने और दुकानों के सामने अनावश्यक रूप से वाहन खड़े न करने की अपील की।
बाजार में वाहनों की अनियंत्रित पार्किंग से आवागमन प्रभावित हो सकता है। ऐसे में दुकानदारों और आम नागरिकों का सहयोग जरूरी है, ताकि बाजार में आने-जाने वाले लोगों को असुविधा का सामना न करना पड़े।
इसके अलावा साफ-सफाई बनाए रखने से बाजार का वातावरण बेहतर होता है और नागरिकों को स्वच्छ परिवेश मिलता है। उदिति की इस पहल ने कानून-व्यवस्था के साथ-साथ नागरिक जिम्मेदारियों के महत्व को भी रेखांकित किया।
मिशन शक्ति फेज-6.0 का उद्देश्य बालिकाओं को बनाना सशक्त
इस कार्यक्रम के दौरान उदिति शर्मा के पिता संजय शर्मा, राजकीय हाईस्कूल हुसैनपुर छिरावली की प्रधानाचार्या बबीता मल्होत्रा और किसान पब्लिक इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य मुताहिर अली खान भी मौजूद रहे।
मिशन शक्ति फेज-6.0 का प्रमुख उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं में सुरक्षा, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता तथा आत्मनिर्भरता की भावना को प्रोत्साहित करना है। इस प्रकार की गतिविधियों के माध्यम से छात्राओं को अपनी क्षमता पहचानने और विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ने का अवसर मिलता है।
किसी छात्रा को एक दिन के लिए थाना प्रभारी की भूमिका देना उसे प्रशासनिक जिम्मेदारियों से परिचित कराने का एक व्यावहारिक तरीका है। इससे बालिकाओं में पुलिस और प्रशासन के प्रति समझ बढ़ सकती है तथा वे अपनी समस्याओं और अधिकारों को लेकर अधिक जागरूक हो सकती हैं।
उदिति शर्मा का यह अनुभव इस बात का उदाहरण है कि शिक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के लिए रचनात्मक पहल कितनी उपयोगी हो सकती है। उनकी उपलब्धि और आत्मविश्वास दूसरी छात्राओं को भी अपने लक्ष्य निर्धारित करने और उन्हें हासिल करने के लिए प्रेरित कर सकता है।
कुल मिलाकर, कुन्दरकी थाने में आयोजित यह पहल शिक्षा, महिला सशक्तीकरण और जनजागरूकता का अच्छा उदाहरण बनी। उदिति शर्मा ने एक दिन की थाना प्रभारी के रूप में जनसुनवाई, निरीक्षण और यातायात जागरूकता जैसी गतिविधियों में भाग लेकर यह संदेश दिया कि बेटियां अवसर मिलने पर जिम्मेदारियों का निर्वहन करने के साथ समाज को सकारात्मक दिशा देने में भी योगदान कर सकती हैं।

