बिजनौर में जंगली हाथियों का आतंक, 14 बीघा से अधिक गन्ने की फसल बर्बाद, किसानों की बढ़ी चिंता
रिपोर्ट – ताबिष मिर्ज़ा
बिजनौर। उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में जंगली हाथियों के झुंड ने किसानों की गन्ने की फसल को रौंदकर भारी नुकसान पहुंचाया है। जंगल से निकलकर खेतों में पहुंचे हाथियों ने किसानों की 14 बीघा से अधिक गन्ने की फसल बर्बाद कर दी। घटना के बाद से इलाके के किसानों में चिंता का माहौल है। वहीं, खेत में घुसे जंगली हाथियों का वीडियो भी किसानों ने अपने कैमरे में कैद किया है। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और नुकसान का जायजा लिया।
यह मामला थाना बढ़ापुर क्षेत्र के ग्राम इनायतपुर इलाके का बताया जा रहा है। यहां जंगली हाथियों की आवाजाही ने ग्रामीणों और किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। किसानों के अनुसार, हाथियों का झुंड जंगल से निकलकर खेतों में पहुंचा और वहां खड़ी गन्ने की फसल को पैरों तले रौंद दिया। इससे किसानों की महीनों की मेहनत पर पानी फिर गया।
जंगली हाथियों ने रौंदी किसानों की गन्ने की फसल
ग्रामीण क्षेत्रों में खेती-किसानी लोगों की आजीविका का प्रमुख साधन है। ऐसे में फसल को नुकसान पहुंचने से किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो सकता है। इनायतपुर इलाके में जंगली हाथियों के झुंड ने कई किसानों के खेतों में घुसकर गन्ने की फसल को नुकसान पहुंचाया। बताया गया है कि राजेश पाल, राजपाल सिंह, बलराज सिंह, राजेंद्र सिंह समेत अन्य किसानों की 14 बीघा से अधिक गन्ने की फसल बर्बाद हुई है।
गन्ने की खेती में किसानों को खेत तैयार करने से लेकर सिंचाई, खाद, निराई-गुड़ाई और फसल की देखभाल तक लगातार मेहनत करनी पड़ती है। इसके साथ ही खेती पर आर्थिक खर्च भी होता है। ऐसे में जब तैयार होती फसल को जंगली जानवर नुकसान पहुंचा देते हैं, तो किसानों की आमदनी पर सीधा असर पड़ता है।
इसी तरह इनायतपुर में हाथियों के झुंड द्वारा फसल रौंदे जाने से प्रभावित किसान परेशान हैं। उनके लिए यह केवल खेत में खड़ी फसल का नुकसान नहीं, बल्कि पूरे साल की मेहनत और खेती पर किए गए खर्च से जुड़ा मामला है।
बर्बाद फसल देखकर मायूस हुआ बुजुर्ग किसान
घटना के बाद सुबह जब एक बुजुर्ग किसान अपने खेत में पहुंचा और गन्ने की बर्बाद फसल देखी, तो वह मायूस होकर बैठ गया। खेत में रौंदी गई फसल को देखकर किसान की परेशानी साफ नजर आई। जिस फसल से उसे पूरे साल की मेहनत के बाद आमदनी मिलने की उम्मीद थी, उसे हाथियों के झुंड ने नुकसान पहुंचा दिया।
किसानों के लिए फसल की देखभाल करना आसान नहीं होता। मौसम की अनिश्चितता, खेती की बढ़ती लागत और सिंचाई जैसी चुनौतियों के बीच वे अपनी फसल तैयार करते हैं। ऐसे में जंगली हाथियों द्वारा खेतों में नुकसान पहुंचाने की घटनाएं उनकी चिंताओं को और बढ़ा देती हैं।
हालांकि, फसल को हुए नुकसान का वास्तविक आर्थिक आकलन संबंधित अधिकारियों की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। प्रभावित किसानों को उम्मीद है कि उनकी समस्या पर गंभीरता से ध्यान दिया जाएगा और नुकसान की भरपाई के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
किसानों ने कैमरे में कैद किया हाथियों का वीडियो
इनायतपुर इलाके में जंगली हाथियों के खेत में दाखिल होने का वीडियो भी किसानों ने अपने कैमरे में रिकॉर्ड किया है। इस वीडियो के सामने आने से क्षेत्र में हाथियों की आवाजाही को लेकर चर्चा बढ़ गई है। ग्रामीणों के मुताबिक, जंगल से निकलकर खेतों तक पहुंचने वाले हाथी किसानों के लिए चिंता का कारण बने हुए हैं।
हाथियों की मौजूदगी से न केवल फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका रहती है, बल्कि खेतों में काम करने वाले किसानों को भी सतर्क रहने की जरूरत होती है। खासकर सुबह और शाम के समय खेतों की ओर जाने वाले ग्रामीणों को जंगली जानवरों की गतिविधियों के प्रति सावधानी बरतनी चाहिए।
हालांकि, हाथियों की आवाजाही और फसल नुकसान की घटनाओं को रोकने के लिए वन विभाग की निगरानी तथा ग्रामीणों के साथ बेहतर समन्वय जरूरी है। समय रहते सूचना मिलने पर संबंधित टीमें प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर स्थिति का आकलन कर सकती हैं।
मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम
घटना की जानकारी मिलने के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और किसानों की बर्बाद हुई फसल का जायजा लिया। अब किसानों को नुकसान के आकलन और आगे की कार्रवाई को लेकर उम्मीद है। हालांकि, फसल नुकसान के मुआवजे के संबंध में किसी निर्णय या भुगतान की पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं हुई है।
ग्रामीण क्षेत्रों में जंगली हाथियों की आवाजाही को देखते हुए किसानों का कहना है कि समस्या का स्थायी समाधान जरूरी है। इसके लिए प्रभावित इलाकों की निगरानी बढ़ाने, हाथियों की गतिविधियों की जानकारी समय पर ग्रामीणों तक पहुंचाने और फसल नुकसान का उचित आकलन करने जैसे कदम मददगार हो सकते हैं।
इसके अलावा, ग्रामीणों को हाथियों के झुंड के करीब जाने, उन्हें घेरने या भगाने की कोशिश करने से बचना चाहिए। ऐसी स्थिति में सुरक्षित दूरी बनाए रखना और वन विभाग को सूचना देना अधिक उचित है।
जंगली हाथियों की आवाजाही से ग्रामीणों की बढ़ी चिंता
बिजनौर के बढ़ापुर क्षेत्र में हुई इस घटना ने एक बार फिर किसानों की फसल को जंगली जानवरों से होने वाले नुकसान की समस्या को सामने ला दिया है। गन्ने की खेती पर निर्भर किसानों के लिए 14 बीघा से अधिक फसल का नुकसान गंभीर चिंता का विषय है।
अब देखना होगा कि वन विभाग नुकसान का आकलन करने के बाद आगे क्या कदम उठाता है और प्रभावित किसानों को राहत दिलाने के लिए क्या कार्रवाई की जाती है। फिलहाल, इनायतपुर के किसान अपनी बर्बाद हुई फसल को देखकर परेशान हैं और चाहते हैं कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी व्यवस्था की जाए।

