धाता में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन को लेकर पुलिस अलर्ट, 97 प्रतिमाओं के विसर्जन का अनुमान
रिपोर्ट – अशोक सिंह
धाता। उत्तर प्रदेश के धाता थाना क्षेत्र में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन को लेकर पुलिस प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। धार्मिक आयोजन को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है। इस बार थाना क्षेत्र में करीब 97 दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन का अनुमान लगाया जा रहा है। ऐसे में विसर्जन स्थलों से लेकर प्रमुख मार्गों तक सुरक्षा और यातायात व्यवस्था बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
पुलिस प्रशासन ने श्रद्धालुओं और दुर्गा पूजा समितियों से अपील की है कि वे निर्धारित स्थानों पर ही प्रतिमाओं का विसर्जन करें। इसके साथ ही सभी लोग प्रशासन के निर्देशों का पालन करते हुए धार्मिक आयोजन को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने में सहयोग करें।
दामपुर में विसर्जन की तैयारी, जेसीबी से खुदवाया गया गड्ढा
दुर्गा प्रतिमा विसर्जन की तैयारियों के तहत रविवार को दामपुर स्थित यमुना नदी के रेतीले क्षेत्र में जेसीबी की मदद से गड्ढा खुदवाया गया। इसका उद्देश्य निर्धारित व्यवस्था के अनुसार प्रतिमाओं के विसर्जन की व्यवस्था करना है। पुलिस प्रशासन विसर्जन के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था से बचने के लिए पहले से आवश्यक इंतजाम करने में जुटा है।
दरअसल, प्रतिमा विसर्जन के दौरान श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ जाती है। विभिन्न गांवों से निकलने वाले जुलूसों के कारण प्रमुख मार्गों पर भीड़ की स्थिति बन सकती है। इसलिए पुलिस प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ यातायात को सुचारु बनाए रखने की योजना पर भी काम कर रहा है।
गांवों में अलग-अलग स्तर पर हो रही विसर्जन की तैयारी
धाता थाना क्षेत्र के विभिन्न गांवों में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन को लेकर अलग-अलग व्यवस्थाएं की जा रही हैं। कुछ प्रतिमाओं का विसर्जन हेनौता स्थित यमुना नहर में किए जाने की चर्चा है, जबकि अधिकांश गांवों के लोगों ने अपने-अपने गांव के तालाबों में प्रतिमाओं के विसर्जन की तैयारी की है।
वहीं, मंगलवार का दिन पड़ने के कारण कुछ श्रद्धालु अगले दिन प्रतिमा विसर्जन करने की योजना बना रहे हैं। ऐसे में विसर्जन की तिथि और स्थान को लेकर पूजा समितियों को स्थानीय प्रशासन के निर्देशों के अनुरूप ही आगे बढ़ने की जरूरत है।
प्रशासन का प्रयास है कि सभी प्रतिमाओं का विसर्जन निर्धारित व्यवस्था के अनुसार हो, ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। इसके लिए पूजा समितियों और स्थानीय लोगों के बीच समन्वय बनाए रखना भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
यमुना नदी में प्रतिमा विसर्जन की अनुमति नहीं
धाता के थानाध्यक्ष अभिलाष तिवारी ने स्पष्ट किया है कि यमुना नदी में दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन की अनुमति नहीं होगी। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे निर्धारित विसर्जन स्थलों का ही उपयोग करें और किसी भी स्थिति में प्रशासन के निर्देशों की अनदेखी न करें।
पुलिस प्रशासन की ओर से यह भी सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है कि विसर्जन के दौरान नदी और अन्य जल क्षेत्रों के आसपास सुरक्षा बनी रहे। श्रद्धालुओं को चाहिए कि वे बिना अनुमति किसी जल क्षेत्र में प्रवेश न करें और विसर्जन के लिए तय स्थानों पर ही पहुंचें।
इसके अलावा, प्रतिमा विसर्जन के लिए निकलने वाले जुलूसों को ध्यान में रखते हुए संबंधित मार्गों पर बड़े वाहनों का आवागमन रोका जाएगा। इससे जुलूसों के दौरान यातायात का दबाव कम करने और संभावित दुर्घटनाओं की आशंका को घटाने में मदद मिलेगी। हालांकि, यातायात संबंधी व्यवस्थाएं स्थानीय प्रशासन के निर्देशों के अनुसार लागू की जाएंगी।
विसर्जन स्थलों और प्रमुख मार्गों पर तैनात रहेंगे पुलिसकर्मी
सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन विसर्जन स्थलों और प्रमुख मार्गों पर पुलिसकर्मियों की तैनाती करेगा। पुलिस की प्राथमिकता रहेगी कि प्रतिमा विसर्जन के दौरान श्रद्धालुओं को सुरक्षित वातावरण मिले और किसी भी प्रकार की अव्यवस्था उत्पन्न न हो।
थानाध्यक्ष अभिलाष तिवारी ने श्रद्धालुओं से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि विसर्जन के दौरान भीड़भाड़ वाले स्थानों पर सतर्क रहें और गहरे पानी में जाने से बचें। इसके साथ ही बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें तथा जुलूस के दौरान सुरक्षा संबंधी निर्देशों का पालन करें।
वहीं, पूजा समितियों से भी अपेक्षा की गई है कि वे अपने सदस्यों और श्रद्धालुओं को निर्धारित व्यवस्था की जानकारी दें। इससे विसर्जन के दौरान अनावश्यक भीड़, यातायात संबंधी परेशानी और सुरक्षा जोखिमों को कम करने में सहायता मिल सकती है।
शांतिपूर्ण विसर्जन के लिए प्रशासन ने मांगा सहयोग
पुलिस प्रशासन ने सभी दुर्गा पूजा समितियों और श्रद्धालुओं से आपसी सहयोग बनाए रखने की अपील की है। प्रशासन का कहना है कि धार्मिक आयोजनों को सफल बनाने में आम नागरिकों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। इसलिए सभी लोग संयम बनाए रखें और किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान देने के बजाय आधिकारिक निर्देशों का पालन करें।
इसके अलावा, विसर्जन के दौरान किसी समस्या की स्थिति उत्पन्न होने पर संबंधित पुलिसकर्मियों को तत्काल जानकारी देने की सलाह दी गई है। निर्धारित स्थानों का उपयोग करने, यातायात व्यवस्था में सहयोग करने और सुरक्षा नियमों का पालन करने से आयोजन को अधिक व्यवस्थित बनाया जा सकता है।
कुल मिलाकर, धाता थाना क्षेत्र में करीब 97 दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर तैयारी की है। अब प्रशासन की कोशिश है कि श्रद्धालु धार्मिक आस्था के साथ मां दुर्गा को विदाई दें और पूरा आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो। इसके लिए पुलिस, पूजा समितियों और स्थानीय नागरिकों के बीच समन्वय बेहद जरूरी रहेगा।

