मां कालिका के दर्शन के बाद सीएमओ ने किया सीएचसी संग्रामपुर का निरीक्षण, मरीजों से लिया फीडबैक
रिपोर्ट – अंजनी मिश्रा
अमेठी: शारदीय नवरात्रि की नवमी के अवसर पर अमेठी के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. अंशुमान सिंह ने संग्रामपुर स्थित प्रसिद्ध मां कालिकन धाम पहुंचकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना और हवन किया। इसके बाद उन्होंने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) संग्रामपुर का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अस्पताल में उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं, साफ-सफाई, दवाओं की उपलब्धता और मरीजों को दिए जा रहे उपचार की स्थिति का जायजा लिया। साथ ही, मरीजों और उनके तीमारदारों से सीधे बातचीत कर स्वास्थ्य सेवाओं के संबंध में फीडबैक भी प्राप्त किया।
सीएमओ के इस निरीक्षण का उद्देश्य अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं की स्थिति का आकलन करना और मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करना रहा।
मां कालिकन धाम में की पूजा-अर्चना और हवन
शारदीय नवरात्रि की नवमी पर सोमवार को डॉ. अंशुमान सिंह संग्रामपुर स्थित प्रसिद्ध मां कालिकन धाम पहुंचे। यहां उन्होंने मां कालिका के दर्शन किए और विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। इसके साथ ही उन्होंने हवन में भी भाग लिया। नवरात्रि के अंतिम दिनों में मंदिरों में श्रद्धालुओं की आवाजाही के बीच धार्मिक स्थलों पर विशेष आयोजन किए जाते हैं।
धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होने के बाद सीएमओ ने अपने विभागीय दायित्वों का निर्वहन करते हुए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र संग्रामपुर का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अस्पताल की व्यवस्थाओं को करीब से देखा और संबंधित स्वास्थ्यकर्मियों से विभिन्न सुविधाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की।
अस्पताल की साफ-सफाई और व्यवस्थाओं का लिया जायजा
सीएचसी संग्रामपुर पहुंचने पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने अस्पताल परिसर और मरीजों के उपचार से संबंधित व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने साफ-सफाई की स्थिति पर विशेष ध्यान दिया। अस्पताल में स्वच्छ वातावरण बनाए रखना मरीजों और स्वास्थ्यकर्मियों, दोनों के लिए महत्वपूर्ण है। इसलिए स्वास्थ्य केंद्र में नियमित सफाई और व्यवस्थित रखरखाव की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
इसके अलावा, सीएमओ ने अस्पताल में दवाओं की उपलब्धता की जानकारी ली। उन्होंने यह भी देखा कि मरीजों को मिलने वाली आवश्यक सुविधाएं व्यवस्थित रूप से उपलब्ध हैं या नहीं। सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में आने वाले मरीजों के लिए दवाओं और उपचार संबंधी सुविधाओं की उपलब्धता बेहद महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में इन व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा से स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।
निरीक्षण के दौरान बेड पर बिछाई गई चादरों की स्वच्छता भी जांची गई। अस्पताल में साफ चादरें, स्वच्छ वार्ड और व्यवस्थित वातावरण मरीजों को बेहतर अनुभव देने के साथ-साथ संक्रमण से बचाव की दृष्टि से भी अहम हैं। इसी क्रम में सीएमओ ने निःशुल्क स्वास्थ्य सुविधाओं के बारे में भी जानकारी ली।
मरीजों और तीमारदारों से सीधे बातचीत कर लिया फीडबैक
निरीक्षण का महत्वपूर्ण हिस्सा मरीजों और उनके तीमारदारों से बातचीत करना रहा। डॉ. अंशुमान सिंह ने अस्पताल में उपचार करा रहे मरीजों से स्वास्थ्य सेवाओं के संबंध में जानकारी ली और उनका फीडबैक प्राप्त किया। इस तरह सीधे संवाद के माध्यम से अस्पताल में मिलने वाली सुविधाओं, उपचार की प्रक्रिया और मरीजों के अनुभवों को समझने का अवसर मिलता है।
मरीजों से फीडबैक लेना स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता का आकलन करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। इससे संबंधित अधिकारियों को यह समझने में मदद मिलती है कि अस्पताल में कौन-सी व्यवस्थाएं ठीक प्रकार से संचालित हो रही हैं और किन क्षेत्रों में सुधार की जरूरत है।
सरकारी अस्पतालों में आने वाले मरीजों को समय पर उपचार, आवश्यक दवाएं और बेहतर व्यवहार उपलब्ध कराना स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख जिम्मेदारियों में शामिल है। ऐसे में औचक निरीक्षण और मरीजों से बातचीत के जरिए व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति का पता लगाने में सहायता मिलती है।
हरिशंकरी पौधों के रखरखाव के दिए निर्देश
अस्पताल की चिकित्सा सुविधाओं के निरीक्षण के साथ-साथ सीएमओ ने परिसर में पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी व्यवस्थाओं पर भी ध्यान दिया। उन्होंने अस्पताल परिसर में रोपे गए हरिशंकरी पौधों की स्थिति का जायजा लिया। इसके बाद संबंधित कर्मचारियों को पौधों की नियमित सिंचाई, छंटाई और उचित रखरखाव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
हरियाली से अस्पताल परिसर का वातावरण बेहतर बनाने में मदद मिलती है। हालांकि, पौधरोपण के साथ उनकी नियमित देखभाल भी जरूरी है, ताकि लगाए गए पौधे सुरक्षित रह सकें और उनका समुचित विकास हो सके। इसी उद्देश्य से सीएमओ ने पौधों की देखरेख को लेकर आवश्यक निर्देश दिए।
इसके अतिरिक्त, अस्पताल परिसर में अव्यवस्थित ढंग से खड़ी ट्रॉली को उचित स्थान पर रखने के लिए भी कहा गया। अस्पताल परिसर में सामान और उपकरणों का व्यवस्थित ढंग से रखा जाना जरूरी है, ताकि आवागमन में परेशानी न हो और परिसर साफ-सुथरा बना रहे।
निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्यकर्मी रहे मौजूद
सीएचसी संग्रामपुर के निरीक्षण के दौरान अस्पताल के प्रभारी डॉ. संतोष सिंह, डॉ. आरिफ इकबाल, एएनएम शीलू सिंह, फार्मासिस्ट बृजेन्द्र यादव, संजय पाठक, गौरव पाण्डेय, रीतेश कुमार और सचिन त्रिपाठी सहित अन्य स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी के निरीक्षण में अस्पताल की स्वच्छता, दवाओं की उपलब्धता, बेड की साफ-सफाई, निःशुल्क स्वास्थ्य सुविधाओं और परिसर के रखरखाव जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर ध्यान दिया गया। साथ ही, मरीजों से सीधे बातचीत कर उनके अनुभवों को जानने का प्रयास किया गया।
कुल मिलाकर, मां कालिकन धाम में पूजा-अर्चना के बाद सीएचसी संग्रामपुर का किया गया यह औचक निरीक्षण स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति का जायजा लेने और अस्पताल की व्यवस्थाओं को व्यवस्थित बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण रहा। अब अस्पताल में दिए गए निर्देशों के नियमित अनुपालन से साफ-सफाई, पौधों के रखरखाव और मरीजों को उपलब्ध सुविधाओं की गुणवत्ता बनाए रखने में मदद मिलने की उम्मीद है।

