घाटमपुर में दलदल भरे तालाब में डूबने से बुजुर्ग की मौत, 36 घंटे बाद मिला शव

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रिपोर्ट- शुभम साहू

घाटमपुर, कानपुर नगर। उत्तर प्रदेश के कानपुर नगर जिले के घाटमपुर कस्बे के गांधी नगर मोहल्ले में दलदल भरे तालाब में डूबने से एक बुजुर्ग की मौत हो गई। मृतक की पहचान गांधी नगर निवासी सत्यनारायण के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि बुजुर्ग पहली बार तालाब में गिरने पर स्थानीय लोगों की मदद से बच गए थे, लेकिन कुछ घंटे बाद दोबारा उसी तालाब में गिरने से यह हादसा हो गया। सूचना मिलने के बाद पुलिस और बचाव दल ने तलाश अभियान चलाया। करीब 36 घंटे की मशक्कत के बाद बुजुर्ग का शव तालाब से बाहर निकाला जा सका। घटना के बाद मोहल्ले में शोक का माहौल है।

रिपोर्टर: शुभम साहू, घाटमपुर

पहली बार तालाब में गिरने पर स्थानीय लोगों ने बचाई जान

जानकारी के अनुसार, घाटमपुर कस्बे के गांधी नगर मोहल्ले में रहने वाले सत्यनारायण बीते दिनों अपने घर के पास स्थित दलदल भरे तालाब में गिर गए थे। बताया जा रहा है कि उस समय वह नशे की हालत में थे। उन्हें तालाब में गिरता देखकर आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत मदद के लिए प्रयास शुरू कर दिए।

मोहल्ले के निवासी अनिल कुमार और दिनेश कुमार ने तत्परता दिखाते हुए बुजुर्ग को तालाब से बाहर निकाल लिया था। स्थानीय लोगों की इस कोशिश से पहली घटना के दौरान उनकी जान बच गई थी। इसके बाद लोगों ने राहत की सांस ली और उम्मीद जताई कि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा नहीं होगी।

हालांकि, पहली घटना के कुछ ही घंटे बाद हादसे ने फिर गंभीर रूप ले लिया।

कुछ घंटे बाद दोबारा तालाब में गिरने से हुआ हादसा

बताया जा रहा है कि सत्यनारायण कुछ समय बाद फिर उसी तालाब में गिर गए। इस बार स्थिति गंभीर हो गई। घटना की जानकारी मिलने पर परिजनों ने स्थानीय पुलिस को सूचना दी। इसके बाद पुलिस को मामले से अवगत कराया गया और बुजुर्ग की तलाश के लिए बचाव अभियान शुरू किया गया।

तालाब में पानी के साथ दलदल भी मौजूद था। इस कारण तलाशी अभियान में बचाव दल को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। दलदल की गहराई और परिस्थितियों के कारण बुजुर्ग को तलाशना आसान नहीं था। शुरुआती प्रयासों के बावजूद उनका पता नहीं चल सका।

इसके बाद भी तलाश अभियान जारी रखा गया। परिजन और स्थानीय लोग बुजुर्ग के सुरक्षित मिलने की उम्मीद लगाए रहे, लेकिन लंबी मशक्कत के बाद भी उन्हें बचाया नहीं जा सका।

36 घंटे की मशक्कत के बाद तालाब से निकाला गया शव

बुजुर्ग की तलाश में लगातार प्रयास किए गए। आखिरकार करीब 36 घंटे की मशक्कत के बाद सत्यनारायण का शव तालाब से बाहर निकाला गया। शव बरामद होने की सूचना मिलते ही परिजनों में शोक छा गया। वहीं, घटना की जानकारी मिलने के बाद आसपास के लोगों में भी दुख का माहौल बन गया।

पहली बार तालाब में गिरने पर स्थानीय लोगों द्वारा बचाए जाने के बाद दोबारा उसी स्थान पर ऐसी घटना होना मोहल्ले के लोगों को झकझोर गया। स्थानीय लोगों के अनुसार, घर के पास मौजूद तालाब में दलदल होने के कारण वहां खतरा बना रहता है। ऐसे स्थानों पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम होना जरूरी है, ताकि किसी अन्य व्यक्ति के साथ इस तरह का हादसा न हो।

पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा

शव बरामद होने के बाद पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की। पंचनामा भरने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। पुलिस मामले की जांच-पड़ताल में जुटी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर घटना से संबंधित अन्य तथ्यों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

फिलहाल, बुजुर्ग की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। वहीं, मोहल्ले के लोगों ने भी घटना पर दुख व्यक्त किया है।

दलदल भरे तालाब के आसपास सुरक्षा की मांग

गांधी नगर मोहल्ले में हुई इस घटना के बाद स्थानीय स्तर पर तालाब के आसपास सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। लोगों का मानना है कि आबादी के नजदीक स्थित तालाबों के आसपास सुरक्षा के उचित इंतजाम किए जाने चाहिए।

विशेष रूप से, जहां तालाब में गहरा पानी या दलदल हो, वहां चेतावनी बोर्ड लगाने, खतरनाक हिस्सों की घेराबंदी करने और लोगों की आवाजाही को सुरक्षित बनाने जैसे कदम उठाए जा सकते हैं। इसके साथ ही, स्थानीय प्रशासन को ऐसे स्थानों का निरीक्षण कर आवश्यक सुरक्षा उपायों पर ध्यान देना चाहिए।

इस बात की ओर भी ध्यान दिलाती है कि खुले जलाशयों के आसपास सावधानी बरतना कितना जरूरी है। समय रहते सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जाए तो इस तरह की दुर्घटनाओं की आशंका को कम करने में मदद मिल सकती है।