बस्ती में शरदकालीन गन्ना बुवाई अभियान का शुभारंभ, किसानों को उन्नत बीज अपनाने की सलाह
रिपोर्ट -राकेश गिरी
बस्ती। बजाज चीनी मिल, रुधौली की ओर से शरदकालीन गन्ना बुवाई अभियान का औपचारिक शुभारंभ किया गया। इस अभियान के माध्यम से क्षेत्र के किसानों को गन्ने की उन्नत प्रजातियों की बुवाई करने, आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने और बेहतर उत्पादन प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। चीनी मिल प्रबंधन ने किसानों को नए बुवाई सत्र के लिए शुभकामनाएं देते हुए गुणवत्तापूर्ण बीजों और वैज्ञानिक पद्धतियों के इस्तेमाल पर विशेष जोर दिया।
इस अभियान का विस्तार बस्ती जनपद के विभिन्न गांवों में किया गया है। इनमें जोगिया, समस्तपुर, मलानी, सैदुल्लापुर, अदमापुर, उपरेला (ए एवं बी), पिरेला (ए एवं बी) और चंदोरवा शामिल हैं। इन गांवों में शरदकालीन गन्ना बुवाई को प्रोत्साहित करने के लिए किसानों से संपर्क किया जा रहा है। साथ ही, उन्हें गन्ने की खेती में बेहतर परिणाम हासिल करने के लिए जरूरी जानकारी भी दी जा रही है।
डॉ. जेपी त्रिपाठी ने खेतों का निरीक्षण कर किया शुभारंभ
शरदकालीन गन्ना बुवाई अभियान के शुभारंभ के अवसर पर बजाज चीनी मिल, रुधौली के इकाई प्रमुख डॉ. जेपी त्रिपाठी ने खेतों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने गन्ने के प्लांट का जायजा लिया और गुलाब के फूलों के साथ औपचारिक रूप से बुवाई अभियान की शुरुआत की। उन्होंने क्षेत्र के किसानों को नए कृषि सत्र के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
डॉ. त्रिपाठी ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि शरदकालीन गन्ना बुवाई कृषि उत्पादन को बेहतर बनाने और किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। हालांकि, इसके लिए सही प्रजाति का चयन, खेत की उचित तैयारी, संतुलित उर्वरक का प्रयोग और फसल की समय पर देखभाल जरूरी है।
उन्होंने किसानों से अपील की कि वे परंपरागत तरीकों के साथ-साथ आधुनिक कृषि तकनीकों को भी अपनाएं। इसके अलावा, गन्ने की खेती से संबंधित वैज्ञानिक सलाह का पालन करें, ताकि फसल की गुणवत्ता में सुधार हो और उत्पादन की संभावनाएं बेहतर बन सकें।
उन्नत गन्ना प्रजातियों की बुवाई पर विशेष जोर
इस वर्ष शरदकालीन गन्ना बुवाई अभियान में किसानों को उन्नत प्रजातियों के बीज अपनाने के लिए विशेष रूप से प्रेरित किया जा रहा है। अभियान के अंतर्गत मुख्य रूप से 0118, 14201, 18231, 16202 और 20016 प्रजातियों पर जोर दिया जा रहा है।
चीनी मिल प्रबंधन के अनुसार, इन प्रजातियों के चयन का उद्देश्य किसानों को बेहतर उत्पादन प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित करना है। हालांकि, किसी भी प्रजाति की वास्तविक उपज खेत की मिट्टी, सिंचाई की उपलब्धता, मौसम, बीज की गुणवत्ता और फसल प्रबंधन जैसे कारकों पर निर्भर करती है। इसलिए किसानों को अपने क्षेत्र की परिस्थितियों के अनुसार उपयुक्त प्रजाति का चयन करना चाहिए।
इसके साथ ही, बुवाई से पहले खेत की अच्छी तरह तैयारी करना, स्वस्थ बीज का इस्तेमाल करना और कृषि विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार खाद एवं उर्वरकों का प्रयोग करना भी महत्वपूर्ण है। सही समय पर निराई-गुड़ाई और सिंचाई करने से फसल के विकास में मदद मिल सकती है। इस प्रकार, वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर किसान गन्ने की खेती को अधिक व्यवस्थित और लाभकारी बनाने की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं।
किसानों को तकनीकी सहायता उपलब्ध कराने पर जोर
कार्यक्रम के दौरान बजाज चीनी मिल के सीनियर गन्ना अधिकारी बाल सिंधु पांडे (गगन) ने कहा कि मिल प्रशासन किसानों को समय पर उच्च गुणवत्ता वाले बीज, खाद और तकनीकी सहायता उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि गन्ने की फसल का बेहतर विकास सुनिश्चित करने के लिए किसानों को आवश्यक जानकारी और मार्गदर्शन उपलब्ध कराना महत्वपूर्ण है।
उन्होंने किसानों को सलाह दी कि वे बुवाई के दौरान निर्धारित कृषि मानकों का पालन करें और फसल में किसी भी प्रकार की समस्या आने पर संबंधित गन्ना अधिकारियों से संपर्क करें। इसके अलावा, किसानों को गन्ने की खेती से जुड़ी नवीन तकनीकों की जानकारी प्राप्त करते रहना चाहिए, जिससे वे उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग कर सकें।
दरअसल, गन्ने की खेती में उत्पादन बढ़ाने के लिए केवल उन्नत बीजों का इस्तेमाल ही पर्याप्त नहीं है। इसके साथ खेत की स्थिति के अनुसार सिंचाई, पोषक तत्वों का संतुलित प्रबंधन और समय पर फसल की निगरानी भी जरूरी है। इसलिए किसानों और चीनी मिल प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय से खेती की उत्पादकता बढ़ाने के प्रयासों को गति मिल सकती है।
कार्यक्रम में गन्ना अधिकारी और प्रगतिशील किसान रहे मौजूद
शरदकालीन गन्ना बुवाई अभियान के शुभारंभ कार्यक्रम में क्षेत्र के प्रगतिशील किसानों के साथ बजाज चीनी मिल के प्रमुख अधिकारी भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में गन्ना अधिकारी अंजनी तिवारी और धर्मराज सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति शामिल हुए। इस अवसर पर बड़ी संख्या में क्षेत्रीय किसानों ने भी सहभागिता की।
कार्यक्रम का प्रमुख उद्देश्य किसानों को शरदकालीन गन्ना बुवाई के प्रति जागरूक करना और उन्हें बेहतर कृषि प्रबंधन के लिए प्रोत्साहित करना रहा। इसके माध्यम से किसानों को उन्नत प्रजातियों, गुणवत्तापूर्ण बीज और तकनीकी मार्गदर्शन के महत्व से अवगत कराया गया।
कुल मिलाकर, बजाज चीनी मिल, रुधौली का यह अभियान क्षेत्र में गन्ने की खेती को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। यदि किसान सही प्रजाति का चयन करने के साथ वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों को अपनाते हैं, तो बेहतर उत्पादन की संभावनाएं बढ़ सकती हैं। वहीं, मिल प्रशासन की ओर से समय पर तकनीकी सहायता और जरूरी संसाधनों की उपलब्धता किसानों के लिए उपयोगी साबित हो सकती है। आगामी बुवाई सत्र में इन प्रयासों का उद्देश्य गन्ना उत्पादन की गुणवत्ता सुधारना और किसानों को खेती से बेहतर आर्थिक लाभ प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित करना है।

