लखीमपुर खीरी में 192 जोड़ों ने थामा एक-दूजे का हाथ, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत हुआ आयोजन

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रिपोर्ट – शरद अवस्थी

लखीमपुर खीरी। उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत आयोजित समारोह में 192 जोड़े विवाह बंधन में बंधे। जिला मुख्यालय स्थित डीएस कॉलेज में सोमवार को आयोजित इस कार्यक्रम में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हिंदू जोड़ों ने सात फेरे लेकर नई जिंदगी की शुरुआत की, जबकि नौ मुस्लिम जोड़ों का निकाह भी संपन्न कराया गया। शहनाई की गूंज, सजे हुए मंडप और परिजनों की मौजूदगी ने पूरे समारोह को खुशियों से भर दिया।

इस आयोजन का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को बेटियों के विवाह में सहयोग देना और समाज में सामाजिक समरसता की भावना को मजबूत करना रहा। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने नवदंपतियों को सुखद, समृद्ध एवं खुशहाल वैवाहिक जीवन की शुभकामनाएं दीं।

दीप प्रज्वलित कर किया समारोह का शुभारंभ

मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ विधायक योगेश वर्मा, मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) योगानंद पाण्डेय और विकासखंड लखीमपुर की प्रशासक दिव्या सिंह ने दीप प्रज्वलित कर किया। इसके बाद विवाह की रस्में विधि-विधान के साथ संपन्न कराई गईं।

समारोह में अलग-अलग समुदायों के जोड़ों ने अपने रीति-रिवाजों के अनुसार वैवाहिक जीवन की शुरुआत की। वहीं, कार्यक्रम में मौजूद परिजनों और अतिथियों ने नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद दिया। प्रशासन की ओर से आयोजन को व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की गईं।

इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि विवाह केवल दो व्यक्तियों का संबंध नहीं, बल्कि दो परिवारों के बीच नए रिश्ते की शुरुआत भी है। ऐसे में सामूहिक विवाह जैसे आयोजन जरूरतमंद परिवारों की सहायता करने के साथ सामाजिक सहयोग और सद्भाव का संदेश भी देते हैं।

जरूरतमंद परिवारों के लिए सहारा बनी योजना: विधायक योगेश वर्मा

समारोह को संबोधित करते हुए विधायक योगेश वर्मा ने मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना को आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए महत्वपूर्ण सहारा बताया। उन्होंने कहा कि कई परिवार आर्थिक परिस्थितियों के कारण अपनी बेटियों के विवाह की तैयारियों में कठिनाइयों का सामना करते हैं। ऐसे में सरकार की यह योजना उन्हें सहयोग प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

विधायक ने कहा कि योजना के माध्यम से बेटियों के विवाह की जिम्मेदारी में सरकार सहभागी बन रही है। इससे पात्र परिवारों को आर्थिक संबल मिलता है और वे सम्मानपूर्वक विवाह समारोह संपन्न करा सकते हैं।

उन्होंने नवदंपतियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वैवाहिक जीवन की सफलता आपसी विश्वास, प्रेम, समझ और सहयोग पर निर्भर करती है। इसलिए सभी जोड़ों को एक-दूसरे का सम्मान करते हुए अपने परिवार को आगे बढ़ाना चाहिए।

इसके साथ ही उन्होंने अधिकारियों और संबंधित विभागों से अपील की कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने के लिए प्रभावी प्रयास किए जाएं। उन्होंने कहा कि योजनाओं का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब जरूरतमंद परिवारों को समय पर उनका लाभ मिले।

सामाजिक समरसता और समानता का संदेश देता है सामूहिक विवाह

मुख्य विकास अधिकारी योगानंद पाण्डेय ने कहा कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना समाज के कमजोर वर्गों को सहयोग देने के साथ सामाजिक समरसता और समानता की भावना को भी मजबूत करती है।

उन्होंने कहा कि सामूहिक विवाह समारोह विभिन्न समुदायों के लोगों को एक मंच पर लाते हैं। इससे आपसी सद्भाव, सहयोग और सामाजिक एकता का संदेश मिलता है। इस प्रकार के आयोजन समाज में सकारात्मक वातावरण तैयार करने में भी सहायक होते हैं।

सीडीओ ने नवदंपतियों को सुखद दांपत्य जीवन की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे अपने जीवन की नई शुरुआत सकारात्मक सोच, आपसी समझ और पारिवारिक मूल्यों के साथ करें। उन्होंने कहा कि परिवार में विश्वास और एक-दूसरे के प्रति सम्मान बनाए रखना खुशहाल जीवन के लिए आवश्यक है।

इसके अलावा, उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना का लाभ पात्र परिवारों तक पहुंचाने के लिए संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ कार्य किया जाए। उन्होंने योजना के क्रियान्वयन में पात्रता और निर्धारित प्रक्रियाओं का ध्यान रखने पर भी जोर दिया।

लखीमपुर ब्लॉक के 109 जोड़ों का हुआ विवाह

डीएस कॉलेज में आयोजित इस सामूहिक विवाह समारोह में जिले के विभिन्न विकासखंडों और स्थानीय निकायों से आए कुल 192 जोड़े शामिल हुए। प्रशासन की ओर से जारी विवरण के अनुसार, विकासखंड लखीमपुर के सर्वाधिक 109 जोड़ों का विवाह संपन्न कराया गया।

इसके अतिरिक्त विकासखंड नकहा के 66 जोड़े, नगर पालिका परिषद लखीमपुर के 14 जोड़े और नगर पंचायत खीरी टाउन के तीन जोड़े वैवाहिक बंधन में बंधे। इस तरह सभी स्थानों को मिलाकर कुल 192 जोड़ों ने अपने नए जीवन की शुरुआत की।

कार्यक्रम का पर्यवेक्षण निदेशालय की ओर से नामित पर्यवेक्षक एवं जिला समाज कल्याण अधिकारी (विकास), हरदोई ने किया। इस व्यवस्था का उद्देश्य आयोजन की प्रक्रिया पर निगरानी रखना और कार्यक्रम को निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार संपन्न कराना था।

बेटियों के विवाह में सहयोग देना योजना का प्रमुख उद्देश्य

कार्यक्रम की संयोजक जिला समाज कल्याण अधिकारी वंदना सिंह ने मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इस योजना का प्रमुख उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों के विवाह में सहायता करना और समाज में सामाजिक समरसता को बढ़ावा देना है।

उन्होंने बताया कि योजना के अंतर्गत पात्र परिवारों को निर्धारित प्रावधानों के अनुसार विवाह के अवसर पर सरकारी सहायता उपलब्ध कराई जाती है। इससे परिवारों को विवाह संबंधी जिम्मेदारियों को पूरा करने में सहयोग मिलता है।

वंदना सिंह के अनुसार, ऐसे आयोजन जरूरतमंद परिवारों को राहत देने के साथ समाज में समानता और सामूहिक सहभागिता की भावना को भी प्रोत्साहित करते हैं। योजना का लाभ अधिक से अधिक पात्र परिवारों तक पहुंचाने के लिए संबंधित विभाग की ओर से प्रयास किए जाते हैं।

192 जोड़ों के नए जीवन की शुरुआत

लखीमपुर खीरी के डीएस कॉलेज में आयोजित मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह समारोह 192 जोड़ों के लिए यादगार अवसर बना। वैदिक विवाह और निकाह की रस्मों के माध्यम से अलग-अलग समुदायों के नवदंपतियों ने अपने वैवाहिक जीवन की शुरुआत की।

कुल मिलाकर, यह आयोजन आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को सहयोग देने और सामाजिक सद्भाव को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आया। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने उम्मीद जताई कि नवदंपति आपसी प्रेम, विश्वास और सहयोग के साथ अपने जीवन को खुशहाल बनाएंगे। वहीं, योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से जरूरतमंद परिवारों को आगे भी लाभ मिलने की उम्मीद है।