जालौन: मिशन शक्ति 6.0 के तहत छात्रा प्रियांशी बनीं एक दिन की इंस्पेक्टर, सुनीं फरियादियों की समस्याएं
रिपोर्ट – नवजीत सिंह
जालौन, उत्तर प्रदेश। उत्तर प्रदेश में महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान तथा स्वावलंबन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से चलाए जा रहे मिशन शक्ति अभियान के तहत जालौन जिले में छात्राओं को प्रोत्साहित करने की पहल जारी है। इसी क्रम में माधौगढ़ कोतवाली में मिशन शक्ति फेज 6.0 के अंतर्गत कक्षा 11 की मेधावी छात्रा प्रियांशी को एक दिन का इंस्पेक्टर बनाया गया। इस पहल के माध्यम से छात्रा को पुलिस की कार्यप्रणाली समझने और जिम्मेदारियों का अनुभव प्राप्त करने का अवसर मिला।इस दौरान प्रियांशी ने माधौगढ़ कोतवाली का एक दिन का प्रभार संभालते हुए फरियादियों की समस्याएं सुनीं। साथ ही, उन्होंने संबंधित मामलों में आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। इस गतिविधि का उद्देश्य छात्राओं में आत्मविश्वास बढ़ाना, उन्हें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक करना और पुलिस व्यवस्था से परिचित कराना रहा।
प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार मिश्रा ने कराया दायित्व ग्रहण
माधौगढ़ कोतवाली परिसर में मिशन शक्ति अभियान के अंतर्गत आयोजित कार्यक्रम में प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार मिश्रा ने छात्रा प्रियांशी को एक दिन के इंस्पेक्टर का दायित्व ग्रहण कराया। इस अवसर पर छात्रा को पुलिस की जिम्मेदारियों, थाने की कार्यप्रणाली और आम नागरिकों की शिकायतों के निस्तारण से जुड़ी प्रक्रियाओं को समझने का अवसर मिला।दरअसल, पुलिस की कार्यप्रणाली को करीब से जानना विद्यार्थियों के लिए एक अलग अनुभव होता है। विशेष रूप से छात्राओं के लिए इस तरह की पहल उन्हें यह समझने में मदद करती है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने और नागरिकों की सहायता करने में पुलिस की क्या भूमिका होती है।इसके अलावा, ऐसे कार्यक्रमों से बालिकाओं को सार्वजनिक जीवन में आगे बढ़ने और नेतृत्व क्षमता विकसित करने की प्रेरणा भी मिलती है। मिशन शक्ति अभियान के माध्यम से पुलिस और आम जनता के बीच संवाद को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है।
एक दिन की इंस्पेक्टर बनकर सुनीं फरियादियों की समस्याएं
एक दिन का प्रभार मिलने के बाद छात्रा प्रियांशी ने कोतवाली में आने वाले फरियादियों की समस्याओं को सुना। इस दौरान उन्होंने शिकायतों को समझने और संबंधित मामलों में आवश्यक दिशा-निर्देश देने की प्रक्रिया में भाग लिया।थाने में शिकायत लेकर पहुंचने वाले लोगों की बात सुनना पुलिस की जिम्मेदारियों का महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसे में छात्रा को इस प्रक्रिया से परिचित कराना एक व्यावहारिक अनुभव रहा। इससे उन्हें यह समझने का अवसर मिला कि किसी समस्या को सुनते समय संवेदनशीलता, धैर्य और जिम्मेदारी का ध्यान रखना कितना आवश्यक है।वहीं, मिशन शक्ति के तहत इस तरह की गतिविधियां छात्राओं को कानून और प्रशासनिक व्यवस्था के प्रति जागरूक बनाने में सहायक हो सकती हैं। इससे उन्हें यह भी समझने में मदद मिलती है कि जरूरत पड़ने पर वे अपनी समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों और पुलिस से संपर्क कर सकती हैं।
छात्राओं और महिलाओं को दी मिशन शक्ति की जानकारी
कार्यक्रम के दौरान छात्रा प्रियांशी ने अन्य छात्राओं और महिलाओं को मिशन शक्ति अभियान की जानकारी भी दी। अभियान का प्रमुख उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं को सुरक्षा, सम्मान तथा उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना है।इसके साथ ही, महिलाओं को अपनी समस्याओं के बारे में खुलकर बात करने और जरूरत पड़ने पर सहायता प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित करना भी ऐसे कार्यक्रमों का महत्वपूर्ण पक्ष है। जागरूकता बढ़ने से महिलाएं अपने अधिकारों को बेहतर तरीके से समझ सकती हैं और उपलब्ध सहायता व्यवस्थाओं का उपयोग कर सकती हैं।मिशन शक्ति के अंतर्गत आयोजित गतिविधियां समाज में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करने का माध्यम बन सकती हैं। इसलिए विद्यालयों और शिक्षण संस्थानों की छात्राओं को ऐसे कार्यक्रमों से जोड़ना विशेष महत्व रखता है।
मिशन शक्ति 6.0 का उद्देश्य महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा देना
मिशन शक्ति अभियान महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान तथा सशक्तीकरण से जुड़ी जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से संचालित किया जाता है। इसके अंतर्गत विभिन्न स्तरों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, ताकि महिलाएं अपने अधिकारों, सुरक्षा और सहायता के उपलब्ध माध्यमों के प्रति जागरूक हो सकें।इसी कड़ी में माधौगढ़ कोतवाली में छात्रा को एक दिन का इंस्पेक्टर बनाना केवल सम्मान की गतिविधि नहीं, बल्कि उसे नेतृत्व और जिम्मेदारी का अनुभव देने का प्रयास भी है। जब छात्राओं को प्रशासनिक और पुलिस व्यवस्था को नजदीक से देखने का अवसर मिलता है, तो उनमें आत्मविश्वास बढ़ने के साथ-साथ सामाजिक मुद्दों को समझने की क्षमता भी विकसित हो सकती है।इसके अलावा, ऐसे कार्यक्रम पुलिस के प्रति सकारात्मक संवाद स्थापित करने में भी मदद कर सकते हैं। छात्राएं और महिलाएं पुलिस की कार्यप्रणाली को समझकर अपनी समस्याओं के समाधान के लिए उचित माध्यमों की जानकारी प्राप्त कर सकती हैं।
छात्राओं के आत्मविश्वास को बढ़ाने की पहल
माधौगढ़ कोतवाली में आयोजित इस कार्यक्रम के माध्यम से मेधावी छात्रा प्रियांशी को एक दिन के लिए पुलिस अधिकारी की भूमिका निभाने का अवसर मिला। प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार मिश्रा की मौजूदगी में दायित्व ग्रहण करने के बाद छात्रा ने फरियादियों की समस्याएं सुनने और अन्य महिलाओं तथा छात्राओं को जागरूक करने में भाग लिया।
यह पहल छात्राओं को अपनी क्षमता पहचानने, नेतृत्व कौशल विकसित करने और सामाजिक जिम्मेदारियों को समझने के लिए प्रेरित करती है। साथ ही, इससे महिला सशक्तीकरण के प्रति समाज में सकारात्मक संदेश पहुंचता है।

